मुआवजे मांगने वाले कोरोना पीड़ि‍तों की कम संख्या पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कोरोना से मौत पर मुआवजे का दावा करने वाले पीड़ि‍तों की कम संख्या पर चिंता जताई। साथ ही राज्यों से यह बताने को कहा कि उनकी तरह से इस योजना के बारे में व्यापक तौर पर प्रचार-प्रसार किया गया है या नहीं।

Arun Kumar SinghPublish: Mon, 29 Nov 2021 09:50 PM (IST)Updated: Mon, 29 Nov 2021 09:50 PM (IST)
मुआवजे मांगने वाले कोरोना पीड़ि‍तों की कम संख्या पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता

नई दिल्ली, प्रेट्र। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कोरोना से मौत पर मुआवजे का दावा करने वाले पीड़ि‍तों की कम संख्या पर चिंता जताई। साथ ही राज्यों से यह बताने को कहा कि उनकी तरह से इस योजना के बारे में व्यापक तौर पर प्रचार-प्रसार किया गया है या नहीं। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को कोरोना से दर्ज की मौतों, मुआवजे के लिए अब तक मिले आवेदन और उन लोगों की संख्या बताने के निर्देश दिए हैं, जिन्हें अब तक मुआवजे का भुगतान किया जा चुका है।

प्रत्येक जिले में शिकायत निवारण समिति के गठन पर भी मांगी जानकारी

शीर्ष अदालत ने मुख्य सचिवों से यह भी बताने को कहा है कि क्या उनके राज्यों के प्रत्येक जिले में शिकायत निवारण समिति का गठन हुआ है या नहीं और क्या मुआवजा संबंधी योजना के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जानकारी पहुंचाने के लिए उसका व्यापक प्रचार प्रसार किया गया है या नहीं। यह भी बताने को कहा है कि क्या मुआवजे के लिए दावा करने और भुगतान प्राप्त करने के लिए कोई पोर्टल बनाया गया है या नहीं।

इस योजना के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार पर राज्यों से मांगा जवाब

पीठ ने यह भी कहा कि उपरोक्त सभी सूचनाएं राज्यों द्वारा केंद्रीय गृह मंत्रालय, केंद्र सरकार, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी को तीन दिसंबर या उससे पहले मुहैया करा दी जाएं। संबंधित राज्यों द्वारा उपरोक्त मामलों पर स्थिति रिपोर्ट मामले में अगली सुनवाई के दिन या उससे पहले अदालत में जमा कराई जा सकती हैं। मामले में अगली सुनवाई छह दिसंबर को होगी। शीर्ष अदालत कोरोना पीड़ि‍तों को आर्थिक मदद से जुड़ी विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।

Edited By Arun Kumar Singh

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