तिरुअनंतपुरम में 21 साल की आर्या होंगी देश की सबसे युवा मेयर, जानें- इनके बारे में

बीएससी गणित की छात्रा आर्या शहर के मुदवनमुगल से पहली बार पार्षद चुनी गई हैं। पार्टी ने मेयर पद के लिए उनका नाम आगे बढ़ाते हुए उम्मीद जताई है कि और भी शिक्षित महिलाएं नेतृत्व की भूमिका में आएंगी।

Sanjeev TiwariPublish: Fri, 25 Dec 2020 06:03 PM (IST)Updated: Sat, 26 Dec 2020 07:40 AM (IST)
तिरुअनंतपुरम में 21 साल की आर्या होंगी देश की सबसे युवा मेयर, जानें- इनके बारे में

तिरुअनंतपुरम, आइएएनएन। केरल की राजधानी तिरुअनंतपुरम में 21 साल की छात्रा आर्या राजेंद्रन देश की सबसे युवा महापौर होंगी। माकपा की जिला तथा प्रदेश कमेटी ने उनकी उम्मीदवारी की मंजूरी दी है। बीएससी गणित की छात्रा आर्या शहर के मुदवनमुगल से पहली बार पार्षद चुनी गई हैं। पार्टी ने मेयर पद के लिए उनका नाम आगे बढ़ाते हुए उम्मीद जताई है कि और भी शिक्षित महिलाएं नेतृत्व की भूमिका में आएंगी। पार्टी ने 100 सदस्यीय निगम में 51 सीटें जीती हैं। जबकि 35 सीटों के साथ भाजपा मुख्य विपक्षी दल है और कांग्रेस नीत यूडीएफ को महज 10 सीटें ही हासिल हुई हैं। चार निर्दलीय भी निर्वाचित हुए हैं।

अपने चयन पर आर्या ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह पार्टी का फैसला है और मैं इससे बंधी हुई हूं। चुनाव में लोगों ने मुझे एक छात्रा होने के नाते तरजीह दी। लोग चाहते थे कि उनका प्रतिनिधि शिक्षित होना चाहिए। मैं अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए मेयर के दायित्वों का भी निर्वाह करती रहूंगी।

कौन हैं आर्या राजेंद्रन

आर्या केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के ऑल सेंट्स कॉलेज में पढ़ती हैं। वे बीएससी मैथेमैटिक्स की दूसरे वर्ष की छात्रा हैं। वह कम उम्र से ही राजनीति में काफी सक्रिय रहीं हैं। फिलहाल वे स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया की राज्य समिति की सदस्य हैं। साथ ही वे बालसंगम की केरल अध्यक्ष भी हैं। बालसंगम सीपीएम की बच्चों की विंग है। चुनाव से पहले उन्होंने कहा था कि अगर वे चुनाव जीतती हैं, तो पहले से जारी विकास कार्यों के बजाए निचले प्राथमिक स्कूलों को बेहतर बनाने पर काम करेंगी।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि वे खुशी से पार्टी की तरफ से मिली भूमिका को निभाएंगी। आर्या ने उम्मीद जताई है कि उनकी पढ़ाई और राजनीतिक काम साथ-साथ चलते रहेंगे। हाल ही में पूरे हुए चुनाव में आर्या सबसे युवा उम्मीदवार थीं। इस चुनाव में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने 6 म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में से 5 पर जीत दर्ज की थी। इतना ही नहीं एलडीएफ ने जिला पंचायत चुनाव में भी बड़ी सफलता दर्ज की थी।

 

Edited By Sanjeev Tiwari

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