अपने पसंदीदा टॉपिक्स चुनें
Dainik Jagran Hindi News
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
OK

घट रही गोवर्धन पर्वत की ऊंचाई, वजह है बेहद रोचक, देखें तस्वीरें

7 Photos Published Fri, 20 Oct 2017 10:40 AM (IST)
//www.jagranimages.com/images/govardhan-main_2017_10_20_10511_s.jpg

गोवर्धन पर्वत की कहानी बेहद रोचक है। यह वही पर्वत है जिसे भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी एक अंगुली पर उठा लिया था और लोगों की रक्षा की थी। माना जाता है कि 5000 साल पहले यह पर्वत 30 हजार मीटर ऊंचा हुआ करता था। अब इसकी ऊंचाई बहुत कम हो गई है। इसके रोज घटने के पीछे भी एक रोचक कहानी है।

//www.jagranimages.com/images/govardhan-parvat_2017_10_20_105124_s.jpg

गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा

परंपरा के अनुसार गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा लगाने का प्रचलन है। दूर-दूर से भक्तजन गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने आते हैं। यह परिक्रमा लगभग 21 किलोमीटर की है। परिक्रमा जहां से शुरू होती है वहीं एक प्रसिद्ध मंदिर भी है जिसे दानघाटी मंदिर कहा जाता है।

//www.jagranimages.com/images/govardhan-puja_2017_10_20_105134_s.jpg

भगवान श्रीकृष्ण की लीलास्थली है

जब आप परिक्रमा करने आएंगे, उस दौरान आपके रास्ते में कई प्राचीन और धार्मिक स्थल आते हैं, जिसमें से एक वह स्थान भी है, जहां से भगवान कृष्‍ण ने इस पर्वत को उठा लिया था। दरअसल, यह पर्वत भगवान श्रीकृष्ण की लीलास्थली है।

//www.jagranimages.com/images/govardhan-pics_2017_10_20_105150_s.jpg

पर्वत को गिरिराज पर्वत भी कहते हैं

भगवान श्रीकृष्ण ने द्वापर युग में ब्रजवासियों को इन्द्र के प्रकोप से बचाने के लिए इसी गोवर्धन पर्वत को अपनी तर्जनी अंगुली पर उठा लिया था। गोवर्धन पर्वत को गिरिराज पर्वत भी कहते हैं।

//www.jagranimages.com/images/worship-govardhan_2017_10_20_10521_s.jpg

घट रहा है आकार

आज इस पर्वत की ऊंचाई काफी कम दिखाई देती है, लेकिन हजारों साल पहले यह बहुत ऊंचा और विशाल पर्वत था। इस पर्वत की ऊंचाई लगातार घट रही है, इस संबंध में शास्त्रों में एक कथा बताई गई है। इस कथा के अनुसार गोवर्धन पर्वत को घटने के लिए एक ऋषि ने श्राप दिया था।

//www.jagranimages.com/images/gowardhan-photo_2017_10_20_105216_s.jpg

क्यों दिया था ऋषि ने पर्वत को श्राप

बेहद पुरानी मान्यता है कि गिरिराजजी की सुंदरता को देख पुलस्त्य ऋषि बेहद खुश हुए। उन्होंने इन्हें द्रोणांचल पर्वत से उठाया और अपने यहां ले जाने लगे। उठाने से पहले गिरिराजजी ने कहा था कि आप मुझे जहां भी पहली बार रखेंगे मैं वहीं स्थापित हो जाउंगा। रास्ते में साधना के लिए ऋषि ने पर्वत को नीचे रख दिया।

//www.jagranimages.com/images/govardhan-mountain_2017_10_20_105229_s.jpg

ऋषि की लाख कोशिशों के बाद भी पर्वत हिला नहीं। इसके बाद गुस्से में ऋषि ने पर्वत को शाप दिया कि वह रोज कम होगा। माना जाता है कि उसी समय से गिरिराज जी वहां हैं और कम होते जा रहे हैं।

राज्य चुनें
  • उत्तर प्रदेश
  • पंजाब
  • दिल्ली
  • बिहार
  • उत्तराखंड
  • हरियाणा
  • मध्य प्रदेश
  • झारखण्ड
  • राजस्थान
  • जम्मू-कश्मीर
  • हिमाचल प्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • पश्चिम बंगाल
  • ओडिशा
  • महाराष्ट्र
  • गुजरात
आपका राज्य