मीनाक्षी लेखी ने यूएनजीए अध्यक्ष से यूक्रेन युद्ध और ऊर्जा संकट पर की चर्चा, वैश्विक खाद्य संकट और अफगानिस्तान मुद्दे पर भी विमर्श

विदेश राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 76वें सत्र के अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद से कई ज्‍वलंत मुद्दों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने यूक्रेन-रूस युद्ध के साथ साथ अफगानिस्तान के मसले पर भी बातचीत की।

Krishna Bihari SinghPublish: Sat, 07 May 2022 05:43 PM (IST)Updated: Sat, 07 May 2022 05:43 PM (IST)
मीनाक्षी लेखी ने यूएनजीए अध्यक्ष से यूक्रेन युद्ध और ऊर्जा संकट पर की चर्चा, वैश्विक खाद्य संकट और अफगानिस्तान मुद्दे पर भी विमर्श

संयुक्त राष्ट्र, पीटीआइ। विदेश राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 76वें सत्र के अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद से यूक्रेन-रूस युद्ध तथा इसके कारण पैदा हुए वैश्विक खाद्य व ऊर्जा संकट पर विमर्श किया। दोनों नेताओं ने अफगानिस्तान के मुद्दे पर भी चर्चा की। चिली के दौरे के बाद न्यूयार्क पहुंचीं लेखी ने शुक्रवार को ट्वीट किया, 'संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद से मुलाकात शानदार रही। हमने यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर खाद्य, ऊर्जा, पर्यटन व अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में पैदा हुए संकट तथा अफगानिस्तान के मुद्दे पर चर्चा की।'

मेट्रोपालिटन म्यूजियम आफ आर्ट का दौरा किया

वहीं अब्दुल्ला शाहिद ने ट्वीट किया, 'हमने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र के एजेंडे में शामिल विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।' लेखी ने मेट्रोपालिटन म्यूजियम आफ आर्ट का भी दौरा किया और उसके पदाधिकारियों से भारत-अमेरिका कला एवं संग्रहालय सहयोग के मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने आजादी के अमृत महोत्सव में सहयोग के लिए संग्रहालय की टीम को धन्यवाद भी दिया। विदेश राज्यमंत्री ने न्यूयार्क स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास में अभिनेता जुगल हंसराज की बाल पुस्तक 'द काउवर्ड एंड द स्वोर्ड' पर आधारित एक सत्र को भी संबोधित किया।

कूटनीति व संवाद का रास्ता ही हो एकमात्र विकल्प

भारत ने यूक्रेन में दिनोंदिन खराब होते हालात को लेकर एक बार फिर गहरी चिंता जताते हुए कूटनीति व संवाद के जरिये इसका समाधान निकालने के अपने रुख को दोहराया। रूस ने शुक्रवार को सुरक्षा परिषद अरिया-सूत्र की बैठक की मेजबानी की, जिसमें यूक्रेन की सेना व मिलिशिया द्वारा कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के गंभीर उल्लंघनों के साथ-साथ उनके द्वारा किए गए अन्य युद्ध अपराधों को लेकर चर्चा की गई।

खून बहाकर नहीं निकाला जा सकता समाधान

संयुक्त राष्ट्र स्थित भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर प्रतीक माथुर ने कहा, 'भारत मानता है कि खून बहाकर व निर्दोषों के जीवन की कीमत पर इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला जा सकता है। हमने इस युद्ध की शुरुआत से ही इस बात पर जोर दिया है कि कूटनीति व बातचीत का रास्ता ही एकमात्र व्यावहारिक विकल्प होना चाहिए।' माथुर ने कहा कि भारत बुका में आम लोगों की हत्या की कड़ी निंदा करता है और इसकी स्वतंत्र जांच के आह्वान का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि भारत एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस के रूस व यूक्रेन दौरे का स्वागत करता है। 

Edited By Krishna Bihari Singh

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