Maharashtra Crisis: संकट के बीच हिंदुत्व की पिच पर लौटे उद्धव, औरंगाबाद और उस्मानाबाद का बदला नाम

Maharashtra Crisis महाराष्ट्र में मौजूदा शिवसेना सरकार पर इन दिनों संकट के बादल छाए हुए हैं। ऐसे में उद्धव सरकार ने बड़ा हिंदुत्व कार्ड खेला है। राज्य के दो जिले और एक एयरपोर्ट का नाम बदलने को लेकर कैबिनेट ने सहमति जताई है।

Amit SinghPublish: Wed, 29 Jun 2022 06:56 PM (IST)Updated: Wed, 29 Jun 2022 09:30 PM (IST)
Maharashtra Crisis: संकट के बीच हिंदुत्व की पिच पर लौटे उद्धव, औरंगाबाद और उस्मानाबाद का बदला नाम

राज्य ब्यूरो, मुंबई: हिंदुत्व के मुद्दे पर संकट में घिरी शिवसेना की अगुआई वाली महाराष्ट्र की महाविकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार ने बुधवार शाम मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के दो नगरों औरंगाबाद और उस्मानाबाद के नाम बदल दिए। इसके अलावा नई मुंबई में बन रहे नए हवाईअड्डे का नामकरण भी कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ठाकरे ने इस मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सहयोग देने के लिए अपने मंत्रिमंडल के साथियों एवं अधिकारियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया। शिवसेना के संस्थापक बालासाहब ठाकरे हमेशा मराठवाड़ा क्षेत्र में स्थित औरंगाबाद एवं उस्मानाबाद को क्रमश: संभाजीनगर एवं धाराशिव कहकर पुकारते रहे थे। परंतु, इन दोनों नगरों का आधिकारिक नामांतरण नहीं हो सका था। यहां तक कि दो बार शिवसेना-भाजपा की गठबंधन सरकार रहते हुए भी इन नगरों के नाम नहीं बदले जा सके थे।

2019 में शिवसेना द्वारा कांग्रेस-राकांपा के साथ मिलकर सरकार बनाए जाने के बाद भाजपा लगातार शिवसेना को इस मुद्दे पर घेरती रही थी। बुधवार शाम बुलाई गई मंत्रिमंडल की बैठक में औरंगाबाद को संभाजीनगर एवं उस्मानाबाद को धाराशिव नाम देने का प्रस्ताव पारित कर दिया। इसके साथ ही नई मुंबई में बन रहे नए हवाईअड्डे का नाम लोकनेता डीबी पाटिल के नाम पर रखने का प्रस्ताव भी पारित कर दिया गया है।

उद्धव ने मंत्रिमंडल के साथियों का आभार व्यक्त किया

माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंत्रिमंडल की बैठक मात्र इस नामांतरण के लिए बुलाई थी, क्योंकि एक दिन पहले भी मंत्रिमंडल की बैठक हुई थी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के सभी साथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कांग्रेस और राकांपा के मंत्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप दोनों पार्टियों के साथियों का पूरा सहयोग मुझे मिला। लेकिन हमारे ही कुछ लोगों ने हमें दगा दिया, जिसके कारण यह राजनीतिक संकट पैदा हुआ है। मुख्यमंत्रियों ने मंत्रिमंडल के साथियों के अलावा अधिकारियों का भी आभार जताते हुए कहा कि कामकाज से संबंधित बाकी विषय अगली मंत्रिमंडल की बैठक में रखे जाएंगे।

कांग्रेस के दो विधायक बैठक छोड़कर चले गए

उद्धव को कांग्रेस और राकांपा के साथ सरकार बनाने के बाद से ही हिंदुत्व के मुद्दे पर घेरा जाता रहा है। पहले उन्हें भाजपा घेरती रही है और अब विद्रोही विधायकों ने भी उन पर हिंदुत्व के मुद्दे पर निशाना साधा था। इस कलंक से पीछा छुड़ाने के लिए ही उन्होंने लंबे समय से लंबित इन नामांतरण के मुद्दों पर फैसला लेने के लिए मंत्रिमंडल बैठक बुलाई थी। हालांकि यह बैठक शुरू होने के पहले ही कांग्रेस के दो मंत्री वर्षा गायकवाड़ एवं असलम शेख बैठक छोड़कर चले गए। माना जा रहा है कि यदि गुरुवार को प्रस्तावित विधानसभा के फ्लोर टेस्ट में उनकी सरकार गिर गई तो भी वह कह सकेंगे कि अपने पिता स्वर्गीय बालासाहब ठाकरे की इच्छानुसार उन्होंने उक्त दोनों शहरों का नामकरण कर दिया था।

Edited By Amit Singh

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