Gujarat riots: नरेन्‍द्र मोदी के खिलाफ चलाए गए अभियान में अकेली शामिल नहीं थीं तीस्ता सीतलवाड़, भाजपा ने बताए बाकी किरदार..?

भाजपा ने शनिवार को आरोप लगाया कि 2002 के गुजरात दंगों को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के खिलाफ चलाए गए अभियान में सामाजिक कार्यकर्ता (Teesta Setalvad) की अकेली नहीं थी। इसके पीछे कुछ दूसरे भी किरदार थे...

Krishna Bihari SinghPublish: Sat, 25 Jun 2022 11:11 PM (IST)Updated: Sun, 26 Jun 2022 06:39 AM (IST)
Gujarat riots: नरेन्‍द्र मोदी के खिलाफ चलाए गए अभियान में अकेली शामिल नहीं थीं तीस्ता सीतलवाड़, भाजपा ने बताए बाकी किरदार..?

नई दिल्‍ली, एजेंसियां। गुजरात दंगों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले में गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) चलाने वाली तीस्ता सीतलवाड़ के बारे में की गई टिप्पणी का उल्लेख करते हुए भाजपा ने शनिवार को कांग्रेस और उसकी अध्यक्ष सोनिया गांधी पर हमला बोला। पार्टी ने कहा कि तीस्ता के जरिये सोनिया गांधी और उनकी पार्टी तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ अभियान चला रही थीं। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि शीर्ष अदालत ने अपने छिपे मंसूबों को पूरा करने के लिए दंगे के मामले को जिंदा रखने के लिए जिम्मेदार लोगों की आलोचना करते हुए तीस्ता का नाम लिया था।

गढ़ी थी भयानक कहानी 

संबित पात्रा ने कहा कि अदालत ने कहा था कि प्रक्रिया का दुरुपयोग करने वाले सभी लोगों को कठघरे में खड़ा करने की जरूरत है। रिकार्ड का हवाला देते हुए पात्रा ने कहा कि तीस्ता और उनके एनजीओ ने कथित रूप से कुछ दंगा पीडि़तों के साथ बुरे सुलूक की कुछ ऐसी भयावह कहानी गढ़ी थी, जो बाद में गलत साबित हुई। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि तीस्ता पर दंगा पीडि़तों के लिए एकत्र धन का निजी सुख और आराम के लिए इस्तेमाल करने का भी आरोप लगा है।

लगाए गए थे झूठे आरोप 

संबित पात्रा ने कहा- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मोदी जी को क्लीन चिट दिया इस विषय में पार्टी ने प्रेस कांफ्रेस भी किया, गृह मंत्री जी को इस विषय पर आप सभी ने विस्तार से सुना भी है। आप सभी ने देखा कि 20 वर्षों तक भारत के प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी जी ने किस प्रकार से विषपान किया, किस प्रकार से उनके ऊपर 2002 के गुजरात दंगों को लेकर झूठे आरोप लगाए गए।

जान बूझ कर एक झूठी कहानी बनाई

पात्रा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ऐसे तमाम लोग, जिन लोगों ने खिलवाड़ किया, जिन लोगों ने षड्यंत्र रचे उनको भी कानून के मुताबिक न्यायालय के सामने आना होगा और कानून का सामना करना पड़ेगा। तीस्ता सीतलवाड़ जैसे कुछ लोग जो आज डिटेन हुए हैं, इन लोगों ने जान बूझ कर एक झूठी कहानी बनाई है, ये सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पड़ी की है। सुप्रीम कोर्ट ने बाकायदा अपने जजमेंट में तीस्ता सीतलवाड़ का नाम लिया है।

देश को बरगलाने का काम किया

भाजपा प्रवक्‍ता ने कहा कि गुजरात के दंगों को लेकर किस प्रकार से तीस्ता सीतलवाड़ एंड कंपनी ने देश को बरगलाने का काम किया, इसके मैं कुछ उदाहरण रखूंगा। जाकिया जाफरी और उसके साथ कई गवाहों को तीस्ता सीतलवाड़ की NGO निर्देश दे रही थी। आपको जानकार आश्चर्य होगा कि तीस्ता सीतलवाड़ अकेली नहीं थी। ये जो लोग, इन लोगों ने भारत की न्याय प्रणाली के साथ धोखा किया, जिनके विषय में कल सख्त टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने किया है, इसके पीछे ड्राइविंग फोर्स सोनिया गांधी और कांग्रेस पार्टी थी।

अभियान के पीछे तीस्ता अकेली नहीं

भाजपा प्रवक्‍ता ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार, खासकर शिक्षा मंत्रालय ने तीस्ता सीतलवाड़ के एनजीओ को 1.4 करोड़ रुपये दिए थे। इस धन का उपयोग मोदी के खिलाफ अभियान चलाने और भारत को बदनाम करने के लिए किया गया। इस अभियान के पीछे तीस्ता अकेली नहीं थीं। सोनिया गांधी और कांग्रेस तीस्ता के पीछे थी। तीस्ता नेशनल एडवाइजरी काउंसिल की भी सदस्य थीं, जिसकी अध्यक्ष सोनिया गांधी थीं। भाजपा प्रवक्ता ने पूछा कि तीस्ता सीतलवाड़ जिस तरह के झूठ और भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार थीं, वह सरकार के समर्थन के बिना संभव था।

Edited By Krishna Bihari Singh

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