सुरेंद्र साय जयंती पर नाटक 'माटी र पूता' का मंचन

सुरेंद्र साय जयंती पर नाटक माटी र पूता का मंचन

JagranPublish: Tue, 25 Jan 2022 07:06 AM (IST)Updated: Tue, 25 Jan 2022 07:06 AM (IST)
सुरेंद्र साय जयंती पर नाटक 'माटी र पूता' का मंचन

संसू, ब्रजराजनगर : बेलपहाड़ की प्रसिद्ध नाट्य संस्था मिरर थिएटर द्वारा रविवार को इलाके के नामी गिरामी स्वतंत्रता सेनानी वीर सुरेंद्र साय की जयंती पर सुभाष चंद्र प्रधान द्वारा लिखित व निर्देशित नाटक 'माटी र पूता' अर्थात मिट्टी के सुपुत्र का मंचन किया गया। देश के स्वतंत्रता संग्राम में वीर सुरेंद्र साय के जीवन संघर्षों को इस नाटक में दर्शाया गया है। नाटक में दिखाया गया है कि इलाके के दो समाजसेवी वीर सुरेंद्र साय की जीवनी को लोगों के सामने लाने के लिए उनके गांव खिडा जाते हैं। वहां पर स्वप्न में उनकी मुलाकात सुरेंद्र साय से होती है तथा वे स्वयं अपने जीवन संघर्षों की कहानी बयान करते हैं। वे बताते हैं कि किस तरह उनके साथी दयानिधि मेहेर ने धोखे से उन्हें गिरफ्तार करवा दिया था। लगातार 37 वर्षो तक जेल में रहने तथा ब्रिटिश सरकार से संघर्ष करने के उपरांत भी अपनी जन्मभूमि को स्वाधीन न करा पाने के लिए उन्होंने क्षोभ व्यक्त किया । मिरर थिएटर के कलाकार चितामणि मेहेर, कान्हा बगर, सौभाग्यरंजन साहू, लब प्रधान तथा सबिता दास के सजीव अभिनय ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा । इस अवसर पर क्रीड़ा जगत में विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले बेलपहाड़ के फुटबाल खिलाड़ी नारायण अदावर तथा गणेश्वर भोई को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र दास ने आज की शाम के मुख्य अतिथि थे। आरसेटी प्रशिक्षण केंद्र के निर्देशक राज कुमार साहू, धर्मवीर शर्मा, लघु चलचित्र निर्माता आलोक त्रिपाठी, सांसद प्रतिनिधि तपनकान्त जेना, बीजद के पूर्व नगर अध्यक्ष राजेश भोई, नाट्य निर्देशक आनंद महाकुड़ तथा शरत साहू इत्यादि ने सम्मानित अतिथि का दायित्व निभाया। मिरर थिएटर के संस्थापक सुभाष प्रधान ने संस्था के कार्यकलापों की जानकारी दी । कार्यक्रम का संचालन संतोष साहू ने किया तथा अंत में भरत विश्वाल ने धन्यावद ज्ञापन किया। कार्यक्रम के आयोजन में जेनामणि सेठ, गौरी शंकर कुम्भार, डॉ दिलीप नायक, अभिमन्यु सा, सरोज मिर्धा, संतोष साहू, सरस्वती प्रधान, रंजीता बिस्वाल, भवेश प्रधान, परमेस्वर मरई, पंकज कुमार, सोनिया बेहेरा, जितेंद्र प्रधान, पंचानन मिश्र तथा दीनबंधु विश्वाल आदि ने आवश्यक सहयोग प्रदान किया।

Edited By Jagran

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