अब ‘निपुण’ के जरिये होगा नौनिहालों का मूल्यांकन ताकि पढ़ना विद्यार्थियों के दैनिक जीवन का हिस्‍सा बने

अब कक्षा एक से तीन तक के बच्‍चों का मूल्‍यांकन किया जाएगा यह मूल्‍यांकन निपुण भारत मिशन के तहत होगा। अकादमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) स्टेट रिसोर्स ग्रुप (एसआरजी) सदस्यों खंड शिक्षाधिकारियों की टास्क फोर्स गठित कर यह कार्य हर ब्लाक के स्कूलों में कराया जाएगा।

Anil KushwahaPublish: Mon, 04 Jul 2022 01:41 PM (IST)Updated: Mon, 04 Jul 2022 01:45 PM (IST)
अब ‘निपुण’ के जरिये होगा नौनिहालों का मूल्यांकन ताकि पढ़ना विद्यार्थियों के दैनिक जीवन का हिस्‍सा बने

अलीगढ़, जागरण संवाददाता। कक्षा एक से आठवीं तक के सरकारी स्कूलों में अब कक्षा एक से तीन तक के छात्र-छात्राओं का मूल्यांकन किया जाएगा। यह मूल्यांकन निपुण भारत मिशन के तहत होगा। इसमें विद्यार्थियों के भाषा व गणित में प्राप्त परिणामों को उनके बौद्धिकस्तर का आधार माना जाएगा। अकादमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी), स्टेट रिसोर्स ग्रुप (एसआरजी) सदस्यों, खंड शिक्षाधिकारियों की टास्क फोर्स गठित कर यह कार्य हर ब्लाक के स्कूलों में कराया जाएगा।

पढ़ना विद्यार्थियों के दैनिक जीवन का हिस्‍सा

इस मूल्यांकन के तहत बच्चों में जानने की जिज्ञासा, सवाल पूछने की क्षमता बढ़ाने का वातावरण तैयार होगा। ध्यानाकर्षण हस्तपुस्तिका में दी गईं 18 शिक्षण तकनीकियों पर आधारित 100 वीडियो प्रेरणा पोर्टल पर भी अपलोड किए गए हैं। शिक्षकों को इन शिक्षण तकनीकियों का प्रयोग शिक्षण में करना है। बीएसए सतेंद्र कुमार ढाका ने बताया कि पढ़ना विद्यार्थियों के दैनिक जीवन का हिस्सा बने, इसके लिए शासन की ओर से ये कदम उठाया गया है। डीएम की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन होगा। मूल्यांकन के संबंध में जल्द ही व्यवस्था बनाकर इसका क्रियान्वयन कराया जाएगा।

तबादला एक्सप्रेस लगाएगी आधुनिकता पर रोड़ा

माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षण सत्र शुरू हो गया है। जुलाई की शुरुआत में डीआइओएस, संयुक्त शिक्षा निदेशक व डिप्टी डायरेक्टर डायट का भी तबादला हो गया है। इन अधिकारियों के निर्देशन में माध्यमिक विद्यालयों में फाइबर इंटरनेट कनेक्शन की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही थी। अब भी ये काम तो होंगे, लेकिन अफसरों के इधर-उधर होने से विलंब की संभावना है।

काम होगा मगर इंतजार बढ़ जाएगा

जिले में 94 एडेड, 34 राजकीय व करीब 677 वित्तविहीन विद्यालय हैं। शुरुआती चरण में राजकीय विद्यालयों में फाइबर इंटरनेट कनेक्शन की सुविधा के लिए सूचना मांगी गई थी। इसके बाद एडेड कालेजों का नंबर आना था। प्रधानाचार्यों व विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि नए अधिकारी कार्यभार ग्रहण करेंगे तो फिर से फाइलें पलटी जाएंगी। काम तो होंगे ही मगर इंतजार बढ़ जाएगा।

Edited By Anil Kushwaha

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