सेंधमारी की आशंका के बीच Co-WIN पोर्टल से कोई डेटा नहीं हुआ लीक, स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताई सच्चाई

अथारिटी ने इन गलतियों को सुधारने की सुविधा कोविड प्लेटफार्म पर ही उपलब्ध करा दी है। कोई भी व्यक्ति कोविड प्लेटफार्म पर जाकर खुद की स्थिति को पूर्ण टीकाकृत से आंशिक टीकाकृत या फिर आंशिक टीकाकृत से एक भी डोज नहीं लगाए जाने में तब्दील कर सकता है।

Dhyanendra Singh ChauhanPublish: Fri, 21 Jan 2022 08:37 PM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 07:14 AM (IST)
सेंधमारी की आशंका के बीच Co-WIN पोर्टल से कोई डेटा नहीं हुआ लीक, स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताई सच्चाई

नई दिल्ली, पीटीआइ। कोरोना टीकाकरण के रजिस्ट्रेशन करने वाले Co-WIN ऐप पर सेंधमारी की आशंका व्यक्त की जा रही है। इसी के चलते केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि को-विन (Co-WIN) पोर्टल से कोई डेटा लीक नहीं हुआ है। लोगों की पूरी जानकारी सुरक्षित है, क्योंकि यह डिजिटल प्लेटफार्म किसी व्यक्ति का पता एकत्र नहीं करता है। जैसा कि कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि Co-WIN पोर्टल में संग्रहित डेटा आनलाइन लीक हो गया है।

इसी को लेकर मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह स्पष्ट किया जाता है कि को-विन पोर्टल से कोई डेटा लीक नहीं हुआ है और निवासियों का पूरा डेटा इस डिजिटल प्लेटफार्म पर पूरी तरह सुरक्षित है।

वहीं, दूसरी ओर कोई भी व्यक्ति अब खुद ही कोविन प्लेटफार्म पर हुई टीकाकरण की गलती को सुधार सकता है। गलती सुधारने के लिए कोविन प्लेटफार्म पर विकल्प उपलब्ध करा दिया गया है। इसके साथ ही कोविन प्लेटफार्म पर एक मोबाइल नंबर पर छह लोगों के टीकाकरण के लिए पंजीकरण हो सकता है, पहले यह संख्या चार लोगों तक सीमित थी।

कोविड प्लेटफार्म पर बहुत सारे लोगों को आंशिक या पूर्ण टीकाकृत दिखाए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं, जबकि उन्होंने कोई टीका लिया ही नहीं होता है। नेशनल हेल्थ अथारिटी टीकाकर्मियों की गलती बताकर इन शिकायतों से पल्ला झाड़ लेता था। परंतु अब अथारिटी ने इन गलतियों को सुधारने की सुविधा कोविड प्लेटफार्म पर ही उपलब्ध करा दी है। कोई भी व्यक्ति कोविड प्लेटफार्म पर जाकर खुद की स्थिति को पूर्ण टीकाकृत से आंशिक टीकाकृत या फिर आंशिक टीकाकृत से एक भी डोज नहीं लगाए जाने में तब्दील कर सकता है। एक बार अपनी टीकाकरण की स्थिति बदलने के बाद तीन से सात दिनों में नई स्थिति कोविड प्लेटफार्म पर दिखने लगेगी। उसके बाद वह व्यक्ति नई स्थिति के अनुरूप टीके की पहली या दूसरी डोज ले सकता है।

एक मोबाइल नंबर से अब छह लोगों के पंजीकरण की छूट दी गई

इसके साथ ही किशोरों के टीकाकरण शुरू होने के बाद एक मोबाइल पर चार लोगों के पंजीकरण की सीमा से आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए अब छह लोगों के पंजीकरण की छूट दी गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कई परिवारों में एक ही मोबाइल नंबर होने के कारण पति-पत्नी और माता-पिता के बाद किशोरों के पंजीकरण में समस्या की शिकायतें आ रही थीं।

बता दें कि देश में कोरोना की तीसरी लहर के चलते एक बार फिर तेजी से टीकाकरण कार्यक्रम अभियान चलाया जा रहा है। इसी को देखते हुए अब एक फोन नंबर से चार लोगों की बजाय छह लोगों का पंजीकरण हो सकेगा।

Edited By Dhyanendra Singh Chauhan

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