डिप्‍टी सीएम अजीत पवार की मौजूदगी में कांग्रेस के 27 पार्षद एनसीपी में शामिल

Congress councilors join NCP मालेगांव की मेयर ताहिरा शेख (Tahira Shaikh) समेत कांग्रेस (Congress) पार्टी के 27 पार्षद आज महाराष्ट्र के डिप्‍टी सीएम अजीत पवार (Ajit Pawar) की मौजूदगी में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में शामिल हो गए।

Babita KashyapPublish: Thu, 27 Jan 2022 02:01 PM (IST)Updated: Thu, 27 Jan 2022 02:01 PM (IST)
डिप्‍टी सीएम अजीत पवार की मौजूदगी में कांग्रेस के 27 पार्षद एनसीपी में शामिल

मुंबई, एएनआइ। महाराष्ट्र के डिप्‍टी सीएम अजीत पवार की मौजूदगी में कांग्रेस पार्टी के 27 पार्षद आज राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में शामिल हो गए। मालेगांव की मेयर ताहिरा शेख भी एनसीपी में शामिल हो गई है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में शिवसेना (Shiv Sena), कांग्रेस (Congress) और राष्ट्रवादी कांग्रेस (NCP) मिलकर महाविकास अघाड़ी (Maha Vikas Aghadi) बनाकर सरकार चला रहे हैं। इन पार्टियों के नेताओं के बीच अक्सर अनबन की खबरें सामने आती रहती हैं। कई बार तो ऐसी स्थितियां भी पैदा हेा गई हैं कि जब लगने लगता है कि ये अघाड़ी गठबंधन बस टूटने ही वाला है। बीते कुछ समय पर नजर डाली जाये तो कांग्रेस के बहुत से नेता एनसीपी में शामिल हुए हैं। ऐसे में गठबंधन टूटने की अफवाह सामने आती रहती है।

मिली जानकारी के अनुसार मालेगांव नगर निगम में कुल 84 सीटें हैं। 2017 के स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस 30 सीटें पाकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी। दूसरे स्थान पर 20 सीटों के साथ राकांपा रही थी। भाजपा को नौ एवं शिवसेना को 12 सीटें मिली थीं। जबकि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को सात सीटें हासिल हुई थीं। अब मालेगांव नगर निगम अगले चुनाव की तैयारी में है। उससे ठीक पहले राकांपा ने कांग्रेस को यह करारा झटका दिया है।

बता दें कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले अक्सर एकला चलो का राग अलापा करते हैं। पिछले दिनों जब राकांपा और शिवसेना ने अगले सभी चुनाव महाविकास आघाड़ी के तीनों दलों द्वारा मिलकर लड़े जाने की बात कही थी, तभी नाना पटोले ने कहा था कि कांग्रेस सभी चुनाव अकेले लड़ेगी और राज्य में अपना मुख्यमंत्री बनाएगी। वह अपनी इस घोषणा के अनुरूप ही संगठनात्मक तैयारियां भी कर रहे हैं। मुंबई महानगरपालिका चुनाव में भी कांग्रेस अकेले ही उतरने की तैयारी कर रही है। जबकि दोनों क्षेत्रीय दल राकांपा एवं शिवसेना भविष्य के चुनाव मिलकर लड़ने को तैयार हैं। उन्हें भरोसा है कि महाविकास आघाड़ी का तीसरा दल कांग्रेस तो भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के नाम पर मजबूरी में उनके साथ आएगा ही।

Edited By Babita Kashyap

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