Budget Session 2022: इस वजह से 31 जनवरी और 1 फरवरी को नहीं होगा शून्यकाल, जानें क्या है मामला

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में 1 फरवरी को आम बजट (Budget 2022) पेश करेंगी। हालांकि बजट सत्र के दौरान पहले दो दिन दोनों सदनों में कोई शून्य काल नहीं होगा। राष्ट्रपति के अभिभाषण व आम बजट की प्रस्तुति के कारण ऐसा किया गया है।

Mohd FaisalPublish: Sat, 29 Jan 2022 10:10 AM (IST)Updated: Sat, 29 Jan 2022 11:03 AM (IST)
Budget Session 2022: इस वजह से 31 जनवरी और 1 फरवरी को नहीं होगा शून्यकाल, जानें क्या है मामला

नई दिल्ली, एएनआइ: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में 1 फरवरी को आम बजट (Budget 2022) पेश करेंगी। हालांकि बजट सत्र के दौरान पहले दो दिन दोनों सदनों में कोई शून्य काल नहीं होगा। न्यूज एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, बजट सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों में 31 जनवरी व एक फरवरी को शून्य काल स्थगित रहेगा। राष्ट्रपति के अभिभाषण व आम बजट की प्रस्तुति के कारण ऐसा किया गया है।

दरअसल, केंद्रीय वित्त मंत्री 1 फरवरी को सुबह 11 बजे संसद में बजट पेश करेंगी। बजट भाषण कितनी देर चलेगा इसकी संभावना 1.30 घंटे से 2 घंटे के बीच मानी जा रही है। हालांकि, भाषण पढ़ने की अवधि सामान्य समय से अधिक भी हो सकती है। इससे पहले साल 2020 में 2 घंटे 40 मिनट तक चलने वाला बजट भाषण देश के इतिहास में सबसे लंबा था।

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए संसद का आगामी बजट सत्र स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा निर्धारित सख्त कोविड-19 प्रोटोकाल के तहत होगा। संसद में बैठने की व्यवस्था इस तरह की जाएगी ताकि शारीरिक दूरी का पालन किया जा सके। लोकसभा और राज्यसभा के दोनों कक्षों में विजिटर्स गैलरी और सेंट्रल हाल में भी संसद के सदस्यों के बैठने की व्वस्था की जाएगी। दोनों सदनों का समय अलग अलग रहेगा। राज्यसभा सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक और लोकसभा शाम 4:00 बजे से रात 10:00 बजे तक चलेगी।

बता दें कि, इससे पहले कांग्रेस संसद के बजट सत्र में महंगाई, बेरोजगारी और सीमा पर चीन की बढ़ती आक्रामकता के साथ लोगों की आय में बढ़ती विषमता के मुद्दे पर भाजपा सरकार की घेरेबंदी की कोशिश करेगी। पार्टी इसके लिए अन्य विपक्षी दलों का भी साथ लेगी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुआई में शुक्रवार को पार्टी की संसदीय रणनीतिक समूह की बैठक हुई। इसमें बजट सत्र में विपक्षी समन्वय के जरिये आय में विषमता के कारण करोड़ों लोगों के फिर से गरीबी रेखा के नीचे चले जाने के साथ चीनी चुनौती पर बहस का दबाव बनाने को प्राथमिकता पर रखने का फैसला हुआ।

Edited By Mohd Faisal

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