कटक निकाय चुनाव में किस्मत आजमा रही है ट्रांसजेंडर तनुश्री बेहेरा, पिता ने घर से निकाला तो झुग्गी-झोपड़ी वालों ने दिया सहारा

Cuttack civic polls 2022 आगामी 24 मार्च को ओडिशा में नगर निगम के चुनाव हो रहे हैं। कटक नगर निगम से इस बार 28 वर्षीय तनुश्री बेहरा चुनाव लड़ने जा रही हैं। तनुश्री ट्रांसजेंडर समुदाय की हैं। उनका पालन पोषण झुग्गी-झोपड़ी वालों के साथ ही हुआ है।

Babita KashyapPublish: Tue, 22 Mar 2022 12:43 PM (IST)Updated: Tue, 22 Mar 2022 03:03 PM (IST)
कटक निकाय चुनाव में किस्मत आजमा रही है ट्रांसजेंडर तनुश्री बेहेरा, पिता ने घर से निकाला तो  झुग्गी-झोपड़ी वालों ने दिया सहारा

कटक, जागरण संवाददाता। आगामी 24 मार्च होगी कटक नगर निगम चुनाव। इस चुनाव में मेयर पदवी के लिए 16 उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं। जबकि निगम के कुल 59 वार्ड के पार्षद उम्मीदवार के तौर पर 268 उम्मीद्वार चुनावी मैदान में उतरे हैं। लेकिन 59 वार्ड में 38 नंबर वार्ड को लेकर पूरे शहर भर में चर्चा जारी है। इस वार्ड में एक प्रमुख निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर ट्रांसजेंडर तनुश्री बेहेरा ने कमर कसी हैं। 

पहली बार किसी ट्रांसजेंडर को चुनाव लड़ने का मौका मिला है। हालांकि तनुश्री को यह मौका आसानी से नहीं मिला है। उनके मुताबिक, इसके लिए उन्हें कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाना पड़ा है। तब जाकर कहीं उन्हें यह मौका मिला है। अगर इस वार्ड के लोग उन्हें आशीर्वाद करेंगे और उनके सपक्ष में मतदान करेंगे तो वह जीतने के बाद लोगों की सेवा में खुद को पूरी तरह से समर्पित करने की बात कही है तनुश्री ने। 

 राजनीति ही समाज सेवा का एक अच्छा माध्यम

जागरण से तनुश्री ने बात करते हुए कहा कि, वह काफी सालों से कटक शहर में समाज सेवा का कार्य करते आ रहे हैं। खासतौर पर गरीबी की सीमा के नीचे रहने वाले लोगों के साथ काफी सालों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि, आप बीती बातों के बारे में जानकारी देते हुए कहा की, जब उनके परिवार वालों को यह पता चला कि वह एक ट्रांसजेंडर हैं। तो उनके पिता ने उन्‍हें घर से निकाल दिया। वह महज 14 साल की उम्र से ही झुग्गी झोपड़ी में पली बढ़ी है। 28 वर्षीय तनुश्री 38 नंबर वार्ड में छत्र बाजार, मालगोदाम, बहरा साही बस्ती, दास  साही बस्ती, नुआ साही सूर्य नगर बस्ती, सागर साही बस्ती कोयला डिपो बस्ती आदि मौजूद  झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले बस्ती वासियों को न्याय और आजीविका प्रदान करने के लिए पिछले 10 सालों से लड़ रही है। उनकी अधिकारों को उन्हें प्रदान करने के लिए मैं चुनाव में उतरी हूं यह कहा है तनुश्री ने। राजनीति ही समाज सेवा करने का एक अच्छा माध्यम है। 

जिस तरह से बस्ती वासियों को बेदखल किया गया और उन्हें एक अलग जगह पर रखा गया। फिर महज 50 हजार रुपए देकर उन्हे घर बना कर रहने के लिए कहा गया। हालांकि वह रकम घर बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है। चुनाव में उतरने का मेरा उद्देश्य है कि, बस्ती वासियों को भूमि दस्तावेज यां पट्टा मुहैया कराना, बेदखल होने के बाद रोजगार होने वाले लोगों को रोजगार मुहैया कराना, शिक्षा से महरूम रहने वाले बस्ती के बच्चों बच्चों को शिक्षा की व्यवस्था करना, उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराना, काफी सालों से  कॉलेज चौक, मालगोदाम इलाके में रहकर अपनी रोजी-रोटी कमाने वाले बस्ती वासियों को जब बेदखल कर दूसरे जगह ले जाया गया अब उन्हें रोजगार की समस्या भी हो रही है। ऐसे में उनकी यातायात के लिए बस सेवा मुहैया कराने के लिए मैं कोशिश करूंगी।

ट्रांसजेंडर को लेकर लोगों में बदलाव आ रहा है

अगर यहां के लोगों ने ही मुझे इस चुनाव में जिताया तो उनकी सहमति से ही मैं नगर निकाय चुनाव में पार्षद उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरी हूं। उनका कहना है कि, इस चुनाव में प्रमुख राजनैतिक दल बीजू जनता दल, कांग्रेस , आम आदमी पार्टी और एक निर्दलीय उम्मीदवार को मिलाकर कुल वह पांच उम्मीदवार ही 38 नंबर वार्ड में चुनाव लड़ रहे हैं। उनका किसी के साथ किसी भी तरह की लड़ाई नहीं है वह अपने मुद्दों को लेकर लोगों के पास जा रहे हैं और ट्रांसजेंडर होने के बावजूद केवल बस्ती के लोग ही नहीं बल्कि रेलवे कॉलोनी में रहने वाले लोग और दूसरे साधारण लोग भी उन्हें भरपूर सहयोग दे रहे हैं। कटक के एबीआईटी से आईटीआई की डिग्री हासिल करने वाली तनुश्री का कहना है कि, दूसरे उम्मीदवार बाहुबल, रुपए आदि की बेशुमार खर्च कर रहे हैं। लेकिन मैं 38 नंबर वार्ड के लोगों के साथ सालों साल जुड़ा हुआ हूं। मेरे पास वह सब कुछ नहीं है लेकिन लोगों का प्यार और समर्थन है। बस्ती के नेता, उच्च शिक्षित वर्ग के लोग मुझे अपना समर्थन दे रहे हैं। ऐसे में निश्चित तौर पर मैं जीतने के लिए काफी उम्मीद रखी हूं। ट्रांसजेंडर को लेकर लोगों के बीच धीरे-धीरे बदलाव आ रहा है। लेकिन यह बदलाव जरूरी है और हमें हर क्षेत्र में मौका बराबर का मौका मिलना चाहिए। जैसे महिलाओं के लिए 2017 से 5 फ़ीसदी आरक्षण हर क्षेत्र में किया जा रहा है। उसी हिसाब से हम लोगों के लिए कम से कम 2 फ़ीसदी का आरक्षण की जानी चाहिए। 

ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों के लिए भी मैं बहुत कुछ करना चाहती हूं। क्योंकि वह लोग मुझे बेहतर समझते हैं और हम लोग मिलजुलकर जिन-जिन समस्याओं का सामना कर रहे हैं, उन्हें निश्चित तौर पर सरकार तक पहुंचाने का काम करूंगी और बदलाव का एक मिसाल बनूंगी। अपने वार्ड में बहुत ही अच्छी तरह से प्रचार कार्य किया हूं। हर एक लोगों तक पहुंच कर मुद्दा उनके समक्ष रखा हूं।  मुझे पता है कि, लोग बदलाव चाहते हैं और निश्चित तौर पर 38 नंबर वार्ड में बदलाव आएगा और इस बदलाव की धारा विकास से निश्चित तौर पर जुड़ेगा। 22 मार्च को तनुश्री अपना प्रचार कार्य खत्म किया है और उन्हें पूरी तरह से विश्वास है कि लोग उन पर भरोसा कर पूर्ण समर्थन देंगे और उन्हें इस चुनाव में जितायेंगे।

Edited By Babita Kashyap

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