ये है कौशांबी : यहां भगवान भरोसे गोवंश, गोशाला में चारा-पानी का नहीं प्रबंध

ग्रामीणों का आरोप है कि गोवंशों को मुट्ठीभर चारा नहीं दिया जाता है। पानी के लिए भी ससुर खदेरी नदी ही सहारा है।

JagranPublish: Sun, 03 Jul 2022 10:37 PM (IST)Updated: Sun, 03 Jul 2022 10:37 PM (IST)
ये है कौशांबी : यहां भगवान भरोसे गोवंश, गोशाला में चारा-पानी का नहीं प्रबंध

ये है कौशांबी : यहां भगवान भरोसे गोवंश, गोशाला में चारा-पानी का नहीं प्रबंध

संवादसूत्र, चायल : नेवादा और चायल विकास खंड क्षेत्रों में बने गोशाला में गोवंश भगवान भरोसे हैं। कई गोशाला में उनके धूप और वर्षा से बचने व चारा-पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। कुछ स्थानों पर गोशाला के टीनशेड पिछले दिनों वर्षा और हवा में गिर गए। इससे गोवंशों को खुले में रहना पड़ता है।

गोवंशों के संरक्षण के लिए चायल कस्बा में कान्हा गोशाला के अलावा हरदुआ, काजू, चरवा, बैरआमद करारी, हसिमपुर किनार, बरोलहां, बरियावां, रसूलपुर टप्पा, चकपिनहा, नूरपुर हाजीपुर, मखऊपुर आदि गांवों में गोशाला का निर्माण कराया गया है। इन गोशाला में गोवंशों के चारे-पानी का प्रबंध ग्राम पंचायतें अपने स्तर से कराती हैं। इसकी निगरानी की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और सचिव की होती है। इनमें से ज्यादातर गोशाला में चारा और पानी का समुचित प्रबंध नहीं है। इससे गोवंश शारीरिक रूप से कमजोर होने के साथ बीमार होते जा रहे हैं। विकास खंड नेवादा के बरोलहां गोशाला की बात करें तो यहां लगा टीनशेड वर्षा और हवा में कुछ दिनों पहले गिर गया। इससे वर्षा और धूप में गोवंशों को खुले में रहना पड़ रहा है। गोशाला में पानी के लिए सबमर्सिबल भी नहीं लगा है। एकमात्र हैंडपंप है, जिससे केयरटेकर की प्यास बुझती है। चरही केवल शो पीस बनकर रह गई। इस गोशाला में 113 गोवंश पंजीकृत हैं, जबकि संरक्षित 73 ही हैं। ऐसी ही दशा बरियावां के गोशाला की भी है। ग्रामीणों का आरोप है कि गोवंशों को मुट्ठीभर चारा नहीं दिया जाता है। पानी के लिए भी ससुर खदेरी नदी ही सहारा है। कंटीलें तारों के बीच होकर गोवंशों को आना-जाना पड़ता है।

अफसरों ने दिए अपने तर्क

गोशाला में गोवंश का पूरा ध्यान रखा जाता है। कहीं थोड़ी बहुत समस्या हो सकती है। भूसा का टेंडर नहीं हुआ था। ऐसे में कुछ स्थानों पर थोड़ी परेशानी थी अब टेंडर हो गया है। सोमवार से गोशाला में भूसा पहुंच जाएगा।

- डा. यशपाल सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।

गोशाला में टीनशेड टूटने की जानकारी मिली है। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। बजट मिलने पर टीनशेड का निर्माण कराया जाएगा।

- देव नारायण मिश्र, खंड विकास अधिकार, नेवादा।

Edited By Jagran

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