This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
OK

Maharashtra Rains:व्यापक क्षति के बावजूद मध्य रेलवे ने 24 घंटे में बहाल की रेल सेवाएं, कहीं भू स्‍खलन तो कहीं जलभराव ने रोका रास्‍ता

Central Railway rail services महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण रेल यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। कहीं बोल्डर गिर गए तो कहीं ट्रैक पर मिट्टी जलभराव और पेड़ गिरे गए। मध्य रेलवे ने व्यापक क्षति के बावजूद 24 घंटे के भीतर उन्हें बहाल कर दिया।

Babita KashyapSat, 24 Jul 2021 09:22 AM (IST)
Maharashtra Rains:व्यापक क्षति के बावजूद मध्य रेलवे ने 24 घंटे में बहाल की रेल सेवाएं, कहीं भू स्‍खलन तो कहीं जलभराव ने रोका रास्‍ता

मुंबई, मिड डे। 16 वर्षों में पहली बार 26 जुलाई 2005 के बाद पहली बार मुंबई-पुणे और मुंबई-नासिक घाट खंड गुरुवार को भारी बारिश के कारण रेल यातायात बंद रहा। लेकिन मध्य रेलवे ने व्यापक क्षति के बावजूद 24 घंटे के भीतर उन्हें बहाल कर दिया। हालांकि, रत्नागिरी क्षेत्र में चिपलूण और कामथे स्टेशनों के बीच वशिष्ठ नदी के जल स्तर के खतरे के निशान से ऊपर उठने के कारण कोंकण रेलवे प्रभावित रहा। दक्षिण पश्चिम रेलवे के दूधसागर-कारंजोल खंड में भूस्खलन के कारण मैंगलोर-मुंबई विशेष ट्रेन पटरी से उतर गई।

पटरी से उतरी रेल 

दक्षिण पश्चिम रेलवे के एक अधिकारी ने बताया , ट्रेन दूधसागर-सोनौलिम सेक्शन के बीच पटरी से उतरने पर किसी भी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है । प्रभावित कोच के यात्रियों को अन्य डिब्बों में स्थानांतरित कर दिया गया उसके बाद फिर ट्रेन को वापस कुलेम ले जाया गया। मध्य रेलवे के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने क्षतिग्रस्त रेल पटरियों को जल्‍दी दुरुस्‍त करवाया और गुरुवार रात को ट्रेनों को फिर से शुरू किया गया।

मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवाजी सुतार ने शुक्रवार को कहा, "कर्जत-खोपोली खंड को खोला जाना बाकी है, लेकिन यह आज रात तक सामान्‍य हो जाएगा।" उन्होंने कहा कि लगभग 21 स्थानों पर जलभराव, तटबंधों के बह जाने, घाटों और नदियों में भूस्खलन और खतरे के स्तर से ऊपर बहने के कारण पूरी तरह से रेल सेवा बाधित होने की सूचना है।

कहीं ट्रैक पर मिट्टी, जलभराव तो कहीं गिरे पेड़ 

लगभग 4,300 घन मीटर तटबंध बह गए और लगभग 1,900 घन मीटर में भूस्खलन हो गया। कुछ हिस्सों में पत्थर भी गिरे। मध्य रेलवे के भोर और थुल घाटों में अभूतपूर्व अत्यधिक भारी वर्षा में, टिटवाला-इगतपुरी और अंबरनाथ-लोनावाला के मार्ग प्रभावित हुए, जिससे बोल्डर गिर गए तो कहीं ट्रैक पर मिट्टी, जलभराव और पेड़ गिरे गए।

 आधी रात से बारिश की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कसारा में महज 4 घंटे में 136 मिमी और कर्जत में 1 घंटे (सुबह 1 से 2 बजे तक) में 86.8 मिमी बारिश हुई। वशिष्ठ नदी के खतरे के निशान से ऊपर उठने के कारण सुबह करीब 5 बजकर 10 मिनट पर कोंकण रेलवे ने चिपलूण और कामठे स्टेशनों के बीच ट्रेन सेवाओं को निलंबित कर दिया था।

Edited By: Babita Kashyap

मुंबई में कोरोना वायरस से जुडी सभी खबरे

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
Jagran Play

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

  • game banner
  • game banner
  • game banner
  • game banner