Gyanvapi Masjid Case: शिवलिंग पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले DU के प्राफेसर रतनलाल गिरफ्तार, छात्रों ने किया विरोध-प्रदर्शन

ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग मिलने के मामले को लेकर फेसबुक पर विवादित पोस्ट करने वाले दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के हिंदू कालेज में इतिहास के एसोसिएट प्रोफेसर रतन लाल को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में आइपीसी की धारा 153ए/295ए के तहत मामला दर्ज किया गया था।

Piyush KumarPublish: Sat, 21 May 2022 01:43 AM (IST)Updated: Sat, 21 May 2022 06:16 AM (IST)
Gyanvapi Masjid Case: शिवलिंग पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले DU के प्राफेसर रतनलाल गिरफ्तार, छात्रों ने किया विरोध-प्रदर्शन

नई दिल्ली, एएनआइ: वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग मिलने के मामले को लेकर फेसबुक पर विवादित पोस्ट करने वाले दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के हिंदू कालेज में इतिहास के एसोसिएट प्रोफेसर रतन लाल को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। इस पोस्ट के लिए शिक्षक की इंटरनेट मीडिया पर काफी आलोचना हुई थी। मालूम हो कि सामाजिक कार्यकर्ता शिवम भल्ला की शिकायत पर 18 मई को उत्तरी जिले के साइबर सेल थाने में शिक्षक के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण कृत्य और धार्मिक भावनाओं को आहत करने की धाराओं में एफआइआर दर्ज की गई थी।  सिविल लाइंस पुलिस द्वारा शनिवार (आज) को उन्हें तीस हजारी अदालत में पेश किया जाएगा।

  छात्र कर रहे हैं गिरफ्तारी का विरोध

इस बीच स्टूडेंट्स फेडरेशन आफ इंडिया (SFI) और आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) छात्र संघ के छात्र प्रोफेसर रतन लाल की गिरफ्तारी की विरोध में उत्तरी दिल्ली के मौरिस नगर के साइबर पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन को अंजाम दिया गया। कुछ छात्र पुलिस थाने के बाहर सड़क पर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन की। विरोध-प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सड़क भी जाम किया। 

रतन लाल के वकील ने किया गिरफ्तारी का विरोध

वहीं, रतन लाल के वकील, महमूद प्राचा ने कहा, 'उसके खिलाफ (प्रो रतन लाल) झूठा मामला दर्ज किया गया था। प्राथमिकी और शिकायत में एक बात का उल्लेख नहीं है जिसे संज्ञेय अपराध कहा जा सकता है। उसके बावजूद, आईपीसी की धारा 153ए और 295ए के तहत गिरफ्तारी नहीं हो सकती, पुलिस के पास वह शक्ति नहीं है।

रतन लाल के वकील ने आगे कहा, 'यह गिरफ्तारी भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अवमानना ​​है और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3 का उल्लंघन है। हम उनकी बेगुनाही साबित करेंगे।'

प्रोफेसर रतन लाल की गिरफ्तारी पर विरोध जताते हुए राज्यसभा सांसद मनोज झा ने एक ट्वीट किया है। ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि देश से बाहर हूँ एक कार्यक्रम में और अभी सूचना मिली कि दिल्ली विश्वविद्यालय के मुद्दों के साथ सामाजिक न्याय के सरोकारों के हमारे प्रिय साथी @ratanlal72 को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

@DelhiPolice क्या आपको फेहरिस्त भेज दूं कि हमारे साथी के बदले किन्हें जेल होना चाहिए था।

शिवलिंग पर की थी विवादित टिप्पणी

उत्तरी जिले के डीसीपी सागर सिंह कलसी ने बताया कि प्रो. रतन लाल के खिलाफ लोगों की धार्मिक भावनाओं को अपमानित करने के संबंध में शिकायत मिली थी। इस संबंध में आइपीसी की धारा 153ए/295ए के तहत मामला दर्ज किया गया था। दरअसल, प्रो. रतन लाल ने मंगलवार को अपने फेसबुक अकाउंट पर ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग की फोटो साझा करते हुए उस पर विवादित टिप्पणी की थी। टिप्पणी के साथ फनी इमोजी भी पोस्ट की गई थी। कई लोगों ने पोस्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कार्रवाई की मांग के साथ इसे दिल्ली पुलिस के ट्विटर हैंडल को टैग भी किया था।

इस मामले में एक सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत पर उत्तरी जिले के साइबर सेल थाने में दुर्भावनापूर्ण कृत्य व धार्मिक भावनाओं को आहत करने की धाराओं में एफआइआर दर्ज की गई है। प्रोफेसर की इस टिप्पणी पर इंटरनेट मीडिया पर काफी आलोचना की जा रही है। माडल टाउन निवासी शिवम भल्ला की शिकायत पर एफआइआर दर्ज की गई है।

अपनी सुरक्षा को लेकर मांगा था एके 56 का लाइसेंस

 मंगलवार को फेसबुक पर विवादित पोस्ट करने के बाद इंटरनेट मीडिया पर आलोचनाओं को सामना कर रहे प्रोफेसर रतन लाल ने अपने फेसबुक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए एके 56 का लाइसेंस मांगा है। उनका कहना है कि उन्हें धमकियां मिल रही है ऐसे में सुरक्षा के लिए एके 56 का लाइसेंस दिलाया जाए। 

Edited By Piyush Kumar

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept