गृह मंत्रालय का केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों को निर्देश- चुनाव ड्यूटी में शामिल होने से पहले लगवाएं वैक्सीन की प्रिकाशन डोज

गृह मंत्रालय ने सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) कर्मियों को उत्तर प्रदेश पंजाब गोवा उत्तराखंड और मणिपुर में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव ड्यूटी में शामिल होने से पहले कोविड वैक्सीन की एहतियाती खुराक लगवाने का निर्देश दिया है।

Krishna Bihari SinghPublish: Mon, 17 Jan 2022 10:20 PM (IST)Updated: Tue, 18 Jan 2022 06:14 AM (IST)
गृह मंत्रालय का केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों को निर्देश- चुनाव ड्यूटी में शामिल होने से पहले लगवाएं वैक्सीन की प्रिकाशन डोज

नई दिल्‍ली, आइएएनएस। गृह मंत्रालय ने सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) कर्मियों को उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव ड्यूटी में शामिल होने से पहले 'कोविड वैक्सीन की एहतियाती खुराक' लगवाने का निर्देश दिया है। गृह मंत्रालय का यह निर्देश कोरोना की तीसरी लहर के चलते संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच आया है। मौजूदा वक्‍त में कोरोना की नई लहर अर्धसैनिक बल के जवानों को भी तेजी से संक्रमित कर रही है।

समाचार एजेंसी आइएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसएसबी और आईटीबीपी के महानिदेशकों को एहतियाती खुराक की व्यवस्था करने के लिए कहा है। बलों के अधिकारियों ने कहा कि अधिकांश जवानों को पहले ही कोविड-19 रोधी वैक्‍सीन लगाई जा चुकी है। बता दें कि चुनाव वाले पांच राज्यों में अर्धसैनिक बलों की लगभग 650 कंपनियों को चुनाव ड्यूटी के लिए कहा गया है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान अर्धसैनिक बल के जवान मतदान केंद्रों और मतगणना केंद्रों को सुर‍क्षा देंगे।

यही नहीं अर्धसैनिक बल के जवान स्ट्रांग रूम को भी सुरक्षा मुहैया कराएंगे जहां मतदान के बाद ईवीएम रखी जाएंगी। दरअसल यदि कोई जवान कोविड-19 से संक्रमित पाया जाता है तो पूरी यूनिट को आइसोलेट कर दिया जाएगा जिससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि केंद्रीय बल के जवानों को राज्यों में प्रतिनियुक्ति के दौरान पर्याप्त मात्रा में मास्क और सैनिटाइजर ले जाने के लिए भी कहा गया है।

बल के अधिकारियों ने मंत्रालय के निर्देश का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव वाले राज्यों में प्रशासन को कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार केंद्रीय सुरक्षा बलों के ठहरने के लिए विशिष्ट आवास की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। आमतौर पर राज्य सरकार या जिला प्रशासन स्कूलों या सरकारी सुविधाओं जैसे परिसरों की व्यवस्था करता है लेकिन इस बार उन्होंने विशेष रूप से विशिष्ट आवास की व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए गए हैं ताकि केंद्रीय सुरक्षा बलों की ओर से शारीरिक दूसरी समेत अन्य उपायों का पालन किया जा सके।

Edited By Krishna Bihari Singh

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