सरकार ने कंपनियों को दी शस्त्र उत्पादन बढ़ाने की अनुमति, 35 लाख शस्त्र लाइसेंस धारकों की मांग पूरी करने के लिए अधिसूचना जारी

देश में जारी शस्त्र लाइसेंसों से पैदा हुई मांग पूरी करने के लिए हथियार निर्माता अब अपना उत्पादन बढ़ा सकेंगे। देश में इस समय 35 लाख निजी शस्त्र लाइसेंस धारक हैं। ताजा शस्त्र नियमावली 2022 अनुसार शस्त्र निर्माता कंपनियां मांग के अनुरूप हथियार और उनके कारतूसों का उत्पादन कर सकेंगी

Amit SinghPublish: Fri, 21 Jan 2022 10:56 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 10:56 PM (IST)
सरकार ने कंपनियों को दी शस्त्र उत्पादन बढ़ाने की अनुमति, 35 लाख शस्त्र लाइसेंस धारकों की मांग पूरी करने के लिए अधिसूचना जारी

नई दिल्ली, पीटीआइ। देश में जारी शस्त्र लाइसेंसों से पैदा हुई मांग को पूरा करने के लिए हथियार निर्माता अब अपना उत्पादन बढ़ा सकेंगे। देश में इस समय 35 लाख निजी शस्त्र लाइसेंस धारक हैं। ताजा शस्त्र (संशोधन) नियमावली 2022 के अनुसार शस्त्र निर्माता कंपनियां मांग के अनुरूप बंदूक, रायफल, कारबाइन, रिवाल्वर, पिस्टल और उनके कारतूसों का उत्पादन कर सकेंगी। लेकिन इसके लिए उन्हें हर महीने के उत्पादन और उनकी आपूर्ति का आनलाइन रिकार्ड गृह मंत्रालय को उपलब्ध कराना होगा।

केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजना होगा ब्योरा

गुरुवार को संशोधित नियमावली की अधिसूचना जारी की गई थी। कंपनियों को अपनी उत्पादन संबंधी अपेक्षा वित्त वर्ष समाप्त होने के 90 दिन पूर्व स्पष्ट करनी होगी। इसी के आधार पर उन्हें अगले वित्त वर्ष में उत्पादन की अनुमति दी जाएगी। ये अनुमति केंद्रीय गृह मंत्रालय और संबंधित राज्य सरकार से लेनी होंगी।

उत्तर प्रदेश में सबसे ज्याद शस्त्र लाइसेंस

देश में नागरिकों के पास करीब 35 लाख शस्त्र लाइसेंस हैं। ये लाइसेंस उन्हें शस्त्र से अपनी जान-माल की रक्षा के लिए दिए गए हैं। सबसे ज्यादा 13 लाख शस्त्र लाइसेंस सबसे ज्यादा आबादी वाले उत्तर प्रदेश के लोगों के पास हैं। इसके बाद 3.7 लाख शस्त्र लाइसेंस जम्मू-कश्मीर के लोगों के पास हैं। पिछली सदी के अंत में आतंकवाद का सामना कर चुके पंजाब के लोगों के पास 3.6 लाख शस्त्र लाइसेंस हैं।

Edited By Amit Singh

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept
ट्रेंडिंग न्यूज़

मौसम