आनलाइन गंगाजल खरीद मुसीबत में घिरी आइपीएस अधिकारी की पत्‍नी, खाते से निकले 10 लाख रुपये

ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी सुशांत नाथ की पत्‍नी अनुजा त्रिपाठी के खाते से 10 लाख 10 हजार की ठगी का मामला सामने आया है। आनलाइन गंगाजल (Online Ganga Jal) खरीदने के बाद से लगातार उसके खाते से पैसा घटता जा रहा है।

Babita KashyapPublish: Sat, 18 Dec 2021 01:13 PM (IST)Updated: Sat, 18 Dec 2021 01:13 PM (IST)
आनलाइन गंगाजल खरीद मुसीबत में घिरी आइपीएस अधिकारी की पत्‍नी, खाते से निकले 10 लाख रुपये

कटक, जागरण संवाददाता। त्रिपुरा में बीएसएफ आईजी के तौर पर कार्य करने वाले ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी सुशांत नाथ की पत्‍नी अनुजा त्रिपाठी को साइबर अपराधियों ने अपना शिकार बनाया है। उनके बैंक जमा खाते से साइबर अपराधी कुल 10 लाख 10 हजार रुपए ले उड़े हैं। ऑनलाइन गंगाजल खरीदने के बाद से ही पिछले दो साल से लगातार उनके एकाउंट से रुपए घटता रहा, जो कि अभी सामने आया है। इस संबंध में अनुजा त्रिपाठी की ओर से साइबर क्राइमब्रांच साइबर सेल में मामला दर्ज किए जाने के पश्चात जांच का निर्देश दिया गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार के अधीन कार्य करने वाली वाली अनुजा त्रिपाठी के एसबीआई भुवनेश्वर सरकारी ट्रेजरी शाखा में सेविंग जमा खाता से 10 लाख 10 हजार ले उड़ने के बारे में पिछले दिसंबर 14 तारीख को पता चला। उनके डेबिट कार्ड से कुछ अज्ञात लोगों के बैंक एकाउंट में रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि, उनके एकाउंट में ट्रांजैक्शन होने के बावजूद इस संबंध में किसी भी तरह के मैसेज उनके बैंक खाते से जुड़ने वाली मोबाइल फोन को नहीं आया है।

वर्ष 2019 मार्च 15 तारीख को 2000 रुपए का ट्रांजैक्शन होने के बाद मार्च 16 तारीख को उनके मोबाइल पर उसका मैसेज आया था। उसी दिन ही बैंक शाखा में आरोप लाए जाने के बाद उनके डेबिट कार्ड को ब्लॉक कर दिया गया था। बैंक अधिकारी को इस बारे में अवगत किए जाने के बाद क्लियरेंस मिलने से 26 तारीख को डेबिट कार्ड को अनब्लॉक किया गया था। अभी तक उनके एकाउंट से 31 बार ट्रांजैक्शन हुआ है। जिसके तहत 10 लाख 10 हजार रूपए निकाले गए हैं।

2019 मार्च 16 तारीख के बाद से जितना भी ट्रांजैक्शन हुआ है, उसका मेसेज मोबाइल फोन पर नहीं आया है। कई बार ट्रांजैक्शन 90 हजार रूपए से अधिक का हुआ है, जो की फिक्स ट्रांजैक्शन लिमिट से भी अधिक है। इस बारे में अनुजा त्रिपाठी ने सरकारी ट्रेज़री शाखा को अवगत कराने के साथ साथ क्राइमब्रांच साइबर थाना में मामला दर्ज किया है। आईपीसी की धारा 379 एवं आईटी एक्ट 2000 की दफा 66 सी,66 डी में मामला दर्ज किया गया है। इस मामले की जांच की जिम्मेदारी साइबर थाना इंस्पेक्टर रत्नप्रभा शतपथी को दी गई है।

Edited By Babita Kashyap

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