जल्‍द ही थमने लगेगी तीसरी लहर की रफ्तार, जानें देश में कब से कम होने लगेंगे कोरोना संक्रमण के मामले

देश ओमिक्रोन वैरिएंट प्रभावी लहर से जूझ रहा है लेकिन जल्‍द ही कोरोना की यह तीसरी लहर थमने लगेगी। सरकार के आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को कहा कि कुछ राज्यों और मेट्रो शहरों में मामले कम और स्थिर होने लगे हैं।

Krishna Bihari SinghPublish: Mon, 24 Jan 2022 03:50 PM (IST)Updated: Mon, 24 Jan 2022 11:07 PM (IST)
जल्‍द ही थमने लगेगी तीसरी लहर की रफ्तार, जानें देश में कब से कम होने लगेंगे कोरोना संक्रमण के मामले

नई दिल्‍ली, एएनआइ। देश कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट प्रभावी लहर से जूझ रहा है लेकिन जल्‍द ही कोरोना की यह तीसरी लहर थमने लगेगी। सरकार के आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को कहा कि कुछ राज्यों और मेट्रो शहरों में मामले कम और स्थिर होने लगे हैं। इसमें टीकाकरण का बड़ा योगदान रहा है। कोविड​​-19 रोधी टीकाकरण ने कोरोना की तीसरी लहर के प्रभाव को कम कर दिया है। देश में दैनिक कोविड​​-19 मामलों में 15 फरवरी के बाद गिरावट आनी शुरू हो जाएगी।

इससे पहले भारतीय सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (इंसाकोग) ने भी साफ कर चुका है कि देश में ओमिक्रोन वैरिएंट सामुदायिक प्रसारण यानी कम्‍यूनिटी ट्रांसमिशन के चरण में है। यह कई महानगरों में प्रभावी हो गया है जहां संक्रमण के नए मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना की यह लहर मेट्रो शहरों के बाद कुछ ही हफ्तों में छोटे शहरों और गांवों का रुख करेगी और धीरे धीरे खत्‍म होने की ओर बढेगी।

वहीं देश में एक दिन में कोविड-19 के 3,06,064 नए मामले सामने आए हैं। इससे देश में संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 3,95,43,328 हो गया है जबकि एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 22,49,335 हो गई है। यह 241 दिन में एक्टिव केस का सर्वाधिक आंकड़ा है। बीते 24 घंटे में देश में कोरोना संक्रमण से 439 और लोगों की मौत हो गई। इससे देश में महामारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 4,89,848 हो गई है।

मौजूदा वक्‍त में देश में 22,49,335 मरीजों का इलाज चल रहा है। चिंता की बात यह है कि देश में मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर घटकर 93.07 फीसद हो गई है। देश में कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान में तेजी से चल रहा है। देश की 75 फीसद वयस्‍क आबादी को टीके की दोनों खुराक लगाई जा चुकी है। अब तक कोविड-19 रोधी वैक्‍सीन की 162 करोड़ से ज्यादा डोज लगाई जा चुकी हैं। इसी तरह से 15 से 18 वर्ष के चार करोड़ 15 लाख किशोरों को पहली डोज लगा दी गई है। 

Edited By Krishna Bihari Singh

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