Uttarakhand News: ऋषिकेश में तीन दिन तक टापू में फंसा रहा एक बाबा, एसडीआरएफ ने सुरक्षित निकाला

Uttarakhand News ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला और रामझूला के मध्य गंगा के बीच टापू में एक बाबा तीन दिनों से फंसे हुए थे। स्‍थानीय लोगों की सूचना पर एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और उन्‍हें सुरक्षित रेस्‍क्‍यू किया।

Sunil NegiPublish: Fri, 01 Jul 2022 04:23 PM (IST)Updated: Fri, 01 Jul 2022 04:23 PM (IST)
Uttarakhand News: ऋषिकेश में तीन दिन तक टापू में फंसा रहा एक बाबा, एसडीआरएफ ने सुरक्षित निकाला

जागरण संवाददाता, ऋषिकेश: लक्ष्मण झूला और रामझूला के मध्य गंगा के बीच टापू में एक साधु बाबा तीन दिन से फंसा था। पास में संपर्क का कोई साधन ना होने के कारण वह किसी से मदद भी नहीं मांग पा रहा था।

स्‍थानीय लोगों ने एसडीआएफ को दी सूचना

स्थानीय नागरिकों की सूचना पर एसडीआरएफ की टीम ने शुक्रवार की दोपहर रेस्क्यू कर बाबा को सुरक्षित टापू से निकाला। एसडीआरएफ के निरीक्षक कविंद्र सिंह सजवाण ने बताया कि क्षेत्र में तैनात जवान रितेश को शुक्रवार के रोज स्थानीय नागरिकों ने सूचना दी।

टापू में फंसे हुए थे बाबा, दोनों ओर उफन रही थी गंगा की धारा

उन्‍होंने बताया कि लक्ष्मण झूला और राम झूला के बीच गंगा में बने टापू में एक साधु बाबा नजर आ रहा है। टापू के दोनों ओर गंगा की धारा उफन रही है। मौके पर एसडीआरएफ की टीम में शामिल किशोर कुमार, ओम प्रकाश, अमीचंद, पंकज, जितेंद्र, कपिल कुमार को मौके पर रवाना किया गया।

किसी तरह से एसडीआरएफ की टीम टापू तक पहुंची

किसी तरह से टीम के सदस्य टापू तक पहुंचने में सफल रहे। वहां पर एक बाबा मिला, जिसने अपना नाम चंदन दास (42 वर्ष) लक्ष्मी नारायण मंदिर राम झूला मुनिकीरेती बताया।

चंदन राम ने टीम को जानकारी दी कि तीन दिन पूर्व टापू के एक छोर पर पानी कम था, इसलिए वह टापू तक पहुंच गया। जब वह वापसी करने वाला था तो पानी अचानक बढ़ गया। उस पर तेज बारिश हो रही थी।

तीन दिन तक बाबा ने भूखे रहकर समय

जिसके बाद से उसे टापू से पार तक पहुंचने का मौका ही नहीं मिला। उसके पास मोबाइल या अन्य संपर्क का कोई साधन भी नहीं था। जिस कारण वह तीन दिन तक भगवान को ही याद करता रहा। तीन दिन तक उसने भूखे रहकर समय बिताया। शुक्रवार को उसको सकुशल रेस्क्यू कर टापू से बाहर निकाल लिया गया।

Edited By Sunil Negi

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