छत्तीसगढ़ के बेहद ही सामान्य परिवार की पूर्णिमा आज बनेगी झारखंड के सीएम की बहू

झारखंड के सीएम रघुवर दास छत्तीसगढ़ के बेहद ही सामान्य परिवार में अपने बेटे ललित की शादी कर रहे हैं। सीएम के बेटे ललित रांची में टाटा स्टील कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर पद पर कार्यरत हैं।

Dhyanendra JournalPublish: Fri, 08 Mar 2019 01:05 PM (IST)Updated: Fri, 08 Mar 2019 01:14 PM (IST)
छत्तीसगढ़ के बेहद ही सामान्य परिवार की पूर्णिमा आज बनेगी झारखंड के सीएम की बहू

रायपुर, जागरण संवाददाता। झारखंड के सीएम रघुवर दास की सादगी की चर्चा इन दिनों खूब हो रही है। सीएम की सादगी की चर्चा उनके बेटे ललित की शादी को लेकर हो रही है। आमतौर पर देखा जाता है कि किसी भी बड़ी राजनीतिक हस्ती की शादी बड़े ही धूम धाम और भव्यता के साथ की जाती है। लेकिन झारखंड के सीएम रघुवर दास अपने बेटे की शादी बहुत ही सादगी से सामान्य परिवार में कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के एक साधारण से मध्यमवर्गीय परिवार की बेटी पूर्णिमा आज झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास के परिवार की बहू बनने जा रही हैं। सीएम रघुवर दास के बेटे ललित से रायपुर के एक होटल में आज उनकी शादी है। शादगी के कार्यक्रमों को बेहद ही साधारण तरीके से आयोजित किया गया है।

बता दें कि सीएम रघुवर दास के बेटे ललित रांची में रहकर टाटा स्टील में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर काम कर रहे हैं। तो वहीं, सीएम के घर बहू बनने वाली पूर्णिमा छत्तीसगढ़ के बेहद ही साधारण परिवार से हैं। अपनी शादी को लेकर पूर्णिमा ने जागरण संवाददाता से बात करते हुए कहा कि उनकी एक रिश्ते की बहन की शादी सीएम रघुवर दास के परिवार में हुई है। रघुवर दास भी मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं और उनका परिवार चाहता था कि छत्तीसगढ़ से ही बेटे के लिए बहू लाई जाए।

इस दौरान पूर्णिमा के घर पर उनकी शादी के लिए लड़के देखे जा रहे थे। कई लड़के उन्हें देखने भी आए। इसी बीच सीएम रघुवर दास के बेटे ललित के लिए पूर्णिमा के घर रिश्ते का प्रस्ताव आया। सीएम और उनका परिवार पूर्णिमा के घर उन्हें देखने आया और फिर पूर्णिमा ने बातों ही बातों में अपनी सादगी के साथ उनके दिल में अपनी जगह बना ली। सब कुछ तय हुआ और फिर सगाई भी हो गई। पूर्णिमा कहती हैं कि एक मुख्यमंत्री के परिवार में जाने की बात को लेकर पहले थोड़ी घबराहट थी, लेकिन पापा जी (रघुवर दास) से बात करने के बाद पूरी घबराहट दूर हो गई। वे एक बड़े ओहदे पर हैं, लेकिन पूरा परिवार और उनकी सोच बहुत ही जमीनी है।

Edited By Dhyanendra Journal

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