विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला बोले- अफगान संकट का बातचीत से निकालना चाहिए समाधान, अपने हितों की रक्षा के लिए भारत सक्रिय

विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बुधवार को कहा कि अफगानिस्तान की स्थिति को लेकर भारत अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ सक्रिय है और संपर्क बनाए हुए है ताकि उसके वृहत हितों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। पढ़ें विदेश सचिव का पूरा बयान...

Krishna Bihari SinghPublish: Wed, 24 Nov 2021 09:16 PM (IST)Updated: Wed, 24 Nov 2021 09:27 PM (IST)
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला बोले- अफगान संकट का बातचीत से निकालना चाहिए समाधान, अपने हितों की रक्षा के लिए भारत सक्रिय

नई दिल्ली, पीटीआइ। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बुधवार को कहा कि भारत को यह देखना होगा कि अफगानिस्तान की कठिन परिस्थिति में अपने हितों की सुरक्षा करते हुए कैसे बेहतर ढंग से आगे बढ़ा जा सकता है। उद्योग परिसंघ के सत्र को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए श्रृंगला ने कहा, 'तालिबान यह मानता है कि पिछले 20 वर्षों में अफगानिस्तान के विकास में भारत का अहम योगदान रहा है। वह भारत से अपने देश के लिए मानवीय सहायता की चाहत रखता है।

भारत ने दोहा और मास्को में तालिबान से संपर्क स्थापित किया था। तालिबान चाहता है कि भारत, अफगानिस्तान में फिर से अपना दूतावास स्थापित करे।' विदेश सचिव ने कहा कि अफगानिस्तान की स्थिति को लेकर भारत अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ सक्रिय है और संपर्क बनाए हुए है, ताकि उसके वृहत हितों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अफगानिस्तान के संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2,593 का जिक्र करते हुए उसे लाभकारी बताया।

इस बीच श्रृंगला ने अफगानिस्तान संकट का बातचीत के जरिये समावेशी राजनीतिक समाधान निकालने की जरूरत को दोहराते हुए कहा कि उसकी धरती का किसी दूसरे देश को नुकसान पहुंचाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

विदेश सचिव ने कहा कि अफगानिस्तान की अशरफ गनी सरकार के पतन व तालिबान द्वारा काबुल पर असानी से कब्जा किए जाने के बाद भारत थोड़ी असहज स्थिति में था, क्योंकि इसकी उम्मीद नहीं थी। उन्होंने बताया कि कतर में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अगस्त के आखिर में तालिबान नेता शेर मुहम्मद अब्बास स्टेनकजई से मुलाकात की थी। तालिबान का रवैया काफी सकारात्मक रहा था।

विदेश सचिव ने कहा कि अफगानिस्तान में मानवीय सहायता प्रदान करने की जरूरत है तथा वहां महिलाओं, बच्चों व अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए। श्रृंगला ने कहा कि ये बुनियादी मानदंड हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को देखना होगा कि अफगानिस्तान की वर्तमान सत्ता इसके प्रति जवाबदेह हो। 

Edited By Krishna Bihari Singh

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