सीडीएस रावत के हेलीकाप्टर में न कोई खराबी थी, न ही कोई साजिश, जानें कैसे हादसे का शिकार हुआ था चौपर

चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (CDS General Bipin Rawat) जनरल बिपिन रावत का एमआइ-17वी5 हेलीकाप्टर किसी तकनीकी खामी या साजिश के कारण दुर्घटनाग्रस्‍त नहीं हुआ था। जानें ट्राई सर्विस जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में क्‍या निष्कर्ष निकाला है।

Krishna Bihari SinghPublish: Wed, 05 Jan 2022 08:10 PM (IST)Updated: Thu, 06 Jan 2022 12:12 AM (IST)
सीडीएस रावत के हेलीकाप्टर में न कोई खराबी थी, न ही कोई साजिश, जानें कैसे हादसे का शिकार हुआ था चौपर

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत का एमआइ-17वी5 हेलीकाप्टर किसी तकनीकी खामी या साजिश के कारण नहीं, बल्कि अचानक आए बादलों के झुंड के चलते दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। इस हादसे में जनरल रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत के साथ 12 अन्य सैन्यकर्मियों की मृत्यु हो गई थी। ट्राई सर्विस जांच समिति ने दुर्घटना की गहराई से जांच के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है। वायुसेना ने जांच रिपोर्ट के विस्तृत ब्योरे से बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ ¨सह को अवगत कराया।

कोई तकनीकी खराबी नहीं

वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी और हेलीकाप्टर दुर्घटना की जांच कर रही ट्राई सर्विस समिति के प्रमुख एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह ने सीडीएस रावत के हेलीकाप्टर हादसे से जुड़ी जांच के निष्कर्षों को लेकर रक्षा मंत्री को उनके आवास पर करीब 45 मिनट का प्रेजेंटेशन दिया। इस दौरान रक्षा सचिव अजय कुमार और मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। आधिकारिक तौर पर अभी जांच रिपोर्ट को लेकर कुछ भी नहीं कहा गया है, मगर सूत्रों ने बताया कि ट्राई सर्विस जांच समिति का स्पष्ट निष्कर्ष है कि हेलीकाप्टर में उड़ान के दौरान कोई तकनीकी खराबी नहीं थी और न ही इस पर किसी तरह का कोई बाहरी हमला हुआ।

कोई चूक नहीं

हेलीकाप्टर के ब्लैक बाक्स जिसमें फ्लाइट डाटा रिकार्डर और काकपिट वायस रिकार्डर दोनों शामिल होते हैं, उसके विश्लेषण में ऐसा कुछ भी सामने नहीं आया है कि पायलट और सह पायलट की ओर से कोई चूक हुई हो। जांच समिति का निष्कर्ष है कि कुन्नूर के इलाके में चट्टानों के बीच जब सीडीएस का हेलीकाप्टर उड़ान भर रहा था, उसी दौरान अचानक बादलों के एक झुंड ने उसे ढक लिया। घने बादलों के बीच हेलीकाप्टर पहाड़ी चट्टान के एक हिस्से से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें भरे ईंधन की वजह से उसमें भीषण आग लग गई।

सीआइएफटी के रूप में दुर्घटना की पहचान

माना जा रहा है कि जांच में हादसे के प्रमुख कारण के रूप में कंट्रोल्ड फ्लाइट इनटू टेरेन (सीएफआइटी) की पहचान हुई है। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के मुताबिक, सीएफआइटी का मतलब ऐसी दुर्घटना से होता है जो जमीन, पानी या किसी अवरोध से टकराकर होती है और जिसमें एयरक्राफ्ट से नियंत्रण खोने का कोई संकेत नहीं मिलता।

क्‍या होती है कंट्रोल्ड फ्लाइट इन टू टेरेन

सीएफआइटी सामान्य तौर पर खराब मौसम या लैंडिंग के दौरान होती है। ऐसी दुर्घटना में एयरक्राफ्ट पूरी तरह चालक दल के नियंत्रण में होता है और ज्यादातर मामलों में उन्हें अंत तक संकट की जानकारी नहीं होती। जानकारों ने बताया कि जांच टीम ने दुर्घटना की सभी संभावनाओं की जांच की जिनमें मानवीय भूल या लैंडिंग से पहले चालक दल के मार्ग भटकने का पहलू भी शामिल है।

Edited By Krishna Bihari Singh

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