विपक्ष के तमाम हमले और लोकलुभावन वादों के बावजूद कैसे जीते योगी आदित्यनाथ?

उत्तर प्रदेश की राजनीति जातियों के समीकरण पर आधारित है और जो पार्टी इस समीकरण को साधने में कामयाब हो जाती है उसकी जीत तय मानी जाती है। 2022 यूपी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने दोबारा सत्ता हासिल करके इतिहास रचा है।

Arun Kumar SinghPublish: Sat, 12 Mar 2022 10:31 PM (IST)Updated: Sun, 13 Mar 2022 07:41 AM (IST)
विपक्ष के तमाम हमले और लोकलुभावन वादों के बावजूद कैसे जीते योगी आदित्यनाथ?

उत्तर प्रदेश की राजनीति जातियों के समीकरण पर आधारित है और जो पार्टी इस समीकरण को साधने में कामयाब हो जाती है, उसकी जीत तय मानी जाती है। 2022 यूपी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने दोबारा सत्ता हासिल करके इतिहास रचा है। पार्टी ने राज्य के चुनाव में जातीय समीकरण का ऐसा गणित बैठाया कि विपक्ष को समझ ही नहीं आया। कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी की राज्य में बहुत बुरी हालत है, तो वहीं अखिलेश यादव की पार्टी समाजवादी पार्टी ने अपनी सीटें और वोट प्रतिशत बढ़ाकर मजबूत स्थिति में आ गई है।

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में हर कोई अखिलेश यादव की हार और योगी आदित्यनाथ की जीत की बात कर रहा है। अखिलेश इस चुनाव में भले ही हारे हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी की सीटें और वोट प्रतिशत 2017 विधानसभा चुनाव के मुकाबले काफी बढ़ा है। जबकि भाजपा जीतने के बाद भी उनकी सीटें और वोट प्रतिशत घटा है। अब सवाल उठता है कि अखिलेश यादव ने इस चुनाव में अच्छी परफॉर्मेंस दी, इसके बावजूद वह बहुमत हासिल करने में कामयाब क्यों नहीं हुए।

बदा दें कि समाजवादी पार्टी को मुसलमानों का वोट मिला है। इस विधानसभाव चुनाव में 34 मुस्लिम विधायक जीतकर आएं, जिनमें 31 विधायक समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए हैं। ऐसे में हम कह सकते हैं कि चुनाव में मुसलमानों का वोट समाजवादी पार्टी को सिफ्ट हुआ है। इसके अलावा इन्हें यादव का भी पूर्ण रूप से वोट मिला है। लेकिन जो उम्मीद दलित और बाकी जातियों से थी, वहां से इन्हें बहुत कम वोट मिले हैं।

सवाल यह भी उठता है कि योगी आदित्यनाथ की दोबारा जीत के मायने क्या है। विपक्ष के तमाम हमले और लोकलुभावन वादों के बावजूद कैसे जीते योगी और माफियाओं पर नकेल और सुरक्षा का मुद्दा रहा कितना असरदार। इन सभी मुद्दों पर Jagran New Media के एग्जीक्यूटिव एडिटर और चुनावी विशेषज्ञ Pratyush Ranjan ने Koo Studio चुनावी हलचल कार्यक्रम में विश्लेषण किया है।

पांच राज्यों के चुनाव और उसके नतीजों पर राजनेता से लेकर आम जनता तक क्या कुछ कह रहे हैं। इसे जानने के लिए आइए कुछ Koo पोस्ट पर नजर डालते हैं।

पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत के कई मायने है और भगवंत मान सूबे के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। अपने पोस्ट में उन्होंने अपनी पार्टी की जीत शहीद भगत सिंह और बाबा साहब अंबेडकर को समर्पित किया है।

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धूरी के क्रांतिकारी लोगों द्वारा दिया गया जीत का यह फतवा शहीद भगत सिंह जी और बाबा साहब अंबेडकर जी को समर्पित है...

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- Bhagwant Mann (@bhagwantmann) 10 Mar 2022

राजनेता रोहित अग्रवाल अपने Koo पोस्ट में बुलडोजर नाम लेकर सरकार को घेरा है और कहा है कि जनता को बुलडोजर नहीं जनता के हित की सरकार चाहिए।

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लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है अगर जनता को बुलडोजर सरकार पसंद है तो उसको मुबारक हम अभी भी बात करेंगे रोजगार की किसानों की फसल की सही कीमत की महिला सुरक्षा की।. जनता को बुलडोजर नहीं जनता के हित की सरकार चाहिए

- Rohit agarwal (@rohitagarwal85) 10 Mar 2022

एक आम यूजर प्रशांत अपने पोस्ट में जनता की सोच और उनके नजरिये की बात करते हैं।

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#stateelections2022 जनता का विकास के प्रति नजरिया बदल गया है। जनता को मंहगे पेट्रोल डीजल से दिक़्क़त नहीं है बस गुंडागर्दी उन्हें नहीं चाहिए।

- prashant gosavi (@prashant_gosavi) 12 Mar 2022

इस बार के चुनाव में बेरोजगारी का मुद्दा भी काफी उठाया गया। यूजर जग्गी सिंह ने अपने Koo पोस्ट में यही बात कही है।

इसके अतिरिक्त और भी कई लोगों ने माइक्रो ब्लॉगिंग ऐप Koo पर पांचा राज्यों के चुनाव और नतीजे पर अपनी बात कही है। साथ ही, Koo Studio के इस खास शो में और भी कई महत्वपूर्ण राजनीतिक बिंदुओं पर चर्चा की गई है। जिसे आप यहां पर देख सकते हैं-

आप विभिन्न राज्यों के चुनावी हलचल का सटीक विश्लेषण देखने के लिए @dainikjagran को Koo ऐप पर फॉलो करें।

Edited By Arun Kumar Singh

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