देशभर में दिखा राम मंदिर के भूमिपूजन का उल्लास, सड़कों पर पटाखे तो घरों में गूंजीं मानस की चौपाइयां

राजधानी दिल्ली पंजाब हरियाणा उत्तराखंड बिहार मध्य प्रदेश झारखंड व छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में लोगों ने खुशी मनाई।

Manish PandeyPublish: Thu, 06 Aug 2020 07:20 AM (IST)Updated: Thu, 06 Aug 2020 07:20 AM (IST)
देशभर में दिखा राम मंदिर के भूमिपूजन का उल्लास, सड़कों पर पटाखे तो घरों में गूंजीं मानस की चौपाइयां

जेएनएन, नई दिल्ली। यूं तो महीनों से पूरे देश की निगाहें श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमिपूजन कार्यक्रम पर लगी हुई थीं, लेकिन बुधवार को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में भूमिपूजन किया, तो पूरे देश में उल्लास छा गया। मंदिरों के साथ ही घरों में भी सुंदरकांड व रामचरित मानस की चौपाइयां गूंजीं और सड़कों पर जमकर पटाखे फोड़े गए। पड़ोसी देश नेपाल में भी जबरदस्त उत्साह दिखा।

राजधानी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, बिहार, मप्र, झारखंड व छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में लोगों ने खुशी मनाई। टेलीविजन पर भूमि पूजन के दृश्य देखकर लोग भाव-विभोर हो गए। उप्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृहजिले गोरखपुर में सड़कों पर युवाओं की टोली जय श्रीराम के नारे लगाती दिखी। तो गोरखनाथ मंदिर में विशेष पूजन का आयोजन भी दिखा। चित्रकूट घाट पर देर शाम दीपदान का नजारा भगवान राम के अयोध्या लौटने पर दिवाली सा मनमोहक दिखा। ब्रज की धरती पर मंदिरों में घंट-घडि़याल गूंजे, तो मथुरा में कृष्ण जन्मस्थान स्थित केशवदेव को राम की वेशभूषा में सजाया गया। बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी में लोगों ने घरों में अनुष्ठान किया, तो पटाखे भी फोड़े। मुस्लिम महिलाओं ने राम आरती की और कहा, 'राम हमारे और हम राम के हैं'।

मध्यप्रदेश में मंदिरों में सुबह से ही विशेष पूजन और दीप प्रज्जवलित किए गए। शाम को कई इलाकों में मंदिर दीपों की रोशनी से जगमगा उठे। ज्योíतलिंग ओंकारेश्वर में 1111 दीपों से मां नर्मदा की आरती की गई। पितरेश्वर धाम में 10 हजार दीपों से साज सज्जा तो हंसदास मठ पर 1100 दीपों से रामनाम लिखा गया। दतिया के पीतांबरा पीठ के पास आतिशबाजी की गई। बुंदेलखंड की अयोध्या ओरछा में लोगों ने आतिशबाजी कर जश्न मनाया। श्रीरामराजा सरकार मंदिर प्रांगण स्थित यज्ञशाला के समीप ही सुंदरकांड पाठ के साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। उज्जैन (अवंतिका) में दीपोत्सव की तरह महाकाल से शिप्रा तट तक दीपमालिका सजाई गई।

पंजाब में ढोल की थाप पर लोगों ने गुलाल उड़ा कर जय श्रीराम का जयघोष किया और लड्डू बांटे। शाम होते-होते जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, बठिंडा व पटियाला सहित अन्य कस्बों-गांवों में मंदिर, बाजार और विभिन्न संस्थान रोशनी से जगमगा उठे। अमृतसर के श्री दुग्र्याणा तीर्थ, पटियाला के काली माता मंदिर में भी दीये जलाए गए।

देवभूमि उत्तराखंड भी राममय हो गई। चारधाम समेत मठ मंदिरों के साथ ही घरों में अखंड रामायण और सुंदरकांड का पाठ हुआ। सूर्यास्त के बाद घरों में दीप जले तो जगह-जगह जोरदार आतिशबाजी भी हुई। हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर विशेष गंगा आरती हुई तो पौड़ी के फल्स्वाड़ी स्थित सीता मंदिर में 108 दीये जलाए गए। देहरादून में मुख्यमंत्री आवास पर 5100 घी के दीये रोशन किए गए, जबकि हरिद्वार में शांतिकुंज व देवसंस्कृति विवि परिसर में 51 हजार दीप जलाए गए। बिहार में सीतामढ़ी सहित पूरा प्रदेश राममय रहा। भजन-कीर्तन, हवन-पूजन और प्रसाद-मिष्ठान्न वितरण से चहुंओर उत्सवी माहौल रहा। यत्र-तत्र शोभायात्राएं निकाली गई। विश्व ¨हदू परिषद की ओर से पांच सौ मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन था। संघ परिवार और भाजपा के साथ जन-जन में उत्साह का संचार होता रहा। हिमाचल प्रदेश के जसूर में एक व्यक्ति ने बस सेवा मुफ्त कर दी।

Edited By Manish Pandey

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