Mayor Election in London: 51 वर्षीय पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश नागरिक सादिक खान दूसरी बार लंदन के मेयर चुने गए

51 वर्षीय पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश नागरिक सादिक खान दूसरी बार लंदन के मेयर चुने गए। फाइल फोटो।

51 वर्षीय खान पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं।खान पहली बार 2016 के चुनाव में विजयी हुए थे और ब्रिटेन की राजधानी के पहले मुस्लिम मेयर बने। इस बार उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी प्रधानमंत्री बोरिस जानसन की कंजरवेटिव पार्टी के शौन बैली थे।

Ramesh MishraSun, 09 May 2021 06:38 PM (IST)

लंदन, एजेंसियां। सादिक खान दूसरी बार लंदन के मेयर चुने गए हैं। उनकी जीत से लेबर पार्टी को थोड़ी सी खुशी मिली है, क्योंकि अन्य स्थानीय चुनावों में पार्टी को हताशा ही हाथ लगी है। 51 वर्षीय खान पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं।खान पहली बार 2016 के चुनाव में विजयी हुए थे और ब्रिटेन की राजधानी के पहले मुस्लिम मेयर बने। इस बार उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी प्रधानमंत्री बोरिस जानसन की कंजरवेटिव पार्टी के शौन बैली थे।

लंदन की पर्यटन अर्थव्यवस्था में तेजी लाने पर जोर दिया

लेबर पार्टी के प्रत्याशी खान को 55.2 फीसद जबकि कंजरवेटिव प्रत्याशी बैली को 44.8 फीसद मत मिले। हालांकि,  इस बार खान पांच साल पहले के मुकाबले कम अंतर से जीते।इस बार अपने प्रचार में खान ने रोजगार सृजित करने और लंदन की पर्यटन अर्थव्यवस्था में तेजी लाने पर जोर दिया था। उन्होंने कहा, 'धरती के सबसे बड़े शहर का नेतृत्व करते रहने के लिए लंदनवासियों द्वारा जताए गए भरोसे का मैं पूरे आभार के साथ नमन करता हूं। महामारी के काले दिनों के बाद लंदन के लिए एक बेहतर और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करने का मैं वादा करता हूं।'संसद सदस्य रह चुके खान ने ब्रिटेन की राजधानी के नेता के रूप में जानसन की जगह ली थी। करीब नब्बे लाख की आबादी वाला यह शहर ¨हसा बढ़ने, खास तौर से किशारों की चाकूबाजी को लेकर आलोचना के केंद्र में था।

ट्रंप के मुखर विरोधी रहे हैं सादिक

सादिक को ब्रेग्जिट के मुखर आलोचकों में से एक माना जाता है। वह बोरिस जॉनसन के भी आलोचक रहे हैं। इसके अलावा, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ भी उनका विवाद हो चुका है। खान और ट्रंप के बीच विवाद की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा कुछ खास मुस्लिम देशों पर लगाया ट्रैवल बैन था। इसे लेकर खान ने ट्रंप की जमकर आलोचना की थी। लेबर पार्टी को इंग्लैंड के मध्य और उत्तरी हिस्से में बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा है। एक समय ब्रिटेन की राजनीति में ये इलाका लेबर पार्टी का गढ़ हुआ करता था। हालांकि, इस चुनाव में लेबर पार्टी को वेल्स में अच्छी सफलता मिली है।

पाकिस्तान से 1970 में लंदन आया परिवार

सादिक का परिवार पाकिस्तान से 1970 में लंदन आया था। उनका जन्म लंदन में ही हुआ था। सादिक सात भाई और एक बहन है। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ लंदन से कानून में डिग्री हासिल की थी। सादिक ने 1994 में क्रिश्चियन फिशर लीगल फर्म में ट्रैनी वकील के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी। सादिक ने अपनी जीत के भाषण में अपने मूल को लेकर बात करते हुए कहा कि वह लंदन के दक्षिणी हिस्से में एक विविधता भरे माहौल में पैदा हुए। उन्होंने कहा कि मैं काउंसिल स्टेट में एक कामकाजी वर्ग वाले अप्रवासियों के परिवार में पला-बढ़ा बच्चा था, जो अब लंदन का मेयर है।  

 

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.