Appointment of new Lokpal chief: नए लोकपाल प्रमुख की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू, जानें क्‍या हैं इसके प्राविधान

केंद्र सरकार ने लोकपाल के पद पर नए प्रमुख की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि मौजूदा लोकपाल प्रमुख न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष का कार्यकाल इस महीने के आखिर में खत्‍म हो रहा है।

Krishna Bihari SinghPublish: Mon, 16 May 2022 04:51 PM (IST)Updated: Mon, 16 May 2022 05:39 PM (IST)
Appointment of new Lokpal chief: नए लोकपाल प्रमुख की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू, जानें क्‍या हैं इसके प्राविधान

नई दिल्‍ली, पीटीआइ। केंद्र ने लोकपाल के नए प्रमुख की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है क्योंकि वर्तमान लोकपाल प्रमुख जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष का कार्यकाल इसी 27 मई को समाप्त हो रहा है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि इस समय लोकपाल में छह सदस्य हैं और न्यायिक सदस्य के दो पद दो साल से अधिक समय से खाली पड़े हैं। वैसे लोकपाल में एक अध्यक्ष होता है और इसमें आठ सदस्य (चार न्यायिक और बाकी गैर न्यायिक) हो सकते हैं।

लोकपाल अधिनियम को 2013 में पारित किया गया था। कानून में सरकारी अधिकारियों की कुछ श्रेणियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को देखने के लिए केंद्र में एक लोकपाल और राज्य में लोकायुक्तों की नियुक्ति का प्रविधान है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने जस्टिस घोष को लोकपाल के प्रमुख के तौर पर 23 मार्च, 2019 को पद की शपथ दिलाई थी। लोकपाल के प्रमुख और सदस्यों की नियुक्ति पांच साल के कार्यकाल के लिए या 70 साल की आयु पूरी होने तक के लिए होती है।

जस्टिस दिलीप बी.भोसले ने जनवरी 2020 में निजी कारणों से लोकपाल सदस्य के तौर पर इस्तीफा दे दिया था। उन्हें इससे नौ महीने पहले ही इस पद पर नियुक्ति किया गया था। एक अन्य लोकपाल सदस्य, जस्टिस (सेवानिवृत्त) अजय कुमार त्रिपाठी की दो मई, 2020 को यहां एम्स ट्रामा सेंटर में दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई थी। लोकपाल के प्रमुख व सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति एक चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर करते हैं।  

लोकपाल प्रमुख (Lokpal chief) और सदस्यों की नियुक्ति पांच साल के कार्यकाल के लिए होती है। लोकपाल प्रमुख (Lokpal chief) और उसके सदस्यों की नियुक्ति जिस समिति की सिफारिशों के आधार पर होती है उस समिति के प्रमुख प्रधानमंत्री होते हैं। इस समिति में लोकसभा अध्यक्ष, निचले सदन में नेता प्रतिपक्ष, भारत के प्रधान न्यायाधीश या उनके द्वारा नामित उच्चतम न्यायालय के कोई न्यायाधीश और एक प्रतिष्ठित विधिवेत्ता भी शामिल होते हैं।

Edited By Krishna Bihari Singh

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