AIADMK की बैठक को पन्नीरसेल्वम ने बताया नियमों का उल्लंघन, कहा- नहीं दी है इसके लिए मंजूरी

AIADMK में एकल नेतृत्व ( single leadership) को लेकर चल रहे विवाद के बीच पन्नीरसेल्वम ने पार्टी के शीर्ष नेताओं की आज होने वाली बैठक को नियमों का उल्लंघन करार दिया है। उन्होंने कहा कि बैठक के लिए संयोजक की मंजूरी जरूरी है जो उन्होंने नहीं दी है।

Monika MinalPublish: Mon, 27 Jun 2022 11:37 AM (IST)Updated: Mon, 27 Jun 2022 11:37 AM (IST)
AIADMK  की बैठक को पन्नीरसेल्वम ने बताया नियमों का उल्लंघन, कहा- नहीं दी है इसके लिए मंजूरी

चेन्नई, एएनआइ। चेन्नई के पार्टी मुख्यालय में सोमवार को अन्नाद्रमुक (All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam, AIADMK) के शीर्ष नेताओं की होने वाली बैठक को पार्टी के संयोजक ओ पन्नीरसेल्वम (O Panneerselvam) ने उल्लंघन करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस बैठक के लिए संयोजक (coordinator) और सह संयोजक (co-coordinator) दोनों की सहमति आवश्यक है। AIADMK में एकल नेतृत्व ( single leadership) को लेकर चल रहे विवाद के बीच यह नया मामला सामने आया है। यह विवाद तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के सहसंयोजक एडापडी के पलानीस्वामी (EPS) और उनके पूर्व उप मुख्यमंत्री व संयोजक ओ पन्नीरसेल्वम (OPS) के बीच है।

पार्टी के कोषाध्यक्ष OPS ने कहा कि AIADMK का संयोजक होने के नाते इस बैठक के लिए किसी तरह की मंजूरी नहीं दी है। ऐसे में यदि बैठक होती है तो यह नियमों का उल्लंघन होगा। 23 जून को पार्टी के आम परिषद की बैठक में तमिल मगन हुसैन को AIADMK को चेयरमैन नियुक्त किया गया। बैठक में 23 प्रस्तावों को खारिज कर दिया गया और आगामी बैठक के लिए 11 जुलाई की तारीख निर्धारित की गई। 

2016 तक तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता ही एकमात्र AIADMK का नेतृत्व करती रहीं। जन उनका निधन 2016 में हो गया तब पार्टी ने मुख्यमंत्री के पद पर OPS को नियुक्त करने का फैसला लिया था। वहीं 2017 के फरवरी में हुए राज्य चुनाव में AIADMK को करारी शिकस्त मिली और जयललिता की करीबी शशिकला ने नेतृत्व का फैसला ले लिया। इसके बाद मुख्यमंत्री के पद से OPS को हटा दिया गया और यह पद EPS को दिया गया। इससे AIADMK के भीतर काफी समस्या शुरू हो गई। कुछ समय बाद OPS को AIADMK का संयोजक और EPS को सह संयोजक नियुक्त किया गया। डुअल नेतृत्व के साथ AIADMK को चलाया जा रहा था। लेकिन अब इसे बदलकर एकल नेतृत्व करने की मांग की जा रही है और सबकी निगाहें 11 जुलाई को होने वाली आम परिषद की बैठक पर है।

Edited By Monika Minal

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