Agnipath Protest: ओडिशा पहुंची अग्निपथ की आंच, प्रदर्शनकारियों का बवाल; पुलिस ने किया लाठीचार्ज

Odisha अग्निपथ योजना के विरोध की आंच अब ओडिशा में भी पहुंच गई है। कटक में इस मामले को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों द्वारा बवाल खड़े किए जाने पर पुलिस ने लाठी डंडे बरसाकर किसी तरह से बवाल को शांत कराया।

Sachin Kumar MishraPublish: Fri, 17 Jun 2022 05:01 PM (IST)Updated: Fri, 17 Jun 2022 05:01 PM (IST)
Agnipath Protest: ओडिशा पहुंची अग्निपथ की आंच, प्रदर्शनकारियों का बवाल; पुलिस ने किया लाठीचार्ज

कटक, जागरण संवाददाता। अग्निपथ  योजना को लेकर देशभर में हो रहे विरोध-प्रदर्शन की आंच अब ओडिशा में भी पहुंच गई है। राज्य की व्यापारिक नगरी कटक में इस मामले को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों द्वारा बवाल खड़े किए जाने पर पुलिस ने लाठी डंडे बरसाकर किसी तरह से बवाल को शांत कराया है। जिले में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में मगर तनावपूर्ण बनी हुई है। अग्निपथ योजना को विरोध करते समय प्रदर्शनकारियों के द्वारा अनुशासन बिगड़ने के लिए कटक कमिश्नरेट पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करना पड़ा है। कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस मौके पर से गाड़ी में उठाकर ले गई और बाद में उन्हे चेतावनी देकर छोड़ दिया है।

कटक कैंटोनमेंट रोड में मौजूद सेना नियुक्ति कार्यालय के सामने शुक्रवार को करीब डेढ़ हजार से अधिक युवा इकट्ठा होकर अग्निपथ योजना का जमकर विरोध किया। वहां पर जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किए। आंदोलनकारियों ने बाद में अनुशासन को बिगाड़ने की कोशिश की। आसपास के इलाके में मौजूद पोस्टर बैनर के साथ-साथ कुछ जगह पर तोड़फोड़ करने की भी कोशिश की। ऐसे में कटक कमिश्नर पुलिस मजबूरन पस्थिति को नियंत्रण में करने के लिए लाठीचार्ज किया है। हालांकि स्थिति बिगड़ने से पहले ही पुलिस सख्ती से कार्रवाई करते हुए पूरी तरह से स्थिति को नियंत्रण में किया।

कटक डीसीपी पिनाक मिश्र मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में करने के साथ-साथ वहां पर मौजूद युवा आंदोलनकारियों को समझाया। केवल डीसीपी नहीं बल्कि विभिन्न थानों के इंस्पेक्टर, एसीपी और एडीसीपी भी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर कड़ी नजर रखने के साथ-साथ स्थिति को पूरी तरह से नियंत्रण में किया। प्रदर्शनकारी छात्र के मुताबिक, अग्निपथ नियुक्ति योजना रहने वाली कुछ खामियों को वह विरोध कर रहे हैं। छात्रों के अनुसार, इसमें नियुक्ति के लिए उम्र की सीमा कम रखा गया है। इसके अलावा नौकरी की सीमा जो चार साल रखा गया है. वह क्या है। उसके बाद उनका भविष्य क्या होगा। उस बारे में भी सरकार को सोच विचार करना चाहिए। यह नियुक्ति योजना ही गलत है। इसमें सुधार लाने के लिए प्रदर्शनकारियों ने मांग किया हैं।

लगभग डेढ़ हजार से अधिक प्रदर्शनकारी कंटेनमेंट रोड में मौजूद सेना नियुक्ति कार्यालय के पास से निकल कर शहर के विभिन्न जगहों पर मौजूद पुलिस की ट्रैफिक पोस्ट में तोड़फोड़ शुरू की। रास्ते के किनारे मौजूद पोस्टर-बैनर फाड़ने लगे। ऐसे में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझा कर स्थिति को नियंत्रण में करने की कोशिश की। जब प्रदर्शनकारी नहीं माने तो बालीयात्रा मैदान के पास उन्हें रोककर समझाने का प्रयास किया गया। जब स्थिति नियंत्रण से बाहर चली गई, तब मजबूरन पुलिस इन प्रदर्शनकारियों पर लाठी चलना कर स्थिति को पूरी तरह से नियंत्रण में किया। 

Edited By Sachin Kumar Mishra

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept