Beating Retreat 2022 समारोह में आज दिखाई देगा अद्भुत नजारा, 1,000 स्वदेशी ड्रोन से आसमान होगा जगमग, ऐसा करने वाला चौथा देश बनेगा भारत

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि आजादी का अमृत महोत्सव के तहत आयोजित 10 मिनट के इस ड्रोन शो का आयोजन स्टार्टअप बोटलैब डायनेमिक्स द्वारा किया जा रहा है और यह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) दिल्ली और विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा समर्थित है।

Monika MinalPublish: Sat, 29 Jan 2022 12:57 AM (IST)Updated: Sat, 29 Jan 2022 10:04 AM (IST)
Beating Retreat 2022 समारोह में आज दिखाई देगा अद्भुत नजारा, 1,000 स्वदेशी ड्रोन से आसमान होगा जगमग, ऐसा करने वाला चौथा देश बनेगा भारत

नई दिल्ली, एएनआइ। देश में निर्मित 1,000 ड्रोन शनिवार को विजय चौक पर बीटिंग रिट्रीट समारोह में दर्शकों को रोमांचित करते नजर आएंगे। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर राम नाथ कोविन्द शामिल होंगे। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कहा कि चीन, रूस और ब्रिटेन के बाद भारत 1,000 ड्रोन के साथ इतने बड़े पैमाने पर ड्रोन शो का आयोजन करने वाला चौथा देश बन जाएगा।

आज नई दिल्ली विजय चौक पर आयोजित होने वाले इस साल के बीटिंग रिट्रीट समारोह में एक नया ड्रोन प्रदर्शन इसके प्रमुख आकर्षणों में से एक होगा। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि आजादी का अमृत महोत्सव के तहत आयोजित 10 मिनट के इस ड्रोन शो का आयोजन स्टार्टअप बोटलैब डायनेमिक्स द्वारा किया जा रहा है और यह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी), दिल्ली और विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा समर्थित है। बता दें कि चीन, रूस और ब्रिटेन के बाद इन मानव रहित ड्रोनों का बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने वाला चौथा देश भारत है। 

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) द्वारा वित्त पोषित और आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्रों के नेतृत्व में भारतीय स्टार्टअप बोटलैब, लाइट शो के एक हिस्से के तौर पर शनिवार शाम बीटिंग रिट्रीट समारोह में 1,000 ड्रोन उड़ाएगा। जितेंद्र सिंह ने कहा है कि यह प्रदर्शन भारत को चीन, रूस और यूके के बाद चौथा देश बना देगा जो इतने बड़े पैमाने पर 1,000 ड्रोन के साथ शो करेगा।  केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्टार्ट-अप, बोटलैब डायनेमिक्स को विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा अनुसंधान एवं विकास के लिए एक करोड़ रुपये का प्रारंभिक सीड फंड दिया गया था और बाद में प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड द्वारा पहले विकसित करने के लिए स्केल अप और व्यावसायीकरण के लिए 2.5 करोड़ रुपये दिए गए थे। यह भारत में अपनी तरह की तकनीकी परियोजना है। 

Edited By Monika Minal

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept