Maharashtra: मुंबई में सात करोड़ के नकली नोट जब्त, एक हजार करोड़ के फर्जी बिल जारी करने पर एकाउंटेंट गिरफ्तार

Accountant Arrested नकली नोटों की छपाई और वितरण में शामिल अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ कर मुंबई पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने इनके पास से सात करोड़ रुपये के नकली भारतीय नोट जब्त किए हैं।

Sachin Kumar MishraPublish: Wed, 26 Jan 2022 10:36 PM (IST)Updated: Wed, 26 Jan 2022 10:49 PM (IST)
Maharashtra: मुंबई में सात करोड़ के नकली नोट जब्त, एक हजार करोड़ के फर्जी बिल जारी करने पर एकाउंटेंट गिरफ्तार

मुंबई, प्रेट्र। मुंबई पुलिस ने नकली नोटों की छपाई और वितरण में शामिल अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ कर सात लोगों को गिरफ्तार किया। इनसे सात करोड़ रुपये के नकली भारतीय नोट जब्त किए। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि एक विशेष सूचना पर कार्रवाई करते हुए मुंबई अपराध शाखा की यूनिट-11 ने मंगलवार शाम उपनगरीय इलाके में दहिसर चेक पोस्ट पर एक कार को रोका। पुलिस ने कार में बैठे चार लोगों को पकड़ लिया और उनसे पूछताछ की। कार की तलाशी के दौरान, अपराध शाखा के अधिकारियों को एक बैग मिला, जिसमें 250 बंडल नकली नोट (2,000 रुपये मूल्यवर्ग में) थे, जिनकी कीमत 5 करोड़ रुपये थी। उन्होंने कहा कि चार कार सवारों से पूछताछ के दौरान पुलिस को उनके तीन और सहयोगियों के बारे में जानकारी मिली।  एक पुलिस दल ने उपनगरीय अंधेरी (पश्चिम) में एक होटल में छापा मारा और तीनों को गिरफ्तार कर लिया। नकली मुद्रा नोटों के 100 और बंडल (फिर से 2,000 रुपये मूल्यवर्ग में) दो करोड़ रुपये के अंकित मूल्य के साथ जोड़ा गया। उनसे बरामद किया। जाली नोटों के अलावा पुलिस ने गिरोह के सदस्यों से एक लैपटाप, सात मोबाइल फोन, वास्तविक मुद्रा में 28,170 रुपये, आधार और पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य चीजें बरामद की हैं। पूरे आपरेशन पर नजर रखने वाले डीसीपी संग्रामसिंह निशानदार (डिटेक्शन -1) ने कहा कि जांच के दौरान यह पता चला कि अंतरराज्यीय गिरोह नकली नोटों को छापने और उन्हें बांटने का रैकेट चला रहा था। पुलिस ने अब तक सात करोड़ रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं और इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 31 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

एक हजार करोड़ के फर्जी बिल जारी करने पर एकाउंटेंट गिरफ्तार
जीएसटी अधिकारियों ने 1000 करोड़ रुपये के फर्जी बिल जारी करने और 181 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) की कथित धोखाधड़ी में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। 12वीं कक्षा तक पढ़ाई कर चुके और पेशे से एकाउंटेंट 27 वर्षीय व्यक्ति को मुंबई क्षेत्र के पालघर सीजीएसटी आयुक्त कार्यालय ने गिरफ्तार किया है। आरोपित ने जीएसटी सलाहकार के रूप में भी काम किया है। बयान में कहा गया है कि आंकड़ों के विश्लेषण से प्राप्त विशिष्ट जानकारी के आधार पर मामले की जांच शुरू हुई। इसमें पता चला कि मेसर्स निथिलान इंटरप्राइजेज माल या सेवाओं की प्राप्ति के बिना फर्जी बिल जारी करके गलत तरीके से आइटीसी का लाभ उठाने और उसे देने में शामिल थी। जांच से यह भी बात सामने आई कि एकाउंटेंट ने आर्थिक लाभ के लिए जीएसटी धोखाधड़ी को लेकर अपने ग्राहकों में से एक की पहचान चुराई। आरोपित के नाम की जानकारी नहीं दी गई है। बयान के अनुसार, साक्ष्यों को रखे जाने के बाद एकाउंटेंट ने 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी बिल जारी करने और गलत तरीके से 181 करोड़ रुपये के आइटीसी का लाभ लेने की बात स्वीकार की।

Edited By Sachin Kumar Mishra

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