Gehlot vs Pilot: कांग्रेस चिंतन शिविर से भी कम नहीं हुई गहलोत और पायलट खेमे की कलह

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित सभी वरिष्ठ नेताओं ने गुटबाजी खत्म कर एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरने का आह्वान किया लेकिन राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट खेमे की कलह खत्म होती नजर नहीं आ रही है।

Arun Kumar SinghPublish: Tue, 17 May 2022 07:15 PM (IST)Updated: Tue, 17 May 2022 07:15 PM (IST)
Gehlot vs Pilot: कांग्रेस चिंतन शिविर से भी कम नहीं हुई गहलोत और पायलट खेमे की कलह

नरेन्द्र शर्मा, जयपुर। राजस्थान में विधानसभा चुनाव करीब डेढ़ साल बाद होने हैं। विधानसभा चुनाव में पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन करने को लेकर उदयपुर में कांग्रेस के नव चिंतन संकल्प शिविर में रणनीति बनाई गई। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित सभी वरिष्ठ नेताओं ने गुटबाजी खत्म कर एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरने का आह्वान किया, लेकिन राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट खेमे की कलह खत्म होती नजर नहीं आ रही है।

तीन दिवसीय चिंतन शिविर में गहलेत और पायलट खेमे की कलह साफ नजर आई। दोनों नेता एक-दृसरे से दूर रहे। शिविर शुरू होने से एक दिन पहले उदयपुर से पायलट के होर्डिंग्स और पोस्टर हटा दिए गए। इस बात की शिकायत उनके समर्थकों ने कांग्रेस नेतृत्व तक पहुंचाई। शिविर की व्यवस्थाओं को संभालने का पूरा जिम्मा गहलोत खेमे के नेताओं के पास था। पायलट समर्थक एक भी नेता को शिविर स्थल तक नहीं पहुंचने दिया गया।

दोनों के बीच बढ़ती कलह का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मंगलवार को जयपुर में कांग्रेस की गौरव यात्रा के कार्यक्रम में गहलोत ने अपने संबोधन में पायलट खेमे की बगावत को याद किया। गहलोत ने कहा,विधायक साथ थे इसलिए सरकार गिराने का षडयंत्र सफल नहीं हो सका। इस मुददे को लेकर गहलोत कई बार पायलट पर कटाक्ष कर चुके हैं।

पायलट खेमे का बदलाव को लेकर दबाव

हमेशा युवाओं को सत्ता और संगठन में महत्व देने का मुददा उठाने वाले पायलट ने चिंतन शिविर के दौरान और बाद में अपनी मांग को दोहराया। चिंतन शिविर में 50 साल से कम उम्र के लोगों को सत्ता व संगठन मे पद दिए जाने का संकल्प लिया गया तो पायलट की मुहिम को बल मिला। पायलट समर्थक मंत्री और विधायक आगामी दिनों में अपनी मांग को लेकर मुहिम तेज कर सकते हैं।

पायलट के विश्वस्त विधायक वेदप्रकाश सोलंकी इस मुहिम की कमान संभालने की तैयारी कर रहे हैं। उधर शिविर की सफलता से गहलोत खेमे के नेता खुश हैं। गहलोत के विश्वस्त पर्यटन निगम के अध्यक्ष धर्मेंन्द्र राठौड़ गहलोत खेमे के नेताओं को एकजुट करने में जुटे हैं।

निर्णय को क्रियान्वित करने की प्रक्रिया शुरू

चिंतन शिविर में 50 फीसदी पद युवाओं को देने और अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं को पार्टी में महत्व देने के निर्णय के दो दिन बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने जिला कांग्रेस अध्यक्षों को पत्र लिखकर निर्णय के अनुसार पद भरने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एक परिपत्र जारी कर कहा कि जिला कांग्रेस कमेटियों की कार्यकारिणी में 50 फीसदी पद युवाओं से भरे जाएं। महिलाओं, अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के नेताओं को भी पद दिए जाएं ।

Edited By Arun Kumar Singh

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