Odisha: लोन के नाम पर 11 लाख की ठगी के आरोप में दो गिरफ्तार

Odisha कटक साइबर थाना पुलिस ने लोन के नाम पर 11 लाख की ठगी के आरोप में बिहार के दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। इनके पांच बैंक अकाउंट मिले हैं। जिसमें तीन करोड़ से अधिक रुपये का कारोबार होने की बात छानबीन से पता चली है।

Sachin Kumar MishraPublish: Thu, 09 Jun 2022 04:55 PM (IST)Updated: Thu, 09 Jun 2022 04:55 PM (IST)
Odisha: लोन के नाम पर 11 लाख की ठगी के आरोप में दो गिरफ्तार

कटक, जागरण संवाददाता। घर के अंदर काल सेंटर खोलकर पूरे देशभर के लोगों को लोन देने की आड़ में चूना लगाने वाले बिहार के दो भाइयों को ओडिशा में कटक साइबर थाना पुलिस ने ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार होने वाले दोनों भाइयों की पहचान बिहार में समस्तीपुर जिला टाउन थाना अंतर्गत प्रोफेसर कालोनी के मोहम्मद शमशाद उद्दीन और मोहम्मद आफताब उद्दीन के रूप में हुई है। इनके पांच बैंक अकाउंट मिले हैं। जिसमें तीन करोड़ से अधिक रुपये का कारोबार होने की बात छानबीन से पता चली है। इन दोनों ठगों के जाल में कटक के साथ-साथ पूरे देश के विभिन्न राज्य के लोग फंसे हैं। यह बात भी छानबीन से पता चली है। वर्ष 2019 मार्च में मंगलाबाग बक्सी बाजार इलाके का विजय कुमार सिंह को एक फोन काल आया था।

इस तरह की ठगी

विजय को दिल्ली रिलायंस कैपिटल के फील्ड मैनेजर विकास जैन का परिचय देकर एक व्यक्ति उन्हें फोन किया था। अगर भारतीय जीवन बीमा पालिसी उनके पास है तो उन्हें आसानी से पांच लाख रुपये का लोन मिल जाएगा। इसके बाद विजय ने  भुवनेश्वर जाकर भारती अक्सा का एक जीवन बीमा करवाया। बीमा कंपनी के पास से बांड मिलने के बाद उसने विकास जैन को फोन किया। विकास लोन कराने की बात कह कर उसके पास से प्रोसेसिंग फीस, बैंक चार्ज, जीएसटी, इनकम टैक्स आदि के नाम पर धीरे-धीरे 11 लाख 18 हजार रुपये ले लिए। जब विजय को पता चला कि वह साइबर ठगी का शिकार हुआ है। तो उसने सात जनवरी, 2022 को कटक कमिश्नरेट पुलिस के साइबर थाने में एक मामला दर्ज काराय। साइबर थाना पुलिस ने जांच कर विकास जिस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर रहा था, उस नंबर की सीडीआर जांच की। विजय जिस बैंक अकाउंट में रुपये भेजा था। उस बैंक अकाउंट की जांच की गई। जांच होने के बाद पुलिस को बिहार में समस्तीपुर जिला के टाउन थाना अंतर्गत प्रोफेसर कालोनी के वार्ड नंबर 27 में रहने वाले मोहम्मद शमशाद उद्दीन और मोहम्मद आफताब उद्दीन के बारे में पता चला। शमशाद एमबीए छात्र और उसका छोटा भाई आफताब बीसीए छात्र हैं। यह दोनों भाई दिल्ली में काल सेंटर में काम करते थे।

ऐसे फंसाते थे जाल में

कोरोना महामारी के दौरान नौकरी जाने के बाद ये दोनों घर में काल सेंटर चलाकर धोखाधड़ी कर रहे थे। पहले यह लोग एचडीएफसी, मैक्स जीवन बीमा, एक्सा लाइफ बीमा आदि जीवन बीमा में बीमा करने वाले लोगों को टारगेट करते थे। फोन के द्वारा साथ संपर्क थे। फिर लोन देने का झांसा देते थे। खास तौर पर जिन लोगों के नाम पर लोन नहीं था, उन्हें कई तरह का लालच देते थे। लोन के लिए वाट्सएप पर बीमा का बांड मांगते थे। बांड पहुंचने के बाद लोन कराने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस और दूसरे खर्च के तौर पर रुपये लेते थे। साइबर थाना पुलिस ने उनके घर पर छापेमारी की। बिहार में समस्तीपुर टाउन थाना पुलिस की मदद से साइबर थाना पुलिस ने छापेमारी कर उनके पांच बैंक खातों के बारे में जानकारी जुटाई। जिस अकाउंट में तीन करोड रुपये का कारोबार हुई है। यह दोनों दिल्ली, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश के विभिन्न बैंक खाताधारियों के नाम पर अकाउंट रखे हैं। भाड़े में वह सब अकाउंट यह दोनों भाई चलाते थे। यह बात पुलिस की छानबीन में पता चली है। साइबर थाना आइआइसी चन्द्रीका स्वाईं की अगुवाई में अनिल कुमार दास, पीटी गणेश साहू, स्पेसल स्क्वाड के कर्मचारी बिहार जाकर दोनों शातिर अपराधियों को दबोचने में सफल हुए हैं। 

Edited By Sachin Kumar Mishra

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