तलाक के बाद नहीं टूटी बागेश्वर की अन्नू, जिम और पार्लर से बदली अपनी और बेटी की तकदीर

बागेश्वर वक्त के बेरहम थपेड़ों ने बहुत कुछ बदला। बचपन मुश्किलों में गुजरा। शादी के बाद पति से तलाक। कमजोर आर्थिक स्थिति। अपनों का भी मुंह मोड़ लेना। लेकिन इन तमाम झंझावातों से न तो बागेश्वर की अन्नू मेहता रुकीं और न ही कभी पीछे मुड़कर देखीं।

Skand ShuklaPublish: Mon, 04 Jul 2022 11:46 AM (IST)Updated: Mon, 04 Jul 2022 11:46 AM (IST)
तलाक के बाद नहीं टूटी बागेश्वर की अन्नू, जिम और पार्लर से बदली अपनी और बेटी की तकदीर

घनश्याम जोशी, बागेश्वर : वक्त के बेरहम थपेड़ों ने बहुत कुछ बदला। बचपन मुश्किलों में गुजरा। शादी के बाद पति से तलाक। कमजोर आर्थिक स्थिति। अपनों का भी मुंह मोड़ लेना। नाते-रिश्तेदारों का ताना अलग से। और भी बहुत कुछ। लेकिन इन तमाम झंझावातों से न तो बागेश्वर की अन्नू मेहता रुकीं और न ही कभी पीछे मुड़कर देखीं।

ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण लेने के बाद खुद का काम शुरू किया। यहीं से जिंदगी में बदलाव की बहार आई। काम अच्छा चला। इसके बाद उन्होंने जन शिक्षण संस्थान नाम से स्वयंसेवी संस्था शुरू कर दी। सिलाई, कढ़ाई, पेंटिंग के साथ ही ब्यूटीपार्लर का प्रशिक्षण देकर बीते पांच वर्षों में अन्नू करीब दो हजार महिलाओं को आत्मनिर्भर बना चुकी हैं। अब वह ओपन जिम में बालिकाओं की फिटनेस पर काम कर रही हैं।

अन्नू बताती हैं कि पिता स्व. भूपाल सिंह खेतवाल सेना में थे। उनके साथ देश के विभिन्न शहरों में रहने का मौका मिला। माता स्व. शांति देवी से अनुशासन सीखा। 1996 में पिता का स्थानांतरण कोलकाता हो गया। वहां से ब्यूटीशियन का डिप्लोमा किया। 1997 में घर लौट आई। वर्ष 2000 में 12वीं पास किया और कालेज के साथ ही घर पर ही पार्लर खोल लिया। 2004 में शादी हुई।

लगा कि जिंदगी का नया अध्याय सुखद होगा। खुशियां आएंगे। बेटी हुई तो अरमान जागे। हम खुश थे। लेकिन बाद में पति का व्यवहार बदलता गया। बात तलाक तक पहुंची। सामने तीन वर्षीय बेटी थी। उसके लिए बुने गए मेरे सुनहरे सपने थे। मैंने बेटी का साथ चुना। उसकी जिम्मेदारी उठाते हुए पति से अपनी राह जुदा कर 2009 में नई शुरुआत की। इस बीच 2014 में दिल्ली जाकर ब्यूटीशियन का एडवांस कोर्स किया।

अन्नू मेहता ने बताया कि अभी महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बना रही हूं। प्रतिदिन दो शिफ्ट में जिम संचालित होता है। 100 बालिकाओं को एडमिशन दिया है। मेरे प्रशिक्षण के बाद 120 महिलाओं ने कांडा, गरुड़, रीमा में ब्यूटी पार्लर खोल लिए हैं। असल में आर्थिक व सामाजिक स्तर पर ऊंचाई मिलने के बाद ही महिला सशक्तिकरण का नारा सच होगा। बागेश्वर सीडीओ संजय सिंह ने बताया कि महिला सशक्तिकरण को लेकर सरकार ने तमाम योजनाएं बनाई हैं। संबंधित उनका लाभ दिया जा रहा है। जन शिक्षण संस्थान के माध्यम से कौशल विकास की योजनाएं संचालित हो रही हैं। अन्नू मेहता के बेहतर काम की चर्चा हो रही है।

Edited By Skand Shukla

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