जयशंकर ने जी-7 के विदेश मंत्रियों की बैठक में कहा- कोरोना से लड़ाई में अपनी जिम्मेदारी निभाएगा भारत

भावी नीतियों में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और लचीलेपन की जरूरत होगी।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को कहा कि टीकाकरण और विविध उत्पादन के जरिये ही कोरोना महामारी से निपटा जा सकता है और भारत इन लक्ष्यों को प्राप्त करने में अपनी जिम्मेदारी निभाएगा। कोरोना महामारी के चलते भारत की स्वास्थ्य सेवा चरमरा गई।

Bhupendra SinghThu, 06 May 2021 12:36 AM (IST)

लंदन, प्रेट्र। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को कहा कि टीकाकरण और विविध उत्पादन के जरिये ही कोरोना महामारी से निपटा जा सकता है और भारत इन लक्ष्यों को प्राप्त करने में अपनी जिम्मेदारी निभाएगा। जी-7 के विदेश और विकास मंत्रियों की बैठक में कई विचारोत्तेजक संवादों की जानकारी देते हुए जयशंकर ने कहा कि ऐसे समय में जब भूराजनीतिक व्यवस्था में तेजी से बदलाव आ रहा है, ज्यादा पारदर्शिता बहुत जरूरी है।

जयशंकर ने कहा- भावी नीतियों में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और लचीलेपन की जरूरत होगी

कोरोना संक्रमण के संभावित खतरे को देखते हुए लंदन में आयोजित बैठक में जयशंकर वर्चुअली शामिल हुए। उन्होंने आमने-सामने की बैठक से अपना नाम वापस ले लिया। बाद में उन्होंने ट्वीट किया, भूराजनीतिक बदलावों ने कोरोना से संबंधित प्रवृत्तियों को तेज किया है। पारदर्शिता, विश्वसनीयता और लचीलापन से आगे की नीतियां संचालित होंगी।

जयशंकर ने कहा- कोरोना से निपटने का टीकाकरण एकमात्र दीर्घकालिक उपाय

उन्होंने आगे कहा, कोरोना से निपटने का टीकाकरण एकमात्र दीर्घकालिक उपाय है। इसमें वैश्विक रूप से विविध उत्पादन, निर्बाध आपूर्ति श्रृंखला और प्रचुर संसाधन की जरूरत होगी। इसमें भारत अपनी भूमिका निभाएगा। बैठक के दौरान फर्जी खबरों से निपटने और वैश्विक जलवायु साझेदारी को मजबूत करने का मुद्दा भी उठा। जयशंकर ने कहा कि खुले समाज और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सावधानी से साथ देखभाल की जरूरत होती है।

जयशंकर ने कहा- बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा चीन के साथ संबंध, सीमा पर शांति जरूरी

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को कहा कि चीन के साथ भारत का संबंध बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा है। नई दिल्ली ने बीजिंग को स्पष्ट कर दिया है कि दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों के लिए सीमा पर शांति बहुत जरूरी है। वैश्विक संवाद श्रृंखला पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कई वर्षो से समझौतों और सहमतियों के उल्लंघन के चलते दोनों देशों का संबंध बेहद मुश्किल दौर में चला गया है।

जयशंकर ने कहा- कोरोना महामारी के चलते भारत की स्वास्थ्य सेवा चरमरा गई 

घरेलू परिस्थितियों का जिक्र करते हुए जयशंकर ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते भारत की स्वास्थ्य सेवा चरमरा गई है। आजादी के बाद 75 वर्षों में सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कम निवेश किया गया। हो सकता है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में कम निवेश के कारण रहे होंगे। यह कहना बहुत आसान है कि आपको ज्यादा पैसा लगाना चाहिए था। अब मैं चूंकि सरकार में हूं इसलिए कह सकता हूं जैसा यह लगता है, उतना आसान नहीं है। यह वही अहसास है, जिसने प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी को आयुष्मान भारत योजना शुरू करने के लिए प्रेरित किया।

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