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बेटे केट्टम की बलैयां लेते नहीं थकतीं मीना किसपो्टटा

दस दिनों तक पानी की टंकी में रहने के बाद अपने लाल को वापस पाने को बंडामुंडा के डुमेरता स्थित सिनेमा टोली की निवासी मीना किसपोट्टा भगवान का चमत्कार मानती हैं। जिसमें अपने जिगर के टुकड़े केटट्टम किसपोट्टा की बलैयां लेते वे शायद ही थकतीं हों।

JagranFri, 30 Aug 2019 06:48 AM (IST)
बेटे केट्टम की बलैयां लेते नहीं थकतीं मीना किसपो्टटा

संवाद सूत्र, बिसरा : दस दिनों तक पानी की टंकी में रहने के बाद अपने लाल को वापस पाने को बंडामुंडा के डुमेरता स्थित सिनेमा टोली की निवासी मीना किसपोट्टा भगवान का चमत्कार मानती हैं। जिसमें अपने जिगर के टुकड़े केटट्टम किसपोट्टा की बलैयां लेते वे शायद ही थकतीं हों। वहीं इस टंकी से सही-सलामत निकले केट्टम किसपोट्टा का कहना था कि एक लाख 30 हजार गैलन की क्षमता वाले इस टंकी में फंसने के बाद उसने जिदा बाहर निकलने की आस ही छोड़ थी। हर वक्त वह भगवान से दुआ मांगता था की टंकी कभी पूरा नहीं भरे, अगर टंकी पूरी भर जाती तो उसकी चमत्कारी कहानी हमारे सामने नहीं होती। केट्टम बताता है कि टंकी में दस दिन के वह दस रातों खौफनाक रातों को भी याद करता है। रात के अँधेरे में अकेले इतनी बड़ी टंकी के अन्दर या फिर आसपास छोटी सी आवाज भी उसे डरा जाती थी, डर ऐसा की उसकी धड़कन तेज हो जाती थी। लेकिन बुधवार की सुबह ने उसे एक नयी जिदगी दी जिसे वह ताउम्र याद रखेगा। इस घटना के बाद मां ने बेटे पर नजर रखनी शुरू कर दी है। वहीं शरारती बेटे ने भी शरारत करने से तौबा कर ली है।

Edited By Jagran

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