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डीजीपी ने कहा- हिरासत में रखे गए व्यक्ति के मानवाधिकारों का ध्यान रखें पुलिसकर्मी

पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह ने परिपत्र जारी कर कहा कि पुलिस हिरासत में रखे गए व्यक्ति के मानवाधिकारों का ध्यान रखा जाए।

Bhupendra SinghSat, 19 Oct 2019 09:48 PM (IST)
डीजीपी ने कहा- हिरासत में रखे गए व्यक्ति के मानवाधिकारों का ध्यान रखें पुलिसकर्मी

राज्य ब्यूरो, जयपुर। हिरासत में मौतों की सामने आई घटनाओं को देखते हुए राजस्थान के पुलिस महानिदेशक ने पुलिसकर्मियो को निर्देश दिए हैं कि हिरासत में रखे गए व्यक्ति के मानवाधिकारों का ध्यान रखा जाए। इसके साथ ही हिरासत में मौत जैसे मामलों को टालने के लिए 15 बिन्दु भी निर्धारित किए गए है और इनकी सख्ती से पालना करने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस हिरासत में मौत के मामले में डीजीपी का परिपत्र जारी

राजस्थान में पिछले दिनों हिरासत में मौत के कुछ मामले सामने आए थे। इनमें बारां के एक मामले में तो पूरे थाने के पुलिसकर्मियों को ही बदलना पडा था। अब पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह ने इस मामले में एक परिपत्र जारी कर सभी रेंज महानिरीक्षक एवं पुलिस अधीक्षको को उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी डीके बसु गाइडलाइन की पूर्ण पालन करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही निर्धारित 15 बिंदुओ को थानों में प्रदर्शित करने के लिए भी कहा गया है।

थानों में महिलाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए

परिपत्र में कहा गया है कि ऐसे मामलों में लापरवाही करने पर कडी कार्रवाई की जाएगी। परिपत्र में कहा गया है कि थानों में मुलजिम से लापरवाही पूर्वक पूछताछ तथा संदिग्ध व्यक्तियों को अनावश्यक बिना कानूनी कार्रवाई रोकने के कुछ प्रकरण उजागर हुए हैं, ऐसे में पुलिस हिरासत में लिए गए व्यक्तियों के मानव अधिकारों को ध्यान में रखते हुए आरोपी के साथ मानवीय व्यवहार के साथ ही थानों में महिलाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। विशेष परिस्थितियों के अलावा महिला को रात्रि में थाने में नहीं रखा जाए।

निम्न 15 बिंदुओं का ध्यान रखना होगा

- गिरफ्तार व्यक्ति बीमार या नशे में है तो पहले उपचार कराया जाए और फिर पूछताछ हो।

- पूर्व में आत्महत्या का प्रयास कर चुके व्यक्ति पर विशेष निगरानी रखी जाए

- हिरासत में लेते ही आरोपी की सघन तलाशी ली जाए

- पूछताछ कक्ष में कांच की वस्तुएं, कैची, सुआ, रस्सी इत्यादि ना हो तथा कांच की खिड़कियों से भी दूर रखा जाए।

- हवालात में बंद करते समय संतरी लगातार आरोपी की हरकतों पर निगरानी रखे।

- शौचालय ले जाने से पूर्व शौचालय की सघन तलाशी ली जाए। शौचालय का दरवाजा बंद ना करने दें और शौच के पश्चात हवालात में बंद करते समय पुनः तलाशी ले।

- घायल व्यक्ति या आरोपी को थाने लाने से पूर्व तुरंत इलाज के लिए राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया जाए।

- आरोपी से पूछताछ के दौरान थर्ड डिग्री का प्रयोग न करके वैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की जाए।

- आरोपी से पूछताछ संबंधित अनुसंधान अधिकारी अथवा जिम्मेदार अधिकारी द्वारा ही की जाए। इसका रजिस्टर रखा जाए और रजिस्टर की नियमित चेकिंग पर्यवेक्षण अधिकारी द्वारा की जाए।

- गिरफ्तार व्यक्ति को 24 घंटे में संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाए।

- किसी भी व्यक्ति को अवैध हिरासत में नहीं रखा जाए।

- थाने पर लाने व थाने से रवाना करते समय साथ वाले व्यक्ति का नाम पता रखा जाए।

- हवालात में सफाई के लिए जाते व आते समय सफाई कर्मी की भी पूर्ण तलाशी ली जाए।

- गिरफ्तार व्यक्ति को खाद्य या पेय पदार्थ संतरी की मौजूदगी में ही दिया जाए।

- बंदी को पुलिस हवालात से आवश्यकता होने पर गार्ड इंचार्ज की मौजूदगी में ही बाहर निकाला जाए।

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