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सावधान! देश में कोरोना वायरस की नए वैरिएंट के 1189 मामले मिले, स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने किया आगाह

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि देश में कोरोना वायरस (SARS COV-2) के घातक वैरिएंट के अब तक कुल 1189 नमूने संक्रमित मिले हैं। इनमें से 1109 नमूने ब्रिटेन में पाई गई कोरोना की नई स्‍ट्रेन के हैं...

Krishna Bihari SinghSat, 17 Apr 2021 07:22 AM (IST)
सावधान! देश में कोरोना वायरस की नए वैरिएंट के 1189 मामले मिले, स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने किया आगाह

नई दिल्‍ली, पीटीआइ। देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच एक चिंताजनक खबर सामने आई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Union Health ministry) ने शुक्रवार को बताया कि देश में कोरोना वायरस (SARS COV-2) के घातक वैरिएंट के अब तक कुल 1189 नमूने संक्रमित मिले हैं। समाचार एजेंसी ने स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय (Union Health ministry) के हवाले से बताया है कि इनमें से 1109 नमूने ब्रिटेन में पाई गई कोरोना की नई स्‍ट्रेन के हैं जबकि 79 नमूने दक्षिण अफ्रीका में पाए गए वैरिएंट का है। इनमें से एक नमूना ब्राजील में पाए गए कोरोना के स्वरूप का भी पाया गया है।

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कहा कि 15 अप्रैल तक 13614 नमूनों की जीनोम अनुक्रमण के लिए नामित 10 आईएनएसएसीओजी प्रयोगशालाओं में जांच की गई। इनमें से 1189 नमूने सार्स सीओवी-2 के घातक वैरिएंट से संक्रमित पाए गए। मालूम हो कि भारतीय सार्स सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (Indian SARS-CoV-2 Genomics Consortium, INSACOG) पूर्ण जीनोम अनुक्रमण के जरिए सार्स कोविड-2 के जीनोम में बदलावों की निगरानी के लिए दिसंबर 2020 में बनाया गया 10 प्रयोगशालाओं का नेटवर्क है।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस अपना स्वरूप लगातार बदल रहा है। कई देशों में उसके नए स्वरूप मिले हैं। ब्रिटेन में 17, ब्राजील में 17 और दक्षिण अफ्रीका में 12 स्वरूप अब तक पाए गए हैं। ब्रिटिश वैज्ञानिक पहले ही आगाह कर चुके हैं कि इन स्वरूपों की संक्रामक क्षमता यानी फैलने की दर काफी ज्यादा है। ब्रिटेन में पाई गई कोरोना की नई स्‍ट्रेन तो समूचे यूरोप में देखी गई है। इस वायरस के फैलने की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह एशिया और अमेरिका में भी फैल गया है। 

रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना के इन स्वरूपों के सामने आने से प्रबंधन की रणनीति में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है। यह अब भी पहले की तरह जांच, संपर्क का पता लगाने, नजर रखने और उपचार पर केंद्रित है। सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कोविड-19 का प्रसार रोकने के लिए मास्क का इस्तेमाल सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच अब भी बना हुआ है। नए खतरे को देखते हुए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को कड़ी सतर्कता बरतने और जरूरी स्‍वास्‍थ्‍य उपायों को अपनाने को कहा गया है।