ठेका मजदूरों को हाई पावर कमेटी का वेतनमान देना होगा

ठेका मजदूरों को हाई पावर कमेटी का वेतनमान देना होगा

JagranPublish: Tue, 28 Jun 2022 10:50 PM (IST)Updated: Tue, 28 Jun 2022 10:50 PM (IST)
ठेका मजदूरों को हाई पावर कमेटी का वेतनमान देना होगा

ठेका मजदूरों को हाई पावर कमेटी का वेतनमान देना होगा

निरसा : ईसीएल के सेंट्रल पूल में कार्यरत जय बजरंगबली ट्रांसपोर्ट एसोसिएट क्रशर कंपनी एवं यूसीसी क्रशर कंपनी के मजदूरों ने वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर पूर्व विधायक अरूप चटर्जी के नेतृत्व में सेंट्रल पूल रेलवे साइडिंग में प्रदर्शन किया। मजदूरों ने कहा कि वे पिछले कई वर्षों से उपरोक्त कंपनियों में कार्यरत हैं। आज तक उन लोगों का पीएफ नहीं कटता। ईएसआई की सुविधा नहीं मिलती। बैंक के अकाउंट से पेमेंट नहीं किया जाता।

पूर्व विधायक सह बीसीकेयू के महामंत्री अरूप चटर्जी ने कहा कि प्रबंधन को मजदूरों को मिलने वाली सुविधाएं एवं कोल इंडिया की हाई पावर कमेटी द्वारा निर्धारित वेतनमान देना होगा वरना उपरोक्त कंपनियों के काम को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा। कोल इंडिया हाई पावर कमेटी द्वारा ठेका मजदूरों के लिए प्रतिदिन की हाजिरी निर्धारित की गई है। अति कुशल मजदूर को ₹853, कुशल मजदूर को ₹784, अर्ध कुशल मजदूर को ₹714 एवं अकुशल मजदूर को ₹645 प्रतिदिन की मजदूरी निर्धारित की गई है।

ईसीएल के अंतर्गत कार्यरत कंपनियां मजदूरों का शोषण कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जितने दिन से मजदूर उपरोक्त कंपनियों में कार्यरत हैं उतने दिन से हाई पावर कमेटी द्वारा निर्धारित पैसे का भुगतान मजदूरों को करना होगा। उन्होंने कहा कि ईसीएल के अधीन कार्यरत ठेका कंपनियां ईसीएल प्रबंधन से हाई पावर कमेटी की ओर से अनुशंसित मजदूरी का पैसा लेती हैं, तो उसे मजदूरों को पैसा देने में क्या परेशानी है। यह नीति नहीं चलने दी जाएगी।

बगैर सुरक्षा उपकरण के मजदूरों से कराया जा रहा काम :

अरूप चटर्जी ने कहा कि ठेका कंपनिययों को मजदूरों को सुरक्षा उपकरण देखकर ही काम कराना है। ठेका कंपनी के अधीन कार्यरत मजदूरों को सुरक्षा उपकरण के साथ-साथ उनका जीवन बीमा भी कराना होगा। जोखिम भरे काम में लगे मजदूरों का ग्रुप इंश्योरेंस होना जरूरी है।

इस संबंध में बजरंगबली ट्रांसपोर्ट एसोसिएट के प्रबंधक लालू मिश्रा में कहा कि काफी कम दर पर हमारी कंपनी ने टेंडर लिया है। हमारा टेंडर का समय समाप्त हो चुका है। न्यूनतम दर पर टेंडर लेने के कारण मजदूरों को हाई पावर कमेटी की ओर से अनुशंसित वेतनमान देने में हम असमर्थ हैं।

Edited By Jagran

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