केंद्र ने राज्यों को दिया जांच बढ़ाने का निर्देश, पत्र लिखकर कोरोना टेस्टिंग में कमी का किया उल्लेख

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव आरती आहूजा ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिख कर उन्हें इस मसले पर ध्यान देने को कहा है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से ज्यादा संक्रमितों वाले क्षेत्रों में रणनीतिक तरीके से जांच बढ़ाने की सलाह भी दी है।

Dhyanendra Singh ChauhanPublish: Tue, 18 Jan 2022 04:48 PM (IST)Updated: Wed, 19 Jan 2022 06:35 AM (IST)
केंद्र ने राज्यों को दिया जांच बढ़ाने का निर्देश, पत्र लिखकर कोरोना टेस्टिंग में कमी का किया उल्लेख

नई दिल्ली, प्रेट्र। केंद्र सरकार ने कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना जांच की संख्या में गिरावट का उल्लेख करते हुए सोमवार को उन्हें जांच बढ़ाने को कहा ताकि महामारी के प्रसार पर प्रभावी ढंग से नजर रखी जा सके और तत्काल नागरिक केंद्रित कार्रवाई शुरू की जा सके।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव आरती आहूजा ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिख कर उन्हें इस मसले पर ध्यान देने को कहा है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से ज्यादा संक्रमितों वाले क्षेत्रों में रणनीतिक तरीके से जांच बढ़ाने की सलाह भी दी है।

आहूजा ने ओमिक्रोन के बढ़ते मामलों की तरफ भी उनका ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा है कि जांच एक प्रमुख और महत्वपूर्ण घटक है। उन्होंने मंत्रालय के पहले के पत्रों और पिछले साल 27 दिसंबर को ओमिक्रोन के संदर्भ में महामारी प्रबंधन की व्यापक रूपरेखा तैयार करने की गृह मंत्रालय की सलाह का उल्लेख भी किया है।

उन्होंने पत्र में लिखा है, 'हालांकि, आइसीएमआर पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों से यह देखा गया है कि कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जांच में गिरावट आई है।' उन्होंने कहा कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) द्वारा जारी सभी परामशरें में मूल उद्देश्य त्वरित आइसोलेशन और मामलों का जल्द पता लगाना है।

जांच से बीमारी के गंभीर होने से रोका जा सकता है

आहूजा ने कहा, 'बीमारी को उन लोगों में गंभीर श्रेणी में बढ़ने से रणनीतिक जांच के जरिये रोका जा सकता है, जिनमें उच्च जोखिम हैं और जो संवेदनशील हैं, साथ ही उन क्षेत्रों में जहां प्रसार अधिक होने की आशंका है।'

कमजोर प्रतिरक्षा वालों पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत

उन्होंने कहा कि परामर्श को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के पहले के दिशा-निर्देशों और सलाह के साथ पढ़ने की जरूरत है, जिसमें यह सिफारिश की गई है कि उन लोगों की रणनीतिक और केंद्रित जांच की जानी चाहिए, जो कमजोर हैं और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में रहते हैं।

Edited By Dhyanendra Singh Chauhan

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