दिल्ली में जनवरी की बारिश ने तोड़ा 122 साल का रिकार्ड, जानिए उत्तर भारत में कब तक जारी रहेगी शीत लहर

Weather Updates जनवरी समाप्त होने में अभी एक सप्ताह बाकी है। लेकिन उत्तराखंड में अब तक हुई बारिश ने जनवरी में 40 वर्ष में सर्वाधिक बारिश का कीर्तिमान बना दिया है। देहरादून में 132 मिमी और टिहरी में 112 मिमी बारिश हो चुकी है।

Dhyanendra Singh ChauhanPublish: Sun, 23 Jan 2022 08:58 PM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 10:57 PM (IST)
दिल्ली में जनवरी की बारिश ने तोड़ा 122 साल का रिकार्ड, जानिए उत्तर भारत में कब तक जारी रहेगी शीत लहर

जागरण टीम, नई दिल्ली। उत्तर भारत के पहाड़ों में हिमपात और दिल्ली एनसीआर समेत मैदानी क्षेत्र में पड़ रही रिकार्ड बारिश ने ठंड बढ़ा दी है। बारिश ने दिल्ली में इस साल जनवरी में 122 वर्षो का रिकार्ड तोड़ दिया है। 1901 से 2022 के बीच अभी तक आल टाइम रिकार्ड जनवरी 1989 के नाम था, जब 79.7 मिमी बारिश हुई थी, मगर इस साल 23 जनवरी तक ही 88.2 मिमी बारिश ने पिछले सारे रिकार्ड तोड़ नया कीर्तिमान बना दिया। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत उत्तर भारत में शीत लहर के जारी रहने का अनुमान व्यक्त किया है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि सोमवार को भी दिल्ली में आंशिक तौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह मध्यम स्तर का कोहरा हो सकता है। अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान क्रमश: 16 और 07 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। वहीं, आने वाले दिनों में दिल्ली के न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट की उम्मीद है। रविवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री कम 14.9 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक 10.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

जनवरी में आए सात पश्चिमी विक्षोभ

स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष (मौसम विज्ञान और जलवायु परिवर्तन) महेश पलावत ने बताया कि 16 जनवरी से एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव में दिन का तापमान फिर से गिर गया। दिल्ली ने इस साल जनवरी में सात पश्चिमी विक्षोभ दर्ज किए हैं, जबकि सामान्यत: इनकी संख्या तीन से चार होती है।

देहरादून और टिहरी में 40 साल में सर्वाधिक बारिश

जनवरी समाप्त होने में अभी एक सप्ताह बाकी है। लेकिन, उत्तराखंड में अब तक हुई बारिश ने जनवरी में 40 वर्ष में सर्वाधिक बारिश का कीर्तिमान बना दिया है। देहरादून में 132 मिमी और टिहरी में 112 मिमी बारिश हो चुकी है। वर्ष 1981 में ही इससे अधिक बारिश दर्ज की गई थी। जबकि, दून में बारिश का आलटाइम रिकार्ड 230 मिमी वर्ष 1911 का है। इसके अलावा प्रदेश में अब तक औसत 88 मिमी बारिश हो चुकी है। जो कि सामान्य से ढाई गुना है।

जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर 600 वाहन फंसे

जम्मू कश्मीर में बारिश और बर्फबारी के चलते कई जगह भूस्खलन होने से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे बंद हो गया है। हाईवे पर जवाहर टनल और बनिहाल-काजीगुंड (नवयुग) टनल के पास काफी हिमपात हुआ है। यातायात बंद होने से हाईवे पर 600 से अधिक छोटे-बड़े वाहन फंस गए हैं। सड़क से मलबा हटाने का काम लगातार जारी है। इस बीच, माता वैष्णो देवी भवन समेत जम्मू कश्मीर के लगभग भी पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी हुई है। कटड़ा-सांझीछत हेलीकाप्टर सेवा प्रभावित रही। भूस्खलन से बैटरी कार मार्ग दूसरे दिन भी बंद रहा। अलबत्ता, पुराने मार्ग से यात्रा सुबह छह बजे बहाल कर दी गई।

लाहुल, भरमौर, पांगी व ऊपरी शिमला का संपर्क कटा

हिमाचल प्रदेश में शनिवार शाम से जारी भारी बारिश व हिमपात का क्रम रविवार को दिनभर जारी रहा। इससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। हालांकि कृषि और बागवानी के लिए बारिश व हिमपात को अच्छा माना जा रहा है। लाहुल घाटी, चंबा जिले के भरमौर और पांगी और ऊपरी शिमला का संपर्क कट गया है। हिमपात-बारिश के कारण प्रदेश में 731 सड़कें बंद हैां जबकि 1572 ट्रांसफार्मर खराब होने से कई क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति बंद है।

Edited By Dhyanendra Singh Chauhan

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