मानसून की पहली बारिश में ही शहर पानी-पानी

बठिंडा में आखिरकार मानसून की एक जुलाई को एंट्री हो गई।

JagranPublish: Sat, 02 Jul 2022 01:30 AM (IST)Updated: Sat, 02 Jul 2022 01:30 AM (IST)
मानसून की पहली बारिश में ही शहर पानी-पानी

जागरण संवाददाता, बठिडा: बठिंडा में आखिरकार मानसून की एक जुलाई को एंट्री हो गई। इससे लोगों को बेशक उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली, मगर शहर से बारिश के पानी की निकासी का दावा करने वाले अधिकारियों के दावे बारिश के पानी के साथ ही बह गए। वीरवार की शाम से शुरू हुई बारिश रुक रुक कर शुक्रवार दोपहर तक होती रही। मौसम विभाग के अनुसार 59.6 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। इस बारिश के कारण शहर के मुख्य बाजारों के अलावा गली मोहल्लों में जलभराव हो गया। हालांकि बठिडा शहरी के विधायक जगरूप सिंह गिल बीती 22 अप्रैल को डीसी के साथ मीटिग कर बारिश के पानी की निकासी को लेकर सुझाव भी दे चुके हैं, लेकिन इन पर कोई काम न होने के कारण शहर के लोगों को इससे कोई राहत नहीं मिल पाई। यही कारण रहा कि शुक्रवार की शाम तक भी शहर से बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पाई थी।

शहर के सबसे मुख्य सिरकी बाजार में हर बार की तरह तीन फीट तक पानी जमा हो गया। इस कारण बाजार की सारी दुकानें भी बंद रहीं, जबकि यहां से बारिश के पानी की निकासी करवाने को लेकर राजनीतिक भी जमकर चुकी है। यहां तक कि 2016 में तो तत्कालीन डीसी बसंत गर्ग, तत्कालीन एसएसपी स्वप्न शर्मा व तत्कालीन विधायक सरूप चंद सिगला भी ट्रैक्टर भी बाजार का दौरा कर चुके हैं। इससे पहले अकाली दल के प्रधान व तत्कालीन डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल भी बाजार के पानी में उतरकर लोगों को इसका समाधान करवाने का भरोसा दे चुके हैं। इसके अलावा कांग्रेस सरकार के समय पूर्व वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल भी लोगों को बारिश के पानी की निकासी करवाने का भरोसा दे चुके हैं। मगर इसके बाद भी इसका कोई हल नहीं हुआ है और लोगों को अपनी दुकानें बंद कर घर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं अब आम आदमी पार्टी के विधायक ने लोगों को आश्वासन दिया है कि इस बाजार से पानी की निकासी के लिए काम किया जा रहा है। उम्मीद है अगले सीजन में लोगों को राहत मिलेगी। इसी प्रकार शहर की पावर हाउस रोड से भी बारिश के पानी की निकासी नहीं हो सकी, जबकि यहां पर बीते समय के दौरान हुई बारिश में नगर निगम के डिप्टी मेयर मास्टर हरमंदर सिंह की गाड़ी भी पानी में फंस चुकी थी। सड़कों पर पानी के कारण घरों में दुबके लोग

बारिश के कारण शहर की भट्टी रोड, गोनियाना रोड, सिविल स्टेशन एरिया, पावर हाऊस रोड समेत निचले इलाकों में पानी भर गया। इस कारण शुक्रवार को आम दिनों के मुकाबलों में बाजारों में रौनक भी कम दिखाई दी। लोग बाजारों में जाने के बजाय अपने घरों पर बैठे रहे। हालांकि समौसे कचोरी के अलावा जलेबियों की रेहड़ियों पर बारिश के मौसम के कारण भीड़ देखने को मिली। दो दिन तेज बारिश का अनुमान

मौसम विभाग ने तीन जुलाई तक भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। जबकि बारिश के कारण जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। वहीं तापमान भी कम हुआ। इसके चलते अधिकतम तापमान 38 डिग्री से कम होकर 29 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 27 डिग्री से 21 डिग्री रिकार्ड किया गया।

जलभराव से निपटने के लिए धरी रह गई तैयारियां, नहीं माने सुझाव

- कैनाल कालोनी से आठ साल पहले राइजिग मेन डाली गई थी, उस पर तीन करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन वह कभी एक दिन भी नहीं चल पाई। यहां से स्लज कैरियर में पानी डाला जाता है। यह छह फीट ऊंचा है। जब मोटर चलती है तो उसके जोड़ खुल जाते हैं। हेड को माइनर के नीचे से निकालने के लिए कहा गया।

- संगुआणा बस्ती का बंद छप्पड़ भी शुरू करवाने और डीएवी कालेज के छप्पड़ को और गहरा करने के लिए कहा गया।

- जालियों की सफाई के लिए भी अधिकारियों को कहा गया। इसके लिए निगम अधिकारियों ने 30 जून तक का समय मांगा, मगर इसका काम आज भी पूरा नहीं हो पाया।

- जेनरेटर सेट जो डिस्पोजल के ऊपर लगे हुए हैं, उनकी बरसात से पहले चेकिग यकीनी बनाने के लिए अधिकारियों को बोला गया।

- दस एकड़ जगह को बरसाती पानी के लिए लिया गया। वहीं पावर हाउस रोड, आलम बस्ती व सिरकी बाजार में नोडल अधिकारी लगाने के लिए कहा गया। जो बारिश शुरु होने से लेकर अंत तक तैनात रहें।

- कमला नेहरु कालोनी में रेन हार्वेस्टिग सिस्टम बनाया जाएगा। यहां पर पहले भी यह सिस्टम बना था, जो सिर्फ एक ही सीजन चल पाया।

- एक नंबर झील को वाटर टैंक के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। इस पर निगम ने कहा था कि इसको हमें ट्रांसफर किया जाए तो डीसी ने कहा कि पहले वह सिर्फ इस्तेमाल के लिए मंजूरी मांगें। बाकी की कार्रवाई बाद में होती रहेगी।

- सिरकी बाजार से पानी की निकासी के लिए प्रपोजल बनाई जाएगी। इस बार तो सिरकी बाजार को नहीं बचाया जा सकेगा, लेकिन अगली बार तक इसको ठीक करके 50 फीसद हिस्से को राहत मिल जाएगी।

Edited By Jagran

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