2021 में पॉपुलर रही ये किताबें, ऑडियोबुक के लिए भी काफी खास रहा साल

कालजयी कथाकार नरेंद्र कोहली जिन्हे आधुनिक गद्य में महाकाव्य लेखन के प्राचीन रूप को फिर से खोजने का श्रेय दिया जाता है उनकी 9 खण्डों के रचना ‘महासमर’ को खूब सुना गया। महासमर के 9 खण्डों को 300 घंटों में शक्ति सिंह विष्णु शर्मा और कमल शर्मा ने आवाज दी।

TilakrajPublish: Thu, 30 Dec 2021 12:31 PM (IST)Updated: Thu, 30 Dec 2021 12:31 PM (IST)
2021 में पॉपुलर रही ये किताबें, ऑडियोबुक के लिए भी काफी खास रहा साल

नई दिल्ली, अनुराग मिश्र/विवेक तिवारी। साल 2021 के अब कुछ चंद दिन बचे हैं , यह वर्ष भी हम सभी के लिए काफी खलबली का ही रहा है। लॉकडाउन और महामारी का साया बना रहा। साहित्य के नजरिये से देखा जाय, तो यह वर्ष खास रहा। ऑडियोबुक के लिए भी काफी खास रहा है। इस वर्ष किताबें पढ़ी ही नहीं सुनी भी गईं।

स्टोरी टेल-महासमर

कालजयी कथाकार नरेंद्र कोहली जिन्हे आधुनिक गद्य में महाकाव्य लेखन के प्राचीन रूप को फिर से खोजने का श्रेय दिया जाता है उनकी 9 खण्डों के रचना ‘महासमर’ को खूब सुना गया। महासमर के 9 खण्डों को 300 घंटों में शक्ति सिंह, विष्णु शर्मा और कमल शर्मा ने आवाज दी है। दूसरे स्थान पर धर्मवीर भारती का ‘गुनाहों का देवता’ भी काफी लोकप्रिय रहा, इस रचना को आवाज दी है मशहूर कवि कुमार विश्वास ने, यह अपने आप में एक कृतिमान है कि किसी फेमस सेलेब्रिटी द्वारा इतनी लंबी पुस्तक को अकेले पढ़ा गया है। लाखों पाठकों के लिए प्रिय इस अनूठे उपन्यास की माँग आज भी वैसी ही बनी हुई है। स्टोरीटेल पर भी इसे लोग खूब प्यार और स्नेह दे रहे हैं ।

"मृत्युंजय" यह शिवाजी सावंत लिखित सूर्य पुत्र कर्ण कि अद्भुत जीवन गाथा है। मराठी के यशस्वी उपन्ययासकार शिवाजी सावंत का सांस्कृतिक उपन्यास मृत्युंजय आधुनिक भारतीय कथा-साहित्य में निःसन्देह एक विरल चमत्कार है। 2021 में स्टोरीटेल ऑडियोबुक में सबसे ज्यादा सुनने वाले इस उपन्यास का तीसरा स्थान है।

बेस्टसेलर लेखक नीलोत्पल मृणाल का पहला उपन्यास ‘औघड़’ नई जनरेशन की नज़र से गाँव को देखते हुए एक ऐसी कहानी हमारे सामने रखता है, जो किसी आउटसाइडर की कल्पना नहीं। यह उपन्यास गाँव को उसके भीतर से जानने वाले का कॉम्प्लेक्स और ऑथेंटिक आख्यान है। इसे आवाज़ दी है ख़ुद लेखक ने, ताकि इसके पात्रों और उनकी भाषा को भी उतना ही ऑथेंटिक स्वर मिल सके।

राजकमल : कब्जे जमां

शम्सर्ररहमान फारुकी का यह उपन्यास उर्दू की किस्सागोई की बेहतरीन मिसाल है। इक्कीसवीं, सोलहवीं और अठारहवीं सदियों के अलग-अलग सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक मिजाज तथा उनके अपने वक्तों की बोली-बानी में रचा गया है। इस उपन्यास में दास्तानगोई अपने क्लासिकल अन्दाज में मौजूद है। उपन्यासकार ने न केवल तुगलकों और मुगलों के वक्त को जीवन्त कर दिया है, बल्कि उस दौर की भाषा की उन तमाम बारीकियों को दर्ज किया है, जिन्हें कहीं और पाना मुश्किल है। इसका अनुवाद रिजवानुल हक ने किया है।

राजकमल : स्वांग

ज्ञान चतुर्वेदी की स्वांग बुंदेलखंड की एक बेहद लोकप्रिय लोकनाट्य विधा रही है। लोकनाट्य तो समय के साथ डूब गए। सामाजिक, राजनीतिक, न्याय और कानून, इनकी व्यवस्था का सारा तंत्र ही एक विराट स्वांग में बदल गया है। यह न केवल बुंदेलखंड के, बल्कि हिंदुस्तान के समूचे तंत्र के एक विराट स्वांग में तब्दील हो जाने की कहानी है।

भारत के प्रधानमंत्री

राशिद किदवई की आजादी के 75वें साल में प्रकाशित यह पुस्तक, पहले प्रधानमंत्री से लेकर वर्तमान प्रधानमंत्री तक, हमारे शीर्ष नेतृत्वकर्ताओं के विचारों और कार्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन करती है तथा एक लोकतंत्र के रूप में भारत की प्रगति और उसके रास्ते में खड़े अवरोधों के बारे में सोचने का सूत्र देती है।

वाणी प्रकाशन

वाणी प्रकाशन समूह की कार्यकारी निदेशक अदिति महेश्वरी के मुताबिक 2021 में हिन्दी के पाठकों ने कविता संग्रह काफी पसंद किए। साथ ही रिसर्च बेस किताबों को लोगों ने काफी पसंद किया। उम्मीद की जा रही है कि 2022 में भी रिसर्च बेस किताबें काफी लोकप्रिय होंगी।

वाणी प्रकाशन से प्रकाशित वरिष्ठ पत्रकार शेष नारायण सिंह के राजनीतिक और वैचारिक लेखों का संकलन शेष जी लोगों ने काफी पसंद किया। इस किताब की मांग काफी रही। वहीं लेखिका पूनम बाथम की किताब मछलियां गायेंगी एक दिन पंडुमगीत को लोगों ने काफी पसंद किया। ये बस्तर की लोक संस्कृति एवं जनचेतना पर केंद्रित कविताओं का संग्रह है। ये किताब बहुत जल्द ही अमेजन की सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली किताबों में शामिल हो गई।

ज्ञानपीठ- अनसंग कम्पोजर ऑफ आईएनए कैप्टन राम सिंह ठाकुर

ज्ञानपीठ के वरिष्ठ प्रकाशन अधिकारी डॉ महेश्वर दत्त ने बताया कि साल 2021 में ज्ञानपीठ की अनसंग कम्पोजर ऑफ आईएनए कैप्टन राम सिंह ठाकुर (जीवनी), किताब को लोगों को हाथों हाथ लिया, इस किताब के लेखक राजेन्द्र राजन हैं। यह किताब सुभाष चंद्र बॉस के सहयोगी साथी कैप्टन राम सिंह ठाकुर की जीवनी है। कैप्टन ठाकुर आईएनए के बैंड मास्टर थे और उन्होंने आईएनए की धून तैयार की थी। वहीं ज्ञानपीठ की दूसरी सबसे लोकप्रिय किताब कहा कहों इन नैनन की बात (उपन्यास) रही। इस उपन्यास की लेखक प्रियाशरण अग्रवाल हैं। ये श्रीकृष्ण भक्तिधारा को जानने समझने के लिए एक महत्वपूर्ण पुस्तक है।

पुस्तकनामा - खेत पूछते हैं

पुस्तकनामा प्रकाशन की प्रबंधक रेखा श्रीवास्तव ने बताया कि पाठक ईबुक काफी पसंद कर रहे हैं। पुस्तकनामा प्रकाशन की, खेत पूछते हैं (किसानी जीवन-संघर्ष की पंजाबी कविताएँ), पंजाबी से हिन्दी अनुवाद : तरसेम, बचा रहे स्पर्श (मंगलेश डबराल पर समकालीन स्त्री कवियों के संस्मरण), चिंतन की कसौटी पर गद्य कविता (आलोचना), भरत प्रसाद को भी लोगों ने काफी पसंद किया।

पेंग्विन- सच कहूं तो

अभिनेत्री नीना गुप्ता की ऑटोबायोग्राफी में उन्होंने अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल यात्रा को बेहद करीने से प्रस्तुत किया है। दिल्ली के करोल बाग में अपने बचपन, नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से मुंबई जाने की दास्तां और संघर्ष को साफगोई से बताया है। पेंग्विन की 2021 में यह किताब काफी पॉपुलर रही।

पेंग्विन- 40 टाइमलैस टेल्स टू इंस्पायर यू- हरीश भट्ट

हरीश भट्ट ने अपनी इस बात में टाटा समूह की कई अनसुनी बातों के बारे में बताया है। इस किताब में कल्पना चावला द्वारा अंतरिक्ष में जेआरडी की तस्वीर को ले जाना, जेआरडी टाटा की स्वामी विवेकानंद से मुलाकात जैसे तमाम अध्याय है जो आज के लोगों और कारोबारियों के लिए प्रेरणा साबित हो सकते हैं।

Edited By Tilakraj

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