Move to Jagran APP

विधानसभा चुनावों पर कोरोना का साया, निर्वाचन आयोग ने पांचों राज्‍यों को लिखा पत्र, जानें क्‍या कहा

पांच राज्‍यों गोवा मणिपुर पंजाब उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनावों पर कोरोना का साया पड़ गया है। निर्वाचन आयोग ने पांचों राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई तेज करने को कहा है।

By Krishna Bihari SinghEdited By: Published: Mon, 03 Jan 2022 03:54 PM (IST)Updated: Tue, 04 Jan 2022 08:15 AM (IST)
विधानसभा चुनावों पर कोरोना का साया, निर्वाचन आयोग ने पांचों राज्‍यों को लिखा पत्र, जानें क्‍या कहा
पांच राज्‍यों में होने वाले विधानसभा चुनावों पर कोरोना का साया पड़ गया है।

नई दिल्‍ली, एजेंसियां/जेएनएन। पांच राज्‍यों गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनावों पर कोरोना का साया पड़ गया है। पांच चुनावी राज्यों में कोरोना की स्थिति का आकलन करने के कुछ ही दिनों बाद चुनाव आयोग ने उनसे टीकाकरण बढ़ाने और चुनाव ड्यूटी पर तैनात किए जाने वाले कर्मियों का पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करने को कहा है। सूत्रों ने बताया कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर और पंजाब के मुख्य सचिवों को हाल में लिखे पत्र में आयोग ने उन्हें याद दिलाया है कि मतदानकर्मी फ्रंटलाइन वर्कर्स की श्रेणी में आते हैं और वे सतर्कता (प्रिकाशन) डोज के पात्र हैं। 

loksabha election banner

निर्वाचन आयोग ने पांचों राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई तेज करने को कहा है। आयोग ने राज्‍यों से कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान को तेज करने के निर्देश दिए हैं। यही नहीं निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने मणिपुर में कोविड-19 रोधी पहली खुराक के कम प्रतिशत पर भी चिंता जताई है। 

याद दिला दें कि 27 दिसंबर को चुनाव आयोग ने केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण के साथ पांचों चुनावी राज्यों की कोरोना स्थिति का आकलन किया था। इसमें इस बात पर संज्ञान लिया गया था कि उत्तर प्रदेश, पंजाब और मणिपुर में टीके की पहली डोज लेने वालों की संख्या अभी भी कम है जबकि उत्तराखंड और गोवा में यह 100 प्रतिशत के नजदीक पहुंच रही है।

सूत्रों का कहना है कि निर्वाचन आयोग ने ओमिक्रोन के खतरे को देखते हुए कोरोना प्रोटोकाल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निश्चय भी किया है। सूत्रों की मानें तो निर्वाचन आयोग की ओर से जारी होने वाला कोविड प्रोटोकाल राजनीतिक दलों, मतदान कर्मचारियों और मतदाताओं पर समान रूप से लागू होगा। सूत्रों की मानें तो उल्लंघन करने वाले नेताओं पर कुछ पाबंदियां लग सकती हैं तो मतदान स्‍थल पर बिना मास्‍क के पहुंचने वाले मतदाताओं को वोट डालने से रोका भी जा सकता है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट- चुनाव में कोरोना को लेकर लागू हो सकते हैं ये नियम

सनद रहे आल इंडिया बार एसोसिएशन (All India Bar Association, AIBA) ने भी कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के तेज संक्रमण को देखते हुए निर्वाचन आयोग को एक ज्ञापन भेजकर गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों को स्थगित करने का अनुरोध किया है। एसोसिएशन (AIBA) का कहना है कि आजकल चुनावी रैलियों में बिना कोविड प्रोटोकाल का पालन किए बड़ी संख्या में लोग जमा हो रहे हैं। ऐसे में राज्यों में चुनाव स्थगित नहीं किए जाते हैं तो तमाम प्रयासों के बावजूद देश में फिर से लाखों लोग मारे जाएंगे। पढ़ें पूरी रिपोर्ट- आल इंडिया बार एसोसिएशन ने निर्वाचन आयोग से लगाई यह गुहार

उल्‍लेखनीय है कि कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट के बढ़ते मामलों के कारण सुप्रीम कोर्ट ने भी सोमवार (तीन जनवरी) से दो हफ्ते के लिए सभी सुनवाई वर्चुअल माध्यम से करने का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने एक सर्कुलर जारी कर इस फैसले की घोषणा की। सर्कुलर में कहा गया है कि फिजिकल मोड में सुनवाई (हाईब्रिड सुनवाई) के लिए सात अक्टूबर, 2021 को जारी संशोधित स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) फिलहाल स्थगित रहेगी। सात अक्टूबर, 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने फिजिकल मोड में सुनवाई करने का निर्णय लिया था।


Jagran.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण खबरेंWhatsApp चैनल से जुड़ें
This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.