कांग्रेस ने लखीमपुर, चीनी घुसपैठ और महंगाई को लेकर केंद्र पर बोला हमला, कार्यसमिति ने पारित किए तीन प्रस्ताव

लखीमपुर खीरी की घटना का जिक्र करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि संसद के रास्ते तीन काले कानूनों को जबरन लाया गया और अब लखीमपुर में भाजपा नेता के बेटे के कृत्य ने पार्टी की मानसिकता को जाहिर कर दिया है।

Dhyanendra Singh ChauhanPublish: Sat, 16 Oct 2021 10:02 PM (IST)Updated: Sat, 16 Oct 2021 10:09 PM (IST)
कांग्रेस ने लखीमपुर, चीनी घुसपैठ और महंगाई को लेकर केंद्र पर बोला हमला, कार्यसमिति ने पारित किए तीन प्रस्ताव

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कांग्रेस कार्यसमिति ने प्रस्ताव पारित कर कहा कि लखीमपुर खीरी में किसानों को कुचले जाने की बर्बर घटना के बाद भी गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा को नहीं हटाया जाना सरकार के अहंकार को प्रदर्शित करता है। कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के साथ हो रहे बर्ताव को लेकर भी सवाल उठाते हुए पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा। कार्यसमिति ने राजनीतिक प्रस्ताव में पूर्वी लद्दाख में चीनी अतिक्रमण से लेकर जम्मू-कश्मीर में आंतरिक सुरक्षा की बढ़ी चुनौती के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए तीखे सवाल उठाए हैं। साथ ही संघीय व्यवस्था पर प्रहार के लिए केंद्र को कठघरे में खड़ा करते हुए राज्यों के अधिकार पर अतिक्रमण को भी पार्टी ने बेहद गंभीर बताया है। सरकार पर देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं और राजनीतिक विरोधियों की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कार्यसमिति ने यह भी कहा है कि भारत अब लोकतांत्रिक नहीं बल्कि चुनावी तानाशाही वाला देश बन गया है। बेलगाम होती महंगाई को लेकर भी अलग प्रस्ताव पारित कर कांग्रेस ने सरकार को आडे़ हाथों लिया है।

कांग्रेस कार्यसमिति से तीनों प्रस्ताव पारित होने से पहले अपने अध्यक्षीय संबोधन में सोनिया गांधी ने इन मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला बोला। लखीमपुर खीरी की घटना का जिक्र करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि संसद के रास्ते तीन काले कानूनों को जबरन लाया गया और अब लखीमपुर में भाजपा नेता के बेटे के कृत्य ने पार्टी की मानसिकता को जाहिर कर दिया है। कार्यसमिति ने इस प्रस्ताव में गृह राज्यमंत्री को नहीं हटाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आलोचना करते हुए कहा है कि सरकार का यह कदम शर्मनाक है। प्रस्ताव में लखीमपुर खीरी घटना के बाद राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के साहस और संघर्ष का संज्ञान लेने की बात भी कही गई है। सोनिया गांधी के तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को प्रस्ताव का हिस्सा बनाते हुए कहा गया है कि जब तक ये तीनों काले कानून वापस नहीं होंगे कांग्रेस किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी। कृषि संकट से जुड़े इस प्रस्ताव में पिछले सात वर्षो में खेती-किसानी की बढ़ी चुनौतियों और एमएसपी में की गई मामूली वृद्धि से किसानों को हो रही दिक्कतों का जिक्र भी किया गया है।

कांग्रेस ने सरकार की आंतरिक सुरक्षा रणनीति की आलोचना की
राजनीतिक प्रस्ताव में बीते 18 महीने से पूर्वी लद्दाख में चीनी अतिक्रमण के गतिरोध का हल नहीं निकलने पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि चीनी सेना ने भारत की जमीन पर अवैध कब्जा जमा रखा है। भारत अपनी जमीन पर पुरानी स्थिति कायम नहीं कर पाया है और चीन का आक्रामक रवैया अब भी जारी है। जम्मू-कश्मीर के बिगड़ रहे सुरक्षा हालात के लिए पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को जिम्मेदार ठहराते हुए कांग्रेस ने सरकार की आंतरिक सुरक्षा रणनीति की आलोचना की है। कहा है कि तालिबान के आने के बाद बढ़े खतरों का आकलन करने में सरकार विफल रही है। कार्यसमिति ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा जल्द बहाल करने की मांग भी उठाई है। असम, मणिपुर और नगालैंड के बीच हुए खुनी विवाद के लिए भी केंद्र को आड़े हाथों लिया गया है।

सरकारी जांच एजेंसियों का बेजा किया जा रहा दुरुपयोग: कांग्रेस

पंजाब और राजस्थान समेत सीमावर्ती राज्यों में सुरक्षा के बहाने 50 किलोमीटर के दायरे में बीएसएफ को पूरा अधिकार दिए जाने को संघीय ढांचे पर प्रहार बताते हुए प्रस्ताव में कहा गया है कि यह राज्यों के अधिकार पर खतरनाक अतिक्रमण है। कांग्रेस इस मसले पर राजनीतिक दलों और अन्य हितधारकों से बात कर इस आदेश को वापस लेने के लिए उचित पहल करेगी। प्रस्ताव में कहा गया है कि मोदी सरकार का लोकतांत्रिक संस्थाओं पर शर्मनाक प्रहार जारी है। संसद की गरिमा को कम किया जा रहा है। सूचना आयोग, चुनाव आयोग, मानवाधिकार आयोग जैसी स्वतंत्र संस्थाओं को बेमतलब बना दिया गया है। मीडिया और एनजीओ को डरा-धमका कर उनकी आवाज बंद कर दी गई है। सरकारी जांच एजेंसियों का बेजा दुरुपयोग किया जा रहा है। इसलिए भारत को आज लोकतंत्र के बजाय चुनावी तानाशाही के रूप में देखा जा रहा है। कार्यसमिति ने कहा है कि सरकार के इन प्रयासों के खिलाफ कांग्रेस पूरी ताकत से लड़ती रहेगी। महंगाई पर लाए गए तीसरे प्रस्ताव में पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस की कीमतों में लगातार जारी बेलगाम बढ़ोतरी की जमकर आलोचना करते हुए सरकार के रुख को जनता के साथ क्रूरता बताया गया है। इनके दाम कम करने के साथ ही सरकार से महंगाई घटाने के लिए भी तत्काल कदम उठाने को कहा गया है।

Edited By Dhyanendra Singh Chauhan

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