मोरना गांव की जमीन अधिग्रहण मामले में मुआवजा बढ़ाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का यूपी सरकार और नोएडा अथारिटी को नोटिस

मोरना गांव के भूस्वामी किसानों ने जमीन का मुआवजा बढ़ाकर पड़ोस के गांव छलेरा बांगर की अधिग्रहित जमीन के लिए दिए गए मुआवजे के बराबर 449 रुपये प्रति वर्गगज किये जाने की मांग की है। पढ़ें यह रिपोर्ट...

Krishna Bihari SinghPublish: Sun, 23 Jan 2022 05:58 PM (IST)Updated: Mon, 24 Jan 2022 02:33 AM (IST)
मोरना गांव की जमीन अधिग्रहण मामले में मुआवजा बढ़ाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का यूपी सरकार और नोएडा अथारिटी को नोटिस

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा के मोरना गांव के भूस्वामी किसानों की अधिगृहीत भूमि का मुआवजा बढ़ाए जाने की मांग पर उत्तर प्रदेश सरकार और नोएडा अथारिटी को नोटिस जारी किया है। मोरना गांव के भूस्वामी किसानों ने जमीन का मुआवजा बढ़ाकर पड़ोस के गांव छलेरा बांगर की अधिगृहीत जमीन के लिए दिए गए मुआवजे के बराबर 449 रुपये प्रति वर्गगज किए जाने की मांग की है। भूस्वामी किसानों ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के 22 मार्च, 2021 के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में यह विशेष अनुमति याचिका दाखिल की है। यह मामला 1991 का है।

जस्टिस एस. अब्दुल नजीर और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने भूस्वामी किसानों के वकील डा. राजीव शर्मा की दलीलें सुनने के बाद गत सप्ताह नोटिस जारी किया। इससे पहले राजीव शर्मा ने पीठ के समक्ष नोएडा के छलेरा बांगर गांव के भूमि अधिग्रहण से संबंधी केस बीर ¨सह मामले में नौ नवंबर, 2017 को दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया जिसमें कोर्ट ने 449 रुपये प्रति वर्गगज की दर से मुआवजा दिया था।

शर्मा ने कहा कि इस मामले के याचिकाकर्ताओं को 449 रुपये प्रति वर्गगज की दर से मुआवजा दिया जाए, न कि 355 रुपये प्रति वर्गगज की दर से जो हाई कोर्ट ने दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों ही गांवों में भूमि अधिग्रहण एक ही समय 1991 में हुआ था। शर्मा ने कहा कि समतुल्यता और समानता को देखते हुए मोरना गांव के भूस्वामी याचिकाकर्ता भी 449 रुपये प्रति वर्गगज की दर से मुआवजा पाने के अधिकारी हैं।

इस मामले में हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ भूस्वामी किसानों और नोएडा अथारिटी की क्रास अपीलें हैं। यानी दोनों ही पक्षों ने आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिकाएं दाखिल की हैं। नोएडा अथारिटी ने हाई कोर्ट द्वारा मुआवजा 264 रुपये प्रति वर्गगज से बढ़ाकर 355 रुपये प्रति वर्गगज करने के हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रखी है।

उसकी याचिका पहले से लंबित है और उस पर पहले ही नोटिस जारी हो चुका है। अब भूस्वामी भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं और हाई कोर्ट द्वारा दिए गए मुआवजे को और बढ़ाए जाने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर भी नोटिस जारी करते हुए दोनों याचिकाओं को एक साथ सुनवाई के लिए संलग्न करने का आदेश दिया है।

क्या है मामला

नोएडा के मोरना गांव में भूमि अधिगृहीत किए जाने की अधिसूचना 1991 में निकली थी। 1992 में उत्तर प्रदेश सरकार ने अधिगृहीत जमीन पर कब्जा लेकर उसे विकसित करने के लिए नोएडा अथारिटी को दिया था। भूस्वामियों को अधिगृहीत जमीन का 74.40 रुपये की दर से मुआवजा दिया गया। भूस्वामी मुआवजा बढ़वाने के लिए रिफरेंस कोर्ट गए। रिफरेंस कोर्ट ने 2003 में मुआवजा बढ़ाकर 264 रुपये प्रति वर्गगज कर दिया। भूस्वामियों ने और मुआवजा बढ़ाने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की और हाई कोर्ट ने 23 मार्च, 2021 को दिए फैसले में मुआवजा बढ़ाकर 355 रुपये प्रति वर्गगज कर दिया। जिसके खिलाफ अब मामला सुप्रीम कोर्ट में है।

Edited By Krishna Bihari Singh

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept