आखिर क्‍या चाहता है चीन, मुश्किल पर्वतीय इलाके में सैन्य अभ्यास कर रही चीनी सेना, भारी हथियारों का हो रहा इस्‍तेमाल

चीन की उकसावे वाल गतिविधियां लगातार जारी हैं। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) इन दिनों पश्चिमी पठार इलाके में सैन्य अभ्यास कर रही है। यह अभ्यास ऊंचे पर्वतीय इलाके में रात-दिन चल रहा है। इसमें भारी हथियारों का इस्‍तेमाल किया जा रहा है।

Krishna Bihari SinghPublish: Mon, 08 Nov 2021 09:02 PM (IST)Updated: Tue, 09 Nov 2021 12:50 AM (IST)
आखिर क्‍या चाहता है चीन, मुश्किल पर्वतीय इलाके में सैन्य अभ्यास कर रही चीनी सेना, भारी हथियारों का हो रहा इस्‍तेमाल

नई दिल्ली, आइएएनएस। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) इन दिनों पश्चिमी पठार इलाके में सैन्य अभ्यास कर रही है। उसने यह अभ्यास चीन की सीमाओं के नजदीक भारतीय सेनाओं के सैन्य अभ्यास के बाद शुरू किया है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने विशेषज्ञों के हवाले से कहा है कि पीएलए का अभ्यास देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए हो रहा है। यह भारत की भड़कावे वाली कार्रवाई का जवाब है।

इस सैन्य अभ्यास में पीएलए की शिनजियांग मिलिटरी कमांड के अंतर्गत आने वाली आर्टिलरी (तोपखाना) रेजीमेंट हिस्सा ले रही है। यह अभ्यास ऊंचे पर्वतीय इलाके में रात-दिन चल रहा है। इनमें 155 मिलीमीटर वाली सेल्फ प्रोपेल्ड हावित्जर तोप और 122 मिलीमीटर राकेट लांचरों का इस्तेमाल हो रहा है।

चाइना सेंट्रल टेलीविजन के अनुसार इस अभ्यास में 300 मिलीमीटर वाले मल्टीपल राकेट लांचर, हल्के टैंकों और जेएच-7 बमवर्षक विमानों का भी इस्तेमाल हो रहा है। ये खास हथियार पीएलए की वेस्टर्न कमांड के पास हैं। इस अभ्यास में पीएलए अपनी आक्रमण क्षमता का परीक्षण कर रही है। इसीलिए पीएलए ने युद्धाभ्यास के लिए भारत से लगने वाली दुर्गम सीमा के अनुरूप हालात वाले अत्यधिक ठंडे पठारी इलाके का चयन किया है। यह इलाका 5,100 मीटर की ऊंचाई वाला है।

ग्लोबल टाइम्स से बातचीत में चीन के सैन्य विशेषज्ञ और टीवी कमेंटेटर सोंग झोंगपिंग ने कहा है कि चीन की मंशा सीमा विवाद को बातचीत के जरिये हल करने की है। इसमें भारत को सहयोग करना चाहिए। दोनों पक्ष टकराव की स्थिति खत्म कर बातचीत के जरिये आपसी मतभेद निपटाएं। लेकिन यह मंशा जताए जाने के विपरीत पीएलए भारतीय सीमा पर हथियार और सैनिकों की संख्या लगातार बढ़ा रही है। इसका कारण वह देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा को बता रही है। 

इस बीच समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों ने चालबाज चीन के नापाक मंसूबों से पर्दा उठा दिया है। कोलोराडो स्थित सेटेलाइट इमेजरी कंपनी मैक्सर टेक्नोलाजीज द्वारा रविवार को प्राप्त की गईं तस्वीरों से पता चला है कि चीन ने अपने उत्तर-पश्चिमी रेगिस्तान में अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक व विध्वंसक पोतों की प्रतिकृतियां तैयार की हैं। माना जा रहा है कि दोनों देशों में बढ़ते तनाव के बीच चीन समुद्री युद्ध की स्थिति से निपटने के लिए सैन्‍य अभ्यास कर रहा है।

चीन ने हाल के वर्षों में अपनी सैन्य क्षमता में तेजी से इजाफा किया है। वह दक्षिण चीन सागर, ताइवान तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दबदबा कायम करने का प्रयास कर रहा है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है और यह अमेरिका के लिए भी चिंता का कारण बन चुका है। चीन अपनी नौसेना को अमेरिका तथा अन्य देशों के साथ मुकाबले के लिए तैयार कर रहा है। अमेरिकी नेवल इंस्टीट्यूट (यूएसएनआइ) की वेबसाइट का कहना है कि उसने विध्वंसक की फीचर्स की पहचान की है, जिनमें फनल्स व हथियार प्रणाली शामिल हैं।

Edited By Krishna Bihari Singh

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