आतंकी हमले की बरसी पर कड़े पहरे में रही रामनगरी

चेकिग के बाद ही अयोध्या में मिल रहा वाहनों को प्रवेश

JagranPublish: Wed, 06 Jul 2022 12:17 AM (IST)Updated: Wed, 06 Jul 2022 12:17 AM (IST)
आतंकी हमले की बरसी पर कड़े पहरे में रही रामनगरी

अयोध्या : रामजन्मभूमि पर हुए आतंकी हमले की 17वीं बरसी पर रामनगरी कड़े पहरे में रही। सोमवार रात से ही रामनगरी में अतिरिक्त सुरक्षा एवं निगरानी के प्रबंध सक्रिय कर दिए गए थे। मंगलवार की सुबह से रामनगरी में बिना चेकिग वाहनों को प्रवेश नहीं दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा ने रामनगरी का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। ड्यूटी प्वाइंट पर तैनात पुलिस कर्मियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया। रामजन्मभूमि परिसर में भी सुरक्षा एजेंसियां हाई एलर्ट रहीं। मंगलवार को रामनगरी में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में उमड़े। ऐसे में प्रमुख मंदिरों के साथ-साथ रामजन्मभूमि परिसर की ओर जाने वाले मार्ग पर भी पुलिस का पहरा रहा। बम निरोधक दस्ते की मदद से भीड़भाड़ वाले स्थानों की चेकिग कराई गई। रेलवे स्टेशन एवं बस स्टेशन पर भी कड़ी निगरानी रही। एसएसपी ने बताया कि रामनगरी की सुरक्षा पहले से ही चाकचौबंद है। आतंकी हमले की बरसी पर सुरक्षा एवं निगरानी के अतिरिक्त प्रबंध किए गए हैं।

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सीआरपीएफ कर रही रामलला की सुरक्षा

-रामजन्मभूमि की सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ की 63 बटालियन स्थाई रूप से तैनात है। अस्थाई गर्भगृह के साथ-साथ राममंदिर निर्माण की निगरानी एवं सुरक्षा में सीआरपीएफ के जवान मुस्तैद रहते हैं। परिसर के रेड जोन की निगरानी बटालियन के जवान ही करते हैं। मंदिर निर्माण के उपरांत भी रामलला की सुरक्षा सीआरपीएफ ही करेगी। रामजन्मभूमि परिसर पर पांच जुलाई वर्ष 2005 को आतंकी हमला हुआ था, लेकिन सुरक्षा बलों ने साहस का परिचय देते हुए पांचों आतंकियों को मार गिराया था। आतंकी हमले के बाद परिसर की सुरक्षा में समय-समय पर विस्तार होता रहा। वर्तमान में राममंदिर निर्माण हो रहा है। ऐसे में मंदिर परिसर की सुरक्षा को नए सिरे से आधुनिक बनाने की योजना है, जिसके लिए सीआइएसएफ ने प्रस्ताव तैयार किया है। सोमवार को हुई स्थाई सुरक्षा समिति की बैठक में प्रस्ताव पर विचार-विमर्श हुआ था।

Edited By Jagran

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