Uttarakhand Weather Update : बागेश्वर में बारिश थमी, लेकिन 18 सड़कें अब भी बंद, चीन सीमा से भी संपर्क कटा

बागेश्वर जिले में बारिश का दौर थम गया है लेकिन एक जिला मार्ग समेत 17 ग्रामीण मार्ग अब भी यातायात के लिए सुचारु नहीं हो सके हैं। जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। भूस्खलन और मलबा गिरने का भय बना हुआ है।

Skand ShuklaPublish: Fri, 01 Jul 2022 03:06 PM (IST)Updated: Fri, 01 Jul 2022 03:06 PM (IST)
Uttarakhand Weather Update : बागेश्वर में बारिश थमी, लेकिन 18 सड़कें अब भी बंद, चीन सीमा से भी संपर्क कटा

बागेश्वर, जागरण संवाददाता : बागेश्वर जिले में बारिश का दौर थम गया है, लेकिन एक जिला मार्ग समेत 17 ग्रामीण मार्ग अब भी यातायात के लिए सुचारु नहीं हो सके हैं। जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। आसमान में बादल छाते ही फिर भूस्खलन और मलबा गिरने का भय बना हुआ है। चीन सीमा तक जाने वाले मार्ग के बंद होने से उच्च हिमालय जाने के लिए इनर लाइन परमिट पर तीन दिन के लिए रोक लगा दी है।

बीते 29 और 30 जून को कपकोट, दुगनाकुरी तहसील क्षेत्र में अतिवृष्टि हुई। जिसके जख्म अभी नहीं भर सके हैं। जिसके कारण 18 सड़कों पर अभी यातायात सुचारु नहीं हो सका है। शुक्रवार को कमेड़ीदेवी, असों-बकसूना, नामतीचेटाबगड़, असों-बैड़ापाकड़, हरसिंग्याबगड़-विनायक-गोगिना, पोथिंग-शोभाकुंड, कपकोट-गैरखेत, गडेरा, झारकोट-सुंदिल-जुन्याल, कठपुड़ियाछीना, जैंसर-रियूनीलखमार, खातीगांव-देवतोली, हरिसला-पुड़कुनी, बड़ीपन्याली-, तोली, सनेती, कपकोट-कर्मी, बैड़ा-मझेड़ा-जारती समेत 17 ग्रामीण और एक जिला मार्ग बंद रहे।

बारिश का आंकड़ा

गरुड़-18 एमएम

कपकोट-शून्य

बागेश्वर-शून्य

नदियों का जलस्तर घटा

सरयू-865.40 मीटर

गोमती-862.50 मीटर

बैजनाथ बैराज-1112.5 मीटर

इनर लाइन परमिट पर तीन दिन के लिए रोक

धारचूला : मौसम विभाग की चेतावनी और चीन सीमा तक जाने वाले मार्ग के बंद होने से उच्च हिमालय जाने के लिए इनर लाइन परमिट पर तीन दिन के लिए रोक लगा दी है। आदि कैलास यात्रा पर जा रहा दल धारचूला में ही रोका गया है।

आदि कैलास और ओम पर्वत को जाने वाला तवाघाट-लिपुलेख मार्ग तवाघाट से मालपा तक बंद हो चुका है।मलगाड़ के पास पहाड़ की तरफ से पत्थर और मलबा गिर रहा है। मार्ग पर खतरा बना हुआ है। जिसे देखते हुए प्रशासन ने इनर लाइन परमिट जारी करने बंद कर दिए हैं। प्रशासन के अनुसार खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इनर लाइन परमिट जारी नहीं होने से आदि कैलास जा रहे पंद्रहवें दल के यात्री धारचूला में ही प्रवास कर रहे हैं।

वहीं चीन सीमा को जोडऩे वाला तवाघाट-सोबला -दारमा मार्ग तवाघाट से कंच्योती के बीच खेत व एक अन्य स्थान पर मलबा आने से बंद हो गया है। जिसके चलते उच्च हिमालयी दारमा का भी सम्पर्क भंग है। व्यास मार्ग पूर्व में ही बंद हो चुका है। खेत नामक स्थान पर मार्ग बंद होने से चौदास घाटी , नारायण आश्रम का भी सम्पर्क कट चुका है।

Edited By Skand Shukla

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