100 करोड़ वसूली मामला: चांदीवाल आयोग के सामने पेश हुए अनिल देशमुख और सचिन वाझे

बर्खास्त मुंबई पुलिस (Mumbai Police) अधिकारी सचिन वाजे (Sachin Waze) और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) आज चांदीवाल आयोग ( Chandiwal Commission) के सामने पेश हुए । अनिल देशमुख पर 100 करोड़ जबरन वसूली को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं।

Babita KashyapPublish: Tue, 18 Jan 2022 11:50 AM (IST)Updated: Tue, 18 Jan 2022 12:33 PM (IST)
100 करोड़ वसूली मामला: चांदीवाल आयोग के सामने पेश हुए अनिल देशमुख और सचिन वाझे

मुंबई, एएनआइ। 100 करोड़ वसूली मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) और बर्खास्त मुंबई पुलिस अधिकारी सचिन वाजे (Sachin Waze) चांदीवाल आयोग ( Chandiwal Commission) के सामने पेश हुए। आयोग देशमुख के खिलाफ मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह (Parambir Singh) द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रहा है।

गौरतलब है कि बीते 13 दिसंबर को भी जांच के लिए अनिल देशमुख चांदीवाल आयोग के सामने पेश हुए थे। मुंबई पुलिस के बर्खास्‍त पुलिस अधिकारी सचिन वाझे भी वहां पहुंचे थे। ज्ञात हो कि देशमुख न्‍यायिक हिरासत में हैं, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्‍हें गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले भी मुंबई पुलिस के बर्खास्‍त पुलिस अधिकारी सचिन वाझे और पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह भी आयोग के समक्ष पेश हो चुके हैं। मुंबई पुलिस के बर्खास्‍त पुलिस अधिकारी सचिन वाझे को पहले एनआइए ने अरेस्‍ट किया था उसके बाद मुंबई पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया था। देशमुख को न्‍यायमूर्ति के यू चांदीवाल आयोग के सामने पेश होने के लिए विशेष पीएमएलए अदालत के न्‍यायाधीश एचएस सत भाई ने वारंट की अनुमति दी थी।

बता दें कि मार्च 2021 में चांदीवाल आयोग का गठन किया गया था। इस आयोग का गठन महाराष्ट्र सरकार ने राज्‍य के तत्‍कालीन गृहमंत्री व राकापा नेता अनिल देशमुख के खिलाफ परमबीर सिंह की ओर से लगाये गए आरोपों की जांच के लिए हुआ था।

फरवरी 2021 में बिजनेसमैन मुकेश अंबानी के निवास एंटीलिया के पास विस्‍फोटक पाये जाने के बाद मार्च में मुंबई पुलिस आयुक्‍त के पद से हटाए गए परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख पर आरोप लगाया था कि उन्‍होंने पुलिस अधिकारियों से शहर में बार व रेस्‍तरां मालिकों से हर माह 100 करोड़ रुपये एकत्रित करने के लिए कहा था। इन आरोपों की जांच में केंद्रीय जांच ब्‍यूरो और प्रवर्तन निदेशालय भी लगे हुए हैं।

Edited By Babita Kashyap

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